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Harshita Mehani

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में अग्रणी हैं।हमारा उद्देश्य सिर्फ राजनीतिक एवं चटपटी सूचना देना ही नही, बल्कि समाज के समक्ष खबरों को इस ढंग से रखना है कि
उनका वैज्ञानिकवाद में रुझान बढे। हम समाज को ऐसी सूचना देना चाहते है, कि वह उन पर गंभीरता से विचार करें, सिर्फ अपडेट
रहने के लिए नहीं। 

हमारा प्रयास है कि सरल किन्तु गम्भीर शब्दों में जनता के हित के लिए जनता की खबरों को जनता के बीच पहुँचाना।

अली नगर मुगलचक के प्रमुख लिंक रोड पर 5 दिनों से भरा कमर तक पानी, स्कूली बच्चे परेशानअली नगर मुगलचक, जिला चंदौली, 7 अक्टूबर 2025 – जिले में जहाँ एक ओर नेतागण बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, वहीं अली नगर मुगलचक के वार्ड नंबर 3 और 9 को जोड़ने वाली एक प्रमुख सड़क पर विगत 5 दिनों से कमर तक पानी भरा हुआ है। चकिया रोड (आर आर मेमोरियल हॉस्पिटल के सामने) से मुगलचक पानी टंकी होते हुए जीटी रोड तक जाने वाली इस सड़क पर जलभराव से आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।इस मार्ग पर 2 सरकारी स्कूल, 2 प्राइवेट स्कूल, 2 गौशाला, नगर पालिका का स्टोर रूम और एक पानी टंकी स्थित है। स्कूली बच्चों को जूते-मोजे उतारकर पानी में चलकर रोड पार करना पड़ रहा है।स्थानीय निवासियों ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वे नगर के वासी नहीं हैं? क्या उन्होंने वोट नहीं दिया? क्या नगर चेयरमैन और अन्य जनप्रतिनिधियों को इस समस्या की जानकारी नहीं है?आक्रोशित निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि क्या हर समस्या का समाधान केवल जन आंदोलन ही है? क्या चक्का जाम करने पर ही प्रशासन सुनवाई करेगा?स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था करने और स्थायी समाधान की मांग की है।

न्याय को लेकर दर-दर भटक रहे फरियादीमुलसराय चन्दौली। मुगलसराय तहसील क्षेत्र के कैथा उर्फ टड़िया निवासी रामभरोस यादव रास्ते को लेकर दर-दर भटक रहा है। जबकि गांव के ही दबंगों द्वारा जबरी चकरोड को कब्ज कर लिए उसके लिए पिड़ित जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीदार, थाना दिवस, तहसील दिवस, सम्पूर्ण समाधान दिवस जैसे अति महत्वपूर्ण जगहां पर फरियाद लगाई लेकिन अफसोस तो इस बात का है कि आज तक कोई भी अधिकारी मौके पर जाकर सच्चाई जानने का प्रयास नही किया। जबकि पिड़ित माननीय उचच न्यायालय में भी गुहार लगाया जहा से अविलम्ब रास्तो खली कराये जाने का आदेश पारित हुआ लेकिन जनपदस्तरीय अधिकारी माननीय न्याय उच्च न्यायालय के आदेश को धता कर चुप्पी साधे हुए है। जिससे आवागमन करने वाले हलकान हो रहे है। जहॉ एक तरफ सराकर फरियादियों की फरियाद के लिए तरह-तरह के हत्कण्ड़े अपना रही है लेकिन मातहत कानो में तेल डालकर अनजान बने हुए है। वही पिड़ित ने शुक्रवार को जिलाधिकरी महोदय के यह एक फिर प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाया अब देखना यह है कि आगे क्या होता है।

धनुष टूटने का दृश्य देख दर्शक हुए गदगद -शेरवां खखडा गांव में आयोजित श्री राम कथा केतिसरे दिन शुक्रवार की कथा वाचक पंडित मंगलम दीप महाराज कथा में बतलाया कि शिव धनुष टूटते ही चारों तरफ हर-हर महादेव व जय श्रीराम के नारे से पूरा पांडाल सहित गांव गुजायमान हो गया। इस दौरान राजा जनक के सीता स्वयंवर के लिये रखे गये शर्त को जब कोई राजा, देव-दानव-मानव पूरा नही कर पाए तब महाराज जनक निराश हो गये और उन्होने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मैं यह समझता कि यहां कोई भी वीर पुरूष नही सभी का-पुरूष ही का-पुरूष है। तो मैं अपनी बेटी के लिए एेंसा शर्त नही रखता। स्वयंर देखने के उद्देश्य से पहुचे लक्षमण तुरन्त ही उनको बातों से कुद्ध होकर कहे महाराज जनक रघुवंशियो के समक्ष इस तरह के शब्द बोलने का किसी को कोई अधिकार नही यह धनुष क्या चीज है अगर बड़े भैया का आदेश हो तो मैं पूरी पृथ्वी को गेद तरह उठाकर पटक कई टुकड़े कर दूं। जिस पर गुरू विश्वामित्र व प्रभुराम ने लक्षमण को समझाते हुए शान्त करवाया और महाराज जनक की निराशा को आशा में तब्दील करते हुए शुभ-मुहुर्त में विश्वामित्र के आदेशानुसार प्रभु श्रीराम ने धुनष पर तमंचा चढ़ाने गये और तमंचा चढ़ाते ही वह टूट गया। धनुष के टूटते ही चारो तरफ हर-हर महादेव, व जय श्रीराम के नारे से पूरा गांव सहित पंडाल गुजायमान हो गया। इस दौरान कथा में उपस्थित मंगल मिश्रा, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी,बिशाल,मनोहर, अशोक मिश्रा, सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।