विश्व पर्यावरण दिवस पर मानवाधिकार न्यूज़ टीम ने किया वृक्षारोपण

विश्व पर्यावरण दिवस पर मानवाधिकार न्यूज़ टीम ने किया वृक्षारोपण

 

वाराणसी, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मानवाधिकार न्यूज़ टीम द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वाराणसी के बीएलडब्ल्यू कॉलोनी स्थित बीएलडब्ल्यू 352-A परिसर में संपन्न हुआ।

 

यह कार्यक्रम शाइस्ता यास्मीन (जिला महिला प्रमुख, वाराणसी) के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण देने के लिए आज से ही ठोस कदम उठाने होंगे।

 

कार्यक्रम में मानवाधिकार न्यूज़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय रस्तोगी एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राहुल मेहानी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके नेतृत्व में टीम के सदस्यों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

 

इस अवसर पर अंकिता, अजय, संतोष, पीयूष, चैतन्य, कविता, प्रियंका, नीलम, आरती, ईशान, शादाब (मीडिया प्रभारी, वाराणसी) सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

 

राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय रस्तोगी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राहुल मेहानी ने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ उनकी देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है, तभी पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य सफल हो सकेगा।

 

कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने पर्यावरण को स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। मानवाधिकार न्यूज़ टीम द्वारा किया गया यह वृक्षारोपण अभियान समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

विवाहिता ने की खुदकुशी परिजन हुए बेहालचहनिया चंदौली बलुआ थाना क्षेत्र के सोनहुला गांव निवासी सरोज विश्वकर्मा 28वर्ष शुक्रवार की दिन में लगभग 11बजे फासी के फंदे पर झूल अपनी इहलीला समाप्त कर ली।रतनेश विश्वकर्मा की पत्नी सरोज देवी शुक्रवार को दोपहर में आत्म हत्या कर ली जेसे ही इसकी खबर परिजनो के लगी की उनके हाथ पाव फूल गये और तत्काल घटना की जानकरी पुलिस को दी। सूचना पर पहुची पुलिस अग्रिम कार्यवही में जुट गयी। रतनेश की शादी सुर्खापुर जिला मिर्जापुर 8वर्ष पूर्व शादी हुआ था। सरोज के दो बच्चे थे। बड़ी लड़की का नाम रिद्धि लगभग 4वर्ष लड़के का नाम डिग्गू 2वर्ष है। बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। वही स्वजन पत्नी के मायके पिता गिरधारी विश्वकर्मा को सूचित किया। पिता ने आकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पारिवारीक कलह से उबकर सरोज ने अपनी इहलीला समाप्त कर ली। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।

एकल विद्यालय फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (RSS) एकल विद्यालय के द्वारा आरोग्य शिविर का आयोजन आज दिनांक 7 सितंबर 2025 को स्थान : ग्राम सभा रमदतपुर के मिनी सचिवालय में आयोजित किया गया जिसमें- सर सुंदरलाल हॉस्पिटल के (BHU), डॉ सच्चिदानंद जी (राष्ट्रीय सहमंत्री), डा0 सुनील कुमार, डा0 रत्ना गुप्ता, डा0 गजेंद्र प्रताप सिंह, डा0 अंकित कुमार,डा0 अंजलि डॉ0 रोमन आदि सहयोगी उपस्थित थे,शिवर का उद्घाटन ग्राम प्रधान श्री रामचंद्र गुप्ता रामदत्तपुर के द्वारा किया गया संच प्रमुख- शिवकुमारसंच अध्यक्ष- संतोष जीएकल विद्यालय आचार्य – आरती देवी, नीरज देवी, ज्योति राय, इंदु कुमारी,आयोजन कर्ता- प्रिंस पाठक (जिला संयोजक बजरंग दल चंदौली)ग्राम समिति से – दयाशंकर भारती, अंकित कुमार, देवनाथ पांडे, मृत्युंजय बालमुकुंद ओमप्रकाश आदि जन उपस्थित थे,कार्यक्रम का उद्देश्य – एकल विद्यालय फाउंडेशन ऑफ इंडिया के मेडिकल कैंप जोकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा संचालित किया जाता है, मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सा शिविरों के माध्यम से उन तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना है, जिसमें सामान्य रोगों के उपचार, जैसे कि बुखार, खांसी, डेंगू, मलेरिया, डायरिया, आदि से संबंधित एवं मातृ व शिशु देखभाल और स्वच्छता पर जोर दिया जा सके इसके साथ ही, यह फाउंडेशन निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करता है और ग्रामीण समुदायों को समग्र स्वास्थ्य और विकास के अवसर उपलब्ध कराता है।मेडिकल कैंप के विशिष्ट उद्देश्य:स्वास्थ्य शिक्षा:लोगों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षित करना।चिकित्सा सेवाएं:विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना, जिसमें मातृ एवं शिशु देखभाल शामिल है।सामान्य बीमारियों का उपचार:सामान्य रोगों के उपचार के लिए दवाइयाँ वितरित करना।पहुँच में सुधार:ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सुधार करना, जहाँ पहले इन सेवाओं का अभाव होता था।निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य:निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और उपचारात्मक चिकित्सा दोनों पर ध्यान केंद्रित करना।