चोरो नकदी सहित लाखां रूपये मूल्य के आभूषण उड़ाया चहनिया चन्दाली

चोरो नकदी सहित लाखां रूपये मूल्य के आभूषण उड़ाया चहनिया चन्दाली
बलुआ थाना क्षेत्र के महुअरिया गांव के अरूण कुमार यादव उर्फ मंटु के घर में बीती रात अज्ञात लोगों के द्वारा लाखो रुपए की नकदी सहित सोने चांदी की जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। जिससे आस-पास के गांव में दहशत कि माहौल है। सूचना पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुट गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार महुआरी के अरुण उर्फ मंटु परिवार के साथ अपने मकान में सोये थे। रात में २ बजे खट-खट की आवाज सुनाई दी। जब परिवार के लोग उपर (सेकेण्ड फ्लोर) पर पहुंचे तो घरों की स्थिति देख सन्न रह गये और शोर-शराबा शुरू हो गया। अरूण ने बताया घरों के बक्सों को तोड़कर चोरों ने लगभग ढाई लाख रुपए नकद, तीन सोने की सिकड़ी, मंगलसूत्र अन्य सोने की समान चोर उठा ले गये। जिसकी सूचना अरूण कुमार यादव ने बलुआ पुलिस को दी।

पांच द्विवसीय रामकथा का हुआ समापन -मिर्जापुर शेरवा खखड़ा गांव में आयोजितपांच दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया था ।कथा अंतिम दिन कथावाचक परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य, उमापती पाठक पूर्व प्रधान, मंगल मिश्रा, सुजीत मोदनवाल, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, अवधेश मिश्रा, मनोहर, प्रसिद्ध तबला वादक अनिल द्विवेदी, बबलू तिवारी, सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित थे।