नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के आरोपी को मिली अग्रिम ज़मानत

वाराणसी@मानवाधिकार न्यूज़: माननीय प्रभारी सत्र न्यायालय राकेश पाण्डेय की अदालत ने नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले अभियुक्त रोहित सिंह निवासी बड़ागणेश थाना कोतवाली जनपद वाराणसी का प्रथम अग्रिम ज़मानत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुआ सशर्त जमानत दे दी। अदालत में याची की ओर से पक्ष अधिवक्ता पवन कुमार शर्मा, अधिवक्ता नीरज गुप्ता व अधिवक्ता सैयद शावेज़ फिरोज़ ने रखा। अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध जिला शासकीय अधिवक्ता ने किया।

जाने क्या हैं मामला
संक्षेप में अभियोजन का कथन है की वादिनी प्रीती कुमारी बसंत महिला कॉलेज वाराणसी की छात्रा है, जिसने कुछ दिन पहले नौकरी डॉट कॉम वेबसाइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। उसके घर के हालात ठीक नहीं थे इसलिए उसे नौकरी की सख्त आवश्यकता थी। उसे एक नंबर से कॉल आता है और सारे शैक्षिक प्रमाण पत्र मांगे जाते हैं। फिर रुपयों की मांग अलग अलग मद में की जाती है। जिस खाते में रूपया भेजा जाता है वो अभियोजन के अनुसार याची रोहित सिंह का है। जिसके खिलाफ 420 आईपीसी व 66 आईटी एक्ट के तहत परिवाद 704 सन 2020 दर्ज है।
अदालत में याची की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता पवन कुमार शर्मा, अधिवक्ता नीरज गुप्ता व अधिवक्ता सैयद शावेज़ फिरोज़ ने बताया की प्रार्थी निर्दोष है और जांच में सहयोग भी कर रहा है और उक्त मामले में सजा भी सात वर्ष से कम हैं। जिसके बाद अभियोजन में अग्रिम जमानत का विरोध किया लेकिन ये स्वीकार किया कि याची जांच में सहयोग कर रहा है। तमाम तथ्यों और सत्यों के प्रकाश में माननीय सत्र न्यायालय ने याची को सशर्त अग्रिम जमानत दे दी।

पांच द्विवसीय रामकथा का हुआ समापन -मिर्जापुर शेरवा खखड़ा गांव में आयोजितपांच दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया था ।कथा अंतिम दिन कथावाचक परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य, उमापती पाठक पूर्व प्रधान, मंगल मिश्रा, सुजीत मोदनवाल, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, अवधेश मिश्रा, मनोहर, प्रसिद्ध तबला वादक अनिल द्विवेदी, बबलू तिवारी, सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित थे।