आज चंदौली जिला मुख्यालय पर हिंदू रक्षा समिति के नेतृत्व में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में एक विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया।

आज चंदौली जिला मुख्यालय पर हिंदू रक्षा समिति के नेतृत्व में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में एक विशाल जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बजरंग दल, और अन्य हिंदू संगठनों के साथ बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। रैली का उद्देश्य बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न और अत्याचारों के प्रति जागरूकता फैलाना और इस मुद्दे पर विश्व स्तर पर आवाज उठाना था।

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो,” “बांग्लादेशी हिंदुओं को न्याय दो,” और “हिंदू धर्म की रक्षा करो” जैसे नारे लगाए। इस रैली ने एकजुटता और दृढ़ता का संदेश दिया, जिसमें सभी ने हिंदू समाज पर हो रहे हमलों के खिलाफ आवाज बुलंद की।

सभा के दौरान हिंदू रक्षा समिति और विश्व हिंदू परिषद के सदस्य ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि यह हिंदू समाज की अस्मिता पर एक गंभीर प्रहार है। वक्ताओं ने बांग्लादेश सरकार से मांग की कि वह हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे और उन पर हो रहे अत्याचारों पर रोक लगाए। उन्होंने भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से भी अपील की कि वे इस मुद्दे को प्राथमिकता दें और आवश्यक कार्रवाई करें।

रैली के समापन पर एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया, जिसमें बांग्लादेश में हिंदुओं के मानवाधिकारों की रक्षा, उनकी सुरक्षा, और धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग की गई। इस जन आक्रोश रैली ने न केवल समाज को जागरूक किया, बल्कि हिंदू एकता और शक्ति का संदेश भी दिया। रैली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और इसमें शामिल सभी लोगों ने हिंदू समाज की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

रिपोर्ट राहुल मेहानी

पितृविसर्जन पर लोगो ने अपने पूर्वजों का किया, तर्पण व पिण्डदान
चहनिया चन्दौली।
पितृपक्ष के अंतिम दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने मॉ भागीरथी गंगा तट पर बलुआ घाट पर अपने-अपने पितरों को तर्पण कर पिंडदान किया और पितृविर्सजन पर विभिन्न अनुष्ठान व पूजन-अर्चन कर घाटो पर व्यंजन चढ़ाकर तर्पण किया।
रविवार की अल सुबह ही श्रद्धालुओं द्वारा पैदल, वाहनों से लोटा, कुश, परास की पत्ती कर हाथो में लिए गंगा तट पर पहुचने लगे और बाजारां में जौ के आटे, दीया, माचिस, अगरबत्ती, मालफूल की खरीददारी करते घाटों पर पहुच कर अपने- अपने पूर्वजां को श्राद्ध तर्पण और पिंडदान में जुटे रहे जो अरान्ह तक चलता रहा।
इस दौरान गंगा के पानी में तेजी से घटाव के कारण चारो तरफ कीचड़ व मिट्टियों का ढ़ेर से लोग हलकान नजर आये। इस दौरान पुलिस चाक चौकस व्यवस्था करने में जुटी रही। इस दौरान चहनियां वाया बलुआ मार्ग पर मेले का दृश्य हो गया और बाल्मिकी इण्टर कालेज के प्रांगण में वहनो का जमघट लगा रहा पिंडदान व तर्पण का कार्य देर अपरान्ह तक चलता रहा।
इसी क्रम में भूपौली, महुअरकला, टॉण्डा सैफपुर, सहित गंगा तटों पर पिंडदान का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों, सरोवरों पर भी श्रद्धालुओं में पिंडदान कर अपने पूर्वजों का तर्पण किया और सुख समृद्धि की कामना व्यक्त किया।
इस दौरान नाई अपनी-अपनी दुकाने रविवार की अल सुबह लगभग 3बजे से खोलकर लोगों का मुण्डन इत्यादी का कार्य करने में जुटे रहे। जिससे नाई की दुकानों पर लोगो की भीड़े जुटी रही। वही माली भी रविवार की अल सुबह माला फूल लेकर घाटो पर जमें रहे।

शारदीय नवरात्री आज से तैयारियां हुई पूर्ण
चहनिया चन्दौली।
शारदीय नवरात्री के पावन अवसर पर क्षेत्र की समस्त देवी मन्दिर की साफ-सफाइ,र् रगाई-पुताई, झालर-बत्ती इत्यादि कार्य पूर्ण कर लिया गया है। राम जानकी मन्दिर रमौली, मां खखरा मन्दिर मटियरा, मॉ बंग्ला भगवती मन्दिर तारगॉव अजगरा, मॉ महरौड़ी देवी मन्दिर कांवर मॉं दुर्गा मन्दिर रामपुर प्रभुपुर बाबा कीनाराम धाम रामगढ़, हनुमानगढ़ी मन्दिर भलेहटा में श्रद्धालुओं द्वारा मन्दिर की साफ-सफाई रगाई-पुताई का कार्य पूर्ण कर आर्कषक विद्युत झालरां से सजाया गया है और शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर अखण्ड रामयण पाठ, रामनाम का सकीर्तन इत्यादि का कार्य प्रारम्भ हो जायेगा। साफ-सफाई, रगाई-पुताई को लेकर बिगत एक सप्ताह पहले से मन्दिर के पुजारी या समितियां लगी हुई थी। जो पूर्ण कर लिया गया है। वही इंस संबंध में बनारसी मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष नवरात्री 10दिनो की होगी और अनवरत पूजा पाठ किया जायेगा।

दीन दयाल हस्तकला संकुल बदलालपुर चांदमारी वाराणसी में संस्कृतिक कार्यक्रम साप्ताहिक होता आ रहा है। आज की प्रस्तुति में  मोहित सहानी जी हारमोनियम पर और गायिका में स्वरमणि भाग्यश्री देशपांडे जी का पूरा योगदान रहा ।