प्राचीन माँ काली मंदिर का स्थानांतरण, कार्यक्रम और समय निर्धारित किया गया – डीडीयू नगर

प्राचीन माँ काली मंदिर का स्थानांतरण, कार्यक्रम और समय निर्धारित किया गया

डीडीयू नगर

।श्री माता काली धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट मुगलसराय के पदाधिकारियों सदस्यों , पीडब्ल्यूडी एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद जी टी रोड वी आई पी गेट के सामने स्थापित प्राचीन मां काली मंदिर का स्थानांतरण किया जा रहा है।

जी टी रोड वी आई पी गेट के सामने स्थापित पुराने मां काली मंदिर के प्रांगण में 2 जुलाई को माता रानी का श्रृंगार , 3 जुलाई सुबह 11:00 बजे से दुर्गा सप्तशती पाठ , चंडी पाठ एवम् यज्ञ आदि का कार्यक्रम किया जाएगा। जो 3 जुलाई शाम तक चलेगा।

नव निर्मित मां काली मंदिर जी टी रोड सुबास पार्क के बगल में दिनांक तीन जुलाई मंडप रचना, प्रतिष्ठा कार्य आरम्भ

दिनांक 4 चार जुलाई शनिवार को प्रायश्चित, गौ दान ,पंचांग पूजन, अघोर मंत्रादि जाप, कालाहरण, होम कर्म, तत्पश्चात उसी दिन 4 जुलाई को ही शाम 5.00 बजे से पुराने काली मंदिर से 108 महिलाओं द्वारा कलश यात्रा गाजे बाजे के साथ मां काली की मूर्ति प्रस्थान नगर भ्रमण का कार्यक्रम किया जाएगा।

दिनांक 5 जुलाई रविवार मंडप पूजन स्थापन,मूर्ति जलाधिवास, अन्नाधिवास।

दिनांक 6 जुलाई सोमवर को मंडप पूजन, मूर्ति फलादीवास, पुष्प, घृत,रत्न, मिष्ठान्न अधिवास आरती किया जाएगा।

7 जुलाई मंगलवार को मंडप पूजन, मूर्ति स्नपन,नेत्र करण, शैयाधिवास, एवं न्यासादि।

दिनांक 8 जुलाई बुधवार को मंडप पूजन, मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा दोपहर 12.00 बजे तक , हवन पूर्णाहुति उपरोक्त सभी कार्यक्रम सप्तऋषि ब्राह्मण आचार्य द्वारा कार्यक्रम सम्पन्न कराया जाएगा । तत्पश्चात प्रसाद वितरण भंडारा कार्यक्रम के पश्चात रात्रि 7.00 बजे से देवी जागरण का कार्यक्रम नवीन मंदिर सुभाष पार्क के बगल में आयोजित किया जाएगा।यह जानकारी सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष जायसवाल आशु एवं मीडिया प्रभारी एवं सांस्कृतिक मंत्री सुप्रसिद्ध देवी पचरा गीत भजन गायक अशोक सिद्धार्थ केसवानी ने संयुक्त रूप से दिया है।

नासूर बनती जा रही चहनियां में जाम की समस्याचहनिया चन्दौलींशासन के लाख प्रयास के बावजूद भी चहनियॉ बाजार में अतिक्रमण व सड़कां पर ठेला, खोमचा व टेम्पों चालकां की मनमानी तथा सड़कों पर आड़े-तिरछे खड़े वाहनों से प्रायः जाम व झाम की समस्या का दंश झेलना पड़ रहा है। पुलिस के लाख प्रयासों के बावजूद भी चहनियॉ वाया बलुआ मार्ग शिवमन्दिर के पास अबैध टेम्पों स्टैण्ड में लगी टेम्पुओ की लम्बी कतार तथा कस्बा से सैदपुर मार्ग पर टेम्पों व वाहनों को आड़े तिरछे खड़ा कर देने से जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। कभी-कभी तो सवारियों के बैठाने को लेकर बाद-विवाद व लड़ाई झगड़ा की नौबत आ जाती है। बावजूद भी स्थानीय पुलिस पिकेट पर न रहकर चाय-पान की दुकानों पर आराम फरमाते दिखे जाते है। वही लोगों ने दबी जुबान बताया कि अबैध टेम्पों स्टैण्ड के कारण आयेदिन जाम लगता जो स्टैण्ड पुलिस प्रशसन के संरक्षण फलता-फूलता रहता है। वही लोगों ने शासन प्रशासन से यथाशीघ्र बाजार में अतिक्रमण व जाम की समस्या से निजात दिलाये जाने की मांग किया है।

पांच द्विवसीय रामकथा का हुआ समापन -मिर्जापुर शेरवा खखड़ा गांव में आयोजितपांच दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया था ।कथा अंतिम दिन कथावाचक परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य, उमापती पाठक पूर्व प्रधान, मंगल मिश्रा, सुजीत मोदनवाल, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, अवधेश मिश्रा, मनोहर, प्रसिद्ध तबला वादक अनिल द्विवेदी, बबलू तिवारी, सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित थे।

मानवाधिकार न्यूज़ -: जिला चंदौली में बड़ी धूम धाम से मनाया गया छठ पर्व, उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाओं ने पूर्ण किया छठ व्रतउदयाचल सूर्य को अर्घ्य देकर महिलाओं ने पूर्ण किया छठ व्रत ।