जनपद में 30 मार्च से ही गेहूं खरीद शुरू: 69 केंद्रों पर 15 जून तक होगी खरीद, समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल  

जनपद में 30 मार्च से ही गेहूं खरीद शुरू: 69 केंद्रों पर 15 जून तक होगी खरीद, समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल

गेहूं खरीद तेज, एमएसपी में ₹160 की वृद्धिः रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत खरीद 15 जून तक जारी

 

गेंहूँ बेचने के लिये फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य ताकि पीएम किसान सम्मान निधि का मिलता रहें लाभ

 

चंदौली/दिनांक 10 अप्रैल, 2026

 

जनपद में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत 30 मार्च, 2026 से गेहूं खरीद शुरू हो गई है। यह खरीद 15 जून, 2026 तक जारी रहेगी। इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹160 प्रति क्विंटल अधिक है।

 

जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग द्वारा जनपद के किसानों की सहूलियत को देखते हुए जनपद में कुल 69 गेहूं खरीद केंद्रों को मंजूरी दी है। इनमें खाद्य विभाग के 24, पीसीएफ के 21, पीसीयू के 14, यूपीएसएस के 5, भारतीय खाद्य निगम के 4 और मंडी समिति का 1 केंद्र शामिल है। यदि किसानों को और क्रय केंद्र खोलने की मांग होगी तो उस पर तत्काल कार्यवाही कर प्रक्रिया सुनिश्चित होगी।

 

शासन के निर्देशानुसार, बिना फार्मर रजिस्ट्री के गेहूं की खरीद नहीं की जाएगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे क्रय केंद्र पर गेहूं लाने से पहले अपनी फार्मर रजिस्ट्री अवश्य करा लें, ताकि उन्हें बिक्री में कोई असुविधा न हो और पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलता रहें।

 

जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने मंडी में संचालित गेहूं खरीद का निरीक्षण कर मुलभूत सुविधाओं का जायजा लिया गया। उन्होंने बताया कि गेहूं खरीद के लिए जनपद में पर्याप्त मात्रा में बोरे उपलब्ध हैं। शासन के निर्देश पर उचित दर विक्रेताओं से भी बोरे प्राप्त किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने में कोई समस्या नहीं आएगी।

उन्होने कहा गेंहूँ विक्रय से पूर्व किसी भी जनसुविधा केन्द्र साईवर कैफे, मोबाइल फोन ऐप के माध्यम से खाद्य विभाग के पोर्टल Fes.up.gov.in पर आनलाईन पंजीकरण/ नवीनीकरण अवश्य करा लें।

 

पंजीकरण के उपरान्त किसानों का सत्यापन स्वतः ही पोर्टल पर सत्यापित प्रदर्शित हो जायेगा। यदि किसी कारणवश स्यतः सत्यापन प्रदर्शित नहीं होता है और प्रपत्र में लम्बित सत्यापन प्रदर्शित है तो इस स्थिति में किसान भाई अपनी सत्यापित खतौनी, खसरा, आधार कार्ड एवं अपना पंजीयन प्रपत्र लेकर सीधे केन्द्र पर जाये, जहाँ उनका गेंहूँ कय केन्द्र प्रभारी द्वारा इन्हीं प्रपत्रों के आधार पर कय कर लिया जायेगा। यहाँ यह विशेष अवगत कराना है कि सत्यापन हेतु लेखपाल अथवा किसी भी राजस्व कार्यालय में कृषकों को सत्यापन हेतु नहीं जाना है।

आरएसएस शताब्दी वर्ष पर हुआ पथ संचलनचहनिया चंदौलीक्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी 100वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा पूर्ण कर शताब्दी वर्ष का शुभारंभ कस्बे के एक कॉन्वेंट स्कूल में उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों सहित समाज के प्रमुख जनसमुदाय ने सहभागिता की। आयोजन की शुरुआत ध्वजारोहण, शस्त्र पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शिवपूजन जी ने भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। सह कार्यवाह रविन्द्र ने संबोधन में कहा कि राम मंदिर का निर्माण संघ के वर्षों के अथक प्रयासों का परिणाम है। संघ वैदिक और सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जो ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के मार्ग पर चलता है। संघ चालक रविन्द्र ने उद्बोधन में कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है। संघ ने बीते 100 वर्षों में समाज को संगठित कर एक ध्येय पथ पर अग्रसर किया है। आज देश के कोने-कोने में संघ की शाखाएं कार्यरत हैं। हिंदुत्व समन्वय का विचार है, जिसमें बौद्ध, जैन, सिख सभी धर्मों को स्थान प्राप्त है। “रामराज्य और हिंदू राष्ट्र दो नहीं, एक ही उद्देश्य के रूप हैं,” ऐसा कहते हुए उन्होंने राष्ट्रभक्ति, सेवा और अनुशासन के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वही संघ संचालक ने कहा कि स्वदेशी अपना कर अपने देश को मजबूत किया जा सकता आप सभी से लोग स्वदेशी सामानों का उपयोग व उपभेग करे हमारा देश तरक्की कर सके। कार्यक्रम के उपरांत पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों का पथ बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल से चहनिया बाजार मार्ग से होते हुए बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल पर आकर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सह खंड कार्यवाहक सुमन, संचालक शिवपूजन तिवारी, विभाग संघ दीपक, संघ चालक रविन्द्र, मुकेश, आशीष, अमरीश, अमरीश सिंह भोला, सूर्यमुनि तिवारी, अमित, चन्दन, इंद्रसेन सहित अनेक स्वयंसेवक संघ के सदस्य उपस्थित रहे।