भारतीय मानवाधिकार एसेसिएशन की बैठक सम्पन्न
चहनियां चन्दौली

भारतीय मानवाधिकार एसेसिएशन की बैठक सम्पन्न
चहनियां चन्दौली
भारतीय मानवाधिकारी एसोसिएसन की बैठक नेशनल पब्लिक स्कूल बबुरी में सम्पन्न हुई। जिसमें तमाम विन्दुओं पर व्यापक चर्चा कर विचार विमर्श किया गया कि समाज के गरीब तबके के लेगों कैसे समाज के मुख्य धारा में जोड़ा जाय। व्यापक चर्चा करते रविप्रकाश ने कहा कि जैसे शिक्षा आप के द्वार कार्यक्रम का आयेजन कर समाज में दबे कुचले, गरीब, असहाय, अनाथ बच्चों को शिक्षित कर समाज के मुख्य धारा से जोड़े का प्रयास किया जाय। जिसपर सबकी एकमत सहमती हुई। दुसरी तरफ राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर रविप्रकाश द्वारा चर्चा कर पदाधिकारियों को जागरूक किया। बैठक में मुख्य रूप से आयुष पाठक, अरूण पाठक, मनोज कुमार मिश्र, विनोद मिश्र, प्रेम गिरी, नागा बाबा, अशोक, हसमुद्दीन, प्रदीप भारती सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में लोगों में कार्ड का वितरण किया गया।

संवाददाता – राहुल मेहानी

विशाल भंडारे के साथ सात द्विवसीय रामकथा का हुआ समापनमुगलसराय चन्दौली।अलीनगर थाना क्षेत्र स्थित सहरोई गांव में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्री हनुमान जयंती के पावन शुभ अवसर पर नवयुवक मंगल दल सहरोई के तत्वाधान में सात दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया है। कथा अंतिम दिन पंडित शक्ति तिवारी ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। शक्ति तिवारी ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन विशाल भंडारे का आयोजन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान राहुल मिश्रा समाजसेवी, अमित मिश्रा, रोहित, पवन, शिशु, विराट, उमेश, महानंद, दिनेश, शुभम, गोलू, तबला वादक अनिल तिवारी निक्कीरशिक, प्रद्युम्न, सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे।

पीआईएस के विद्यार्थियों ने रचा गौरवशाली इतिहास वाराणसी में आयोजित मण्डल स्तरीय राज्य युवा महोत्सव एवं विज्ञान मेला 2025–26 में पीआईएस के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया।