चंदौली में दर्दनाक हादसा: सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से चार लोगों की मौत, जहरीली गैस से गई जान

मानवाधिकार न्यूज़
चंदौली जिले के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के लाट नंबर दो स्थित एक मकान में बुधवार रात सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आकर तीन सफाईकर्मी टैंक में गिर गए। इस दौरान मजदूरों को बचाने के चक्कर में भवन स्वामी का पुत्र भी टैंक में गिर गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने चारों को बाहर निकाला। इसके बाद तीन को जिला चिकित्सालय और एक को ट्रामा सेंटर ले गए। जहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई।
यह है पूरा मामला
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के लाट नंबर दो निवासी भरतलाल जायसवाल के घर पर बुधवार की रात लगभग 12 बजे कालीमहाल निवासी सफाईकर्मी विनोद रावत (35) वर्ष, कुंदन (42) और लोहा (23) सेप्टिक टैंक सफाई का कार्य कर रहे थे। लोगों के अनुसार टैंक लगभग 12 फुट गहरा था। तीनों सफाईकर्मी आधा टैंक साफ कर चुके थे। इस दौरान तीनों मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए।
एक- एक करके तीनों मजदूर टैंक में गिर गए। सफाईकर्मियों को टैंक में गिरता देख भवन स्वामी का पुत्र अंकुर जायसवाल (23) उन्हें बचाने में जुट गया। इस दौरान अंकुर भी टैंक में गिर गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह चारों को टैंक से बाहर निकाला।

इसके बाद एक को ट्रामा सेंटर और तीन लोगों को जिला चिकित्सालय ले गए। जहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई। घटना को लेकर कालीमहाल सभासद प्रतिनिधि नितिन गुप्ता ने सफाईकर्मियों को मुआवजा दिए जाने की मांग जिला प्रशासन से की है।

संवाददाता -: अभिषेक निगम

विद्यालय में जर्जर पीपल का पड़ टूटी चहारदिवारी से खतराजागरण संवादाता चहनिया चन्दौली।क्षेत्र स्थित कम्पेजिट विद्यालय लक्षमनगढ़ में विद्यालय की चहार दिवारी गुणवत्ता विहीन बनने के कारण जगह-जगह टूट कर क्षतिग्रस्त हे गयी। साथ विद्यालय प्रागण से सअे विशालकाय जर्जर पीपल का पेड़ भारी दुर्घटना को दावत दे रहा है। इतनी बड़ी गम्भीर समस्या से विद्यालय सबंधित अध्किारी, ग्राम प्रधान जिले के अधिकारी मौन साधे हुए है।गौरतलब तो यह है कि प्रायः बच्चे विद्यालय के प्रागण में ख्ेलते नजर आते है और चहारदिवारी अूटी होने के कारण वह कब विद्यालय से बाहर हो जायेगे इसका किसी को अंदाजा नही रहता। इतना ही बलिक बच्चे खेलते-खेते उसी विशालकाय जर्जर पीपल के बृक्ष के नीचे आकर बैठ जाते है और वह पेड़ कब गिर जायेगा इसे कोई नही बता सकता। जबकि इस वर्ष पेड़ काफी पुराना होने के कारण भयंकर वारिष व तेज हवा के कारण वह 75अंश के कोण पर आकर टिका हुआ वह कब जमीदोज हो जायेगा यह भगवान भरोसे ही है। जबकि गौर करे तो विद्यालय प्रांगण में अगर बारिश हो जाय तो जलजमाव का होना तय है। वही ग्रामीणां सहित गाव के सम्भ्रान्तां का कहना है कि शिक्षा के विभाग के आलाधिकारी तत्काल मामले को गम्भीरता से लेते हुए जर्जर पीपल को कटवाते हुए टूटी हुई चहारदिवारी को अविलम्ब बनवाये जाने की मांग की है। ताकि समय रहते भारी घटना को रोका जा सके। इस संदर्भ में एबीएस सुरेन्द्र सहाय ने बताया मामला संज्ञान में नही जाचं कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।