एम डी कॉलेज ऑफ फार्मेसी में विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण एवं जागरूकता कार्यक्रम

एम डी कॉलेज ऑफ फार्मेसी में विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण एवं जागरूकता कार्यक्रम

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एमडी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सकलडीहा रोड, चंदौली में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के चेयरमैन डॉ. बी.के. वर्मा एवं प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह द्वारा किया गया।

इस अवसर पर कॉलेज परिसर में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता एवं स्वच्छ पर्यावरण के महत्व पर विचार-विमर्श किया गया।

अपने संबोधन में कॉलेज के चेयरमैन डॉ. बी.के. वर्मा ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को एक-एक पौधा वितरित किया गया तथा उन्हें संकल्प दिलाया गया कि वे इन पौधों को अपने घर अथवा आसपास के क्षेत्र में लगाकर उनकी नियमित देखभाल करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण, शुद्ध वायु और हरित भविष्य का आधार बनेगा।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की शपथ ली। कॉलेज परिवार ने यह संदेश दिया कि “एक स्वस्थ पर्यावरण ही स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है।”

इस अवसर पर सहायक प्रोफेसर याशमीन खान, धर्मेंद्र चौहान, अमित कुमार, सुशील कुमार, दिलीप कुमार, रिंकू, अनुष्का एवं दिव्या सहित कॉलेज के समस्त शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कथा प्रसंग सुनकर भक्त हुए निहाल चहनियां चन्दौली क्षेत्र के पक्खोपुर गांव में श्री त्रिदण्डी स्वामी के शिष्य सुन्दरदास यति जी महराज ने अपने मुखार विन्दु से भगवान विष्णु के अवतारों, विशेष रूप से भगवान कृष्ण की लीलाओं और भक्ति योग का वर्णन किया। स्वामी जी ने बताया कि जब-जब धरा पर पाप का बोझ बढ़ जाता है तब-तब भगवान को किसी न किसी रूप में अवतार लेकर पापियो का ाश कर आमजन को मुक्ति दिलाना है। जब कंस का पाप चरमोकर्ष पर पहुच गया तब नाथ नारायण ने श्रीकृष्ण रूप में जन्म लेकर कंस का अंत करके मथुरा का उद्धार किया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कथा का प्रसंग सुनकर भक्त निहाल हो गये। इस दौरान जिउत बन्धन यदव, राजेश सिंह, प्रभाकर सिंह, निरज पाण्डेय, पंकज पाण्डेय, दीपक सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अशोक, सारनाथ, प्रेमकुमार सिंह सहित सैकड़ो ग्रामवासी मौजूद रहे – चाहनिया चंदौली