राष्ट्रीयआय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में पांच बच्चे चैयनित-

राष्ट्रीयआय एवं योग्यता आधारित परीक्षा में पांच बच्चे चैयनित-

 

चहनियाँ चंदौली राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित परीक्षा 2026 में कंपोजिट विद्यालय हृदयपुर के पांच बच्चों ने परीक्षा पास की बच्चों के चयन पर विद्यालय परिवार व अभिभावकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है l प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि इस परीक्षा में पूरे प्रदेश में 157721 बच्चों ने फॉर्म भरा था l इस परीक्षा में 124048 बच्चों ने परीक्षा में प्रतिभा किया था पूरे प्रदेश में 14925 बच्चे चयनित हुए जनपद चंदौली में 204 बच्चों का चयन हुआ l कंपोजिट विद्यालय हृदयपुर में पांच बच्चों का चयन हुआ जिसमें आराध्या यादव 19 वाँ रैंक अंशिका मौर्य 24 वाँ रैंक दीपिका यादव 28 वाँ रैंक निखिल चंद 40वाँ रैंक शिवानंद 47वाँ रैंक जनपद चंदौली में हासिल किया l अब तक विद्द्यालय से कुल 51 बच्चे परीक्षा पास कर चुके है l बच्चों की तैयारी विद्यालय के राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नंद कुमार शर्मा के द्वारा कराया जाता है इसमें विद्यालय के शिक्षकों सहित अभिभावकों में खुशी का माहौल है l चयनित सभी बच्चों को कक्षा 9 से कक्षा 12 तक अध्ययन के दौरान ₹1000 रुपए प्रतिमाह छात्रवृत्ति के तौर पर मिलेगा l नंद कुमार शर्मा ने कहा कि परिषदीय विद्यालय के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है हमारे बच्चे कॉन्वेंट को टक्कर दे रहे हैं, बस उनको सही दिशा देकर प्रेरित करने की जरूरत है l

सीता हरण के दौरान जटायु व रावण का भंयकर युद्ध लीला का हुआ मंचनचहनियां चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के यह सातवें दिन रविवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ के साथ प्रारम्भ किया गया। रामलीला के सातवें दिन रावण ने माता सीता का हरण कर लिया और पुष्पक विमान से वह लंका ले जाने लगा। जिसपर माता सीता की करूण विलाप सुनकर गिद्धराज जटायु ने अपने मित्र की पुत्र बधु सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करने लगा बड़ी भयंकर युद्ध हुआ रावण जटायु की मार को सहन न कर सका और क्रुद्ध होकर भगवान शिव द्वारा प्राप्त चन्द्रहासं खड्ग से जटायु पर वार कर दिया जिसमें जटायु का एक पंख कट गया लेकिन उसके बावजूद भी युद्ध नही थमा तब तक रावण ने दूसरा वार कर दिया। जिसमें जटायू का दूसरा पंख भी काट दिया जिससे आकाश से गिरकर जटायू गंभीर रूप से घायल हो गये। जब प्रभु श्रीराम व लक्षमण अपनी भार्या सीता को जंगल-वन-पहाड़ां से घुमते-घुमते रास्ते में गिरे जटायू से होती है तो जटायू ने पूरा वृतान्त प्रभु श्रीराम को सुनाया और अपना प्राण दिया। जिस पर प्रभु श्रीराम ने अपने पिता के मित्र की पुत्र बनकर अन्त्येष्टि कर सीता माता की खोज करने लगे। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ों कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।

कई सालों से बॉलीवुड के शान जाने माने गोवर्धन असरानी अपने कई किरदारों में हम सब को हंसाते थे आज हम सब के बीच नहीं रहे हम सब उनकी आत्मा को शांति के लिए प्राथना करते हे भगवान उन्हें चारणो में स्थान दे ॐ शांति