लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन की केंद्रीय टीम ने शैक्षिक गतिविधियों का किया अवलोकनचहनिया चंदौलीशिक्षक संदर्शिका ,पाठ्यपुस्तक,कार्य पुस्तिका एवं सहायक शिक्षण अधिगम सामग्री के उपयोग से बच्चों के सीखने के स्तर एवं क्षमता को बढ़ाया जा रहा है तथा विद्यालय में नामांकन वृद्धि हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहा है !गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं आकर्षक गतिविधियों के कारण विभिन्न क्षेत्रों के बच्चे विद्यालय में नामांकन करा रहे हैं जिसके परिणाम स्वरूप आज विद्यालय में बेहतर नामांकन और उपस्थिति दर्ज की जा रही है !शिक्षकों ने बताया कि विशेष रेमेडियल अभियान के तहत पिछड़ रहे बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए नियमित प्रयास किया जा रहा है तथा कक्षा – कक्ष में बच्चों के सीखने की गति बढ़ाने हेतु विभिन्न गतिविधियों एवं नवाचार को अपनाया जा रहा है!केंद्रीय टीम में अंकित अरोरा ,निहारिका गुप्ता ,श्रीमोइ भट्टाचार्य ने विद्यालय मैं बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता बेहतर होने की सराहना की तथा आगामी भविष्य में टीम द्वारा विद्यालय को शैक्षणिक सामग्री से परिपूर्ण करने का भरोसा दिया !इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह यादव, नंदकुमार शर्मा ,लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, बृजेश कुमार मिश्रा, उमा चौबे, प्रदीप कुमार सिंह, उमेश, ममता रानी गुप्ता, रूबी सिंह, गौतम लाल ,राम भजन राम, सुशीला देवी तथा लर्निंग एंड लैंग्वेज फाउंडेशन ब्लॉक चहनिया के शाहनवाज एवं जितेंद्र उपस्थित रहे!

रिपोर्ट मनोज मिश्रा

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से मज़दूरों को समर्पित एक अपील
“फिर से चाहिए 8 घंटे का अधिकार –
मज़दूर न किसी का ग़ुलाम है, न कोई व्यापार!”

आज 1 मई – अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस है। यह वह दिन है जब पूरी दुनिया उन मेहनतकश हाथों को सलाम करती है, जिन्होंने अपने खून-पसीने से दुनिया का निर्माण किया है।
लेकिन आज एक बार फिर वही सवाल खड़ा है –
क्या हमारे मज़दूरों को वह सम्मान, वह अधिकार मिल पा रहे हैं जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी थी?

1886 में अमेरिका के शिकागो में जब मज़दूरों ने 8 घंटे की शिफ्ट के लिए अपनी जानें दीं, तब जाकर यह अधिकार मिला।
मगर आज फिर वही मज़दूर 12 से 18 घंटे काम करने को विवश है –
कम मज़दूरी, ज़्यादा काम, और सम्मान शून्य।

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से हम यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं:

8 घंटे का काम मज़दूर का हक़ है, एहसान नहीं।

हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, और काम का सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए।

मज़दूर को कोई ठेके का सामान न समझें – वह भी एक इंसान है, जिसके सपने हैं, परिवार है, और जीने का हक़ है।


आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है –
मज़दूरों की आवाज़ को फिर से बुलंद करना।
उनके हक़ के लिए एकजुट होना।

हमारा संकल्प:
“रोटी भी चाहिए, इज़्ज़त भी चाहिए,
इंसान हैं हम – गुलाम नहीं!”

आपका
संजय रस्तोगी
राष्ट्रीय अध्यक्ष – मानवाधिकार न्यूज़

छुट्टा पशुओं से हो रही आयेदिन दुर्घटनाएंचहनियां चंदौलीक्षेत्र में इस समय छुट्टा पशुओं का आतंक इतना बढ़ गया है कि यह छुट्टा पशु कस्बा तथा बाजारों में दिन-रात घूमते रहते हैं और नतीजा तब बिगड़ता है जब वह सड़क पर टहलते रहते हैं और दो पहिया व चार पहिया वाहनों से टकरा जाते हैं जिससे छुट्टा पशु और वाहन चालक दोनों घायल हो जाते हैं। इस प्रकार विगत एक माह में अब तक आधा दर्जन लोग छुट्टा पशुओं से टकराकर घायल हो गये और अस्पताल में भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं। आधा दर्जन पशु मौत के मुंह में समा गये। इसी प्रकार शनिवार को प्रातः कस्बा में एक छुट्टा गाय पिकअप से टकराकर मर गयी और चालक बचते-बचाते भाग खड़ा हुआ। इस प्रकार इनके आतंक से किसान भी त्रस्त हो चले हैं। जिनकी फसलों को नष्ट कर रहे हैं परंतु इन्हें गौशाला नहीं भेजा जा रहा है। जबकि सरकार द्वारा लाखों रूपये खर्च गौशालाआें का निर्माण करवाया है लेकिन जिम्मेदरान अपने दायित्यों से मुॅह मोड़ भारी दुर्घटना की बाट जोह रहे है। वही लोगों ने इस ओर जिलाधिकारी महोदय का ध्यान आकृष्ट करवाते हुए अविलम्ब छुट्टा पशुओं को पकड़कर गौशाला में भेजवाये जाने की गुहार लगाया है। ताकि फसल व जनहानि दोनो से लोगो को राहत दिलाई जा सके।

नम आंखों से किया गया मां दुर्गा का विसर्जन
जागरण संवाददाता चहानिया चंदौली
चहनिया क्षेत्र में नवरात्र के दुर्गा पूजा के समाप्ति के बाद चहनिया ,बलुआ, रामोली जुड़ा हरधन ,सोनबरसा मझिलेपुर सैकड़ो गांव के भक्तों ने मां के प्रतिमा को आस्था और उत्साह के साथ विसर्जन किया स्थापित सभी दुर्गा पंडालो में शुक्रवार को वैदिक मंत्र के साथ पुरोहित ने विधि पूर्वक विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की विसर्जन करने से पहले मां दुर्गा का पूजा अर्चना किया गया। विसर्जन जुलूस के दौरान मां दुर्गा का विदाई देने के लिए श्रद्धालुओं ने जमकर जयकारा लगाये। जुलूस के दौरान  मां के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लगी रही वही भक्तगण डीजे वह ढोल नगाड़ों के साथ नाचते गाते मां का जयकारा लगाते हुए अबीर गुलाब के साथ लगा कर मां दुर्गा को विसर्जन किया गया किसी प्रकार के अप्रिय घटना न हो इसको लेकर बलुआ थाना अध्यक्ष अतुल कुमार के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन प्रतिमा विसर्जन यात्रा में विशेष नजर बनाए रखे थे।