अधिकारियों के आदेश को मातहत दिखा रहे ठेगा
चहनियां चन्दौली।
क्षेत्र के प्रभुपुर गावं में अराजी नं0 311पर चकरोड बनवाने के लिए पिड़ित वायुनन्दन त्रिपाठी ने उपजिलाधिकारी व खण्ड विकास अधिकारी के यहा प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाया गया। लेकिन उच्चाधिकारियां के आदेश के बावजूद भी मातहत सचिव व प्रारम्भ कार्य कराना उचित नही समझ रहे है। वही पिड़ित वायुनन्दन ने खण्ड विकास अधिकारी से बार-बार मिलने के पर खण्ड विकास अधिकारी ने दो दिन के अन्दर काम लगवाये जाने का आश्वासन देकर प्रार्थी को शान्त कराया। इस संबंध में तत्कालीन एडीओ पंचायत ने सचिव को कार्य कराने का लिखित आदेश दिया था लेकिन सचिव द्वारा उसे नजर अंदाज करते हुए कार्य कराना उचित नही समझा। ग्राम प्रधान चुनावी रंग में रंग कर आलाधिकारियां के आदेश को ठेगा दिखाते हुए ठंण्डे बस्ते में डाल दिया है। अधिकारियों के आदेश को दो-दिन, चार-दिन करते-करते मातहत सचिव व ग्राम प्रधान दो माह बिता दिए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारियों का आदेश का कितना मातहत पालन करते है। अधिकारियों ढ़ुलमुल रवैया पूर्ण आदेश से तंग आकर पिड़ित आमरण अनशन करने का बाध्य हो गया। वही पिड़ित वायुनन्दन ने आलाधिकारियों चेताते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द कार्य प्रारम्भ नही करवाया तो प्रार्थी आमरण अनशन को बाध्य होगा जिसकी सारी जिम्मेदारी मातहतों की होगी।

रिपोर्ट मनोज मिश्रा

धनुष टूटने का दृश्य देख दर्शक हुए गदगद -शेरवां खखडा गांव में आयोजित श्री राम कथा केतिसरे दिन शुक्रवार की कथा वाचक पंडित मंगलम दीप महाराज कथा में बतलाया कि शिव धनुष टूटते ही चारों तरफ हर-हर महादेव व जय श्रीराम के नारे से पूरा पांडाल सहित गांव गुजायमान हो गया। इस दौरान राजा जनक के सीता स्वयंवर के लिये रखे गये शर्त को जब कोई राजा, देव-दानव-मानव पूरा नही कर पाए तब महाराज जनक निराश हो गये और उन्होने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मैं यह समझता कि यहां कोई भी वीर पुरूष नही सभी का-पुरूष ही का-पुरूष है। तो मैं अपनी बेटी के लिए एेंसा शर्त नही रखता। स्वयंर देखने के उद्देश्य से पहुचे लक्षमण तुरन्त ही उनको बातों से कुद्ध होकर कहे महाराज जनक रघुवंशियो के समक्ष इस तरह के शब्द बोलने का किसी को कोई अधिकार नही यह धनुष क्या चीज है अगर बड़े भैया का आदेश हो तो मैं पूरी पृथ्वी को गेद तरह उठाकर पटक कई टुकड़े कर दूं। जिस पर गुरू विश्वामित्र व प्रभुराम ने लक्षमण को समझाते हुए शान्त करवाया और महाराज जनक की निराशा को आशा में तब्दील करते हुए शुभ-मुहुर्त में विश्वामित्र के आदेशानुसार प्रभु श्रीराम ने धुनष पर तमंचा चढ़ाने गये और तमंचा चढ़ाते ही वह टूट गया। धनुष के टूटते ही चारो तरफ हर-हर महादेव, व जय श्रीराम के नारे से पूरा गांव सहित पंडाल गुजायमान हो गया। इस दौरान कथा में उपस्थित मंगल मिश्रा, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी,बिशाल,मनोहर, अशोक मिश्रा, सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन की केंद्रीय टीम ने शैक्षिक गतिविधियों का किया अवलोकनचहनिया चंदौलीशिक्षक संदर्शिका ,पाठ्यपुस्तक,कार्य पुस्तिका एवं सहायक शिक्षण अधिगम सामग्री के उपयोग से बच्चों के सीखने के स्तर एवं क्षमता को बढ़ाया जा रहा है तथा विद्यालय में नामांकन वृद्धि हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है !गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं आकर्षक गतिविधियों के कारण विभिन्न क्षेत्रों के बच्चे विद्यालय में नामांकन करा रहे हैं जिसके परिणाम स्वरूप आज विद्यालय में बेहतर नामांकन और उपस्थिति दर्ज की जा रही है !शिक्षकों ने बताया कि विशेष रेमेडियल अभियान के तहत पिछड़ रहे बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए नियमित प्रयास किया जा रहा है तथा कक्षा – कक्ष में बच्चों के सीखने की गति बढ़ाने हेतु विभिन्न गतिविधियों एवं नवाचार को अपनाया जा रहा है!केंद्रीय टीम में अंकित अरोरा ,निहारिका गुप्ता ,श्रीमोइ भट्टाचार्य ने विद्यालय मैं बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर होने की सराहना की तथा आगामी भविष्य में टीम द्वारा विद्यालय को शैक्षणिक सामग्री से परिपूर्ण करने का भरोसा दिया !इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह यादव, नंदकुमार शर्मा ,लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, बृजेश कुमार मिश्रा, उमा चौबे, प्रदीप कुमार सिंह, उमेश, ममता रानी गुप्ता, रूबी सिंह, गौतम लाल ,राम भजन राम, सुशीला देवी तथा लर्निंग एंड लैंग्वेज फाउंडेशन ब्लॉक चहनिया के शाहनवाज एवं जितेंद्र उपस्थित रहे!