मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न

सभी विभागों द्वारा योजनाओं की रैंकिंग सुधारते हुए ‘ए’ श्रेणी में लाने का निर्देश मुख्य विकास अधिकारी

चंदौली/दिनांक 30 दिसम्बर, 2025

मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों और निर्माण परियोजनाओं की प्रगति एवं फीडिंग की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार की गई।

बैठक के दौरान निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (CM Dashboard) पर विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों की जनपद की रैंकिंग शीर्ष स्थान पर रहने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रगति की समीक्षा बैठक में खराब रैंकिंग वाले विभागों को ‘ए’ ग्रेड में लाने के लिए सख्त निर्देश दिए, गुणवत्ता, समय-सीमा और डेटा एंट्री पर जोर दिया, तथा लापरवाही बरतने पर कार्यवाही की चेतावनी दी, ताकि जनपद की रैंकिंग बेहतर हो सके और लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र रैंकिंग ‘ए’ नहीं लाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सभी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने विभागों की योजनाओं की रैंकिंग सुधारते हुए ‘ए’ श्रेणी में लाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा प्राथमिकताओं वाली योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने और उनमें तेजी लाने के लिए की गईं, ताकि जिलों की समग्र प्रगति रिपोर्ट में सुधार हो सके। मुख्य विकास अधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने, समय पर पूरा करने और हर साइट पर साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए, ताकि तकनीकी जांच में कमी न रहे।

बैठक के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी, परियोजना अधिकारी, डीसी मनरेगा, डीसी एनआरएलएम, उपनिदेशक कृषि, अधिशासी अभियंता चंद्रप्रभा, जिला उद्यान अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी एवं संबंधित कार्यदायी संस्था के अधिकारी उपस्थित रहे।

धनुष टूटने का दृश्य देख दर्शक हुए गदगद -शेरवां खखडा गांव में आयोजित श्री राम कथा केतिसरे दिन शुक्रवार की कथा वाचक पंडित मंगलम दीप महाराज कथा में बतलाया कि शिव धनुष टूटते ही चारों तरफ हर-हर महादेव व जय श्रीराम के नारे से पूरा पांडाल सहित गांव गुजायमान हो गया। इस दौरान राजा जनक के सीता स्वयंवर के लिये रखे गये शर्त को जब कोई राजा, देव-दानव-मानव पूरा नही कर पाए तब महाराज जनक निराश हो गये और उन्होने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मैं यह समझता कि यहां कोई भी वीर पुरूष नही सभी का-पुरूष ही का-पुरूष है। तो मैं अपनी बेटी के लिए एेंसा शर्त नही रखता। स्वयंर देखने के उद्देश्य से पहुचे लक्षमण तुरन्त ही उनको बातों से कुद्ध होकर कहे महाराज जनक रघुवंशियो के समक्ष इस तरह के शब्द बोलने का किसी को कोई अधिकार नही यह धनुष क्या चीज है अगर बड़े भैया का आदेश हो तो मैं पूरी पृथ्वी को गेद तरह उठाकर पटक कई टुकड़े कर दूं। जिस पर गुरू विश्वामित्र व प्रभुराम ने लक्षमण को समझाते हुए शान्त करवाया और महाराज जनक की निराशा को आशा में तब्दील करते हुए शुभ-मुहुर्त में विश्वामित्र के आदेशानुसार प्रभु श्रीराम ने धुनष पर तमंचा चढ़ाने गये और तमंचा चढ़ाते ही वह टूट गया। धनुष के टूटते ही चारो तरफ हर-हर महादेव, व जय श्रीराम के नारे से पूरा गांव सहित पंडाल गुजायमान हो गया। इस दौरान कथा में उपस्थित मंगल मिश्रा, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी,बिशाल,मनोहर, अशोक मिश्रा, सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।