पारिवारिक विवाद में विवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या-

चंदौली चहनिया बलुआ थाना क्षेत्र के जुड़ा हरधन गांव में 22 वर्सीय विवाहिता तारा देवी ने गुरुवार की दोपहर को फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया । पति और अन्य परिजन काम मे व्यस्त थे । चाचा अतवारू की लड़की रम्भा नें मुक्की में से देखी तो शोर मचाने लगी । पेट मे बच्चा होने के कारण परिजन शव को उतार पुलिस को सूचना दी । पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम को भेज दिया । वही अग्रिम कार्यवाही में जुट गयी । मायके पक्ष के परिजनो ने दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया ।
जुड़ा हरधन गांव के रहने वाले बिनोद राम के पुत्र बसंत कुमार की शादी 21 मई 2025 को चन्दौली कोतवाली के कोडरिया गांव में पुनवासी के पुत्री तारा देवी से हुई थी । उसके पेट मे एक बच्चा भी था । मृतका के ससुराल पक्ष के परिजनों के अनुसार बसंत की बहने और रिश्तेदार छठ पूजा में घर आये थे । बसंत की एक बहन नदेसर की रहने वाली सोनी जो छठ पूजा करने के लिए आयी थी । उसी रात को सभी ने भोजन किया । तारा देवी के भोजन न करने पर पति पत्नी में झगड़ा हुआ था । शादी के तीन दिन बाद ही मृतका ने सिंदूर पी लिया था । कई बार आत्महत्या करने का प्रयास किया । छठ पूजा के दिन पति पत्नी में आपसी विवाद होने पर मृतका के पिता ने आकर दोनो को समझा बुझाकर मामला शांत कराया था । गुरुवार की दोपहर में लगभग 3 बजे विवाहिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर लिया । उस समय उसका पति सुबह से ही अपने बहनों को घर, घर छोड़ रहा था । ससुर पशु को चारा डालकर हांथ धोने के लिये थोड़ी दूर चले गये । सास और अन्य परिजन भी इधर उधर काम मे व्यस्त थे । विवाहिता ने कमरे के अंदर फांसी लगाकर जान आत्महत्या कर ली । बसंत के चाचा की लड़की किसी कार्यवश घर आई तो दरवाजा न खुलने पर मुक्की में झांककर देखा तो शोर मचाने लगी । ग्रामीणों ने घटना की सूचना बलुआ पुलिस को दिया । मौके पर पहुँचे बलुआ एसओ अतुल कुमार ने शव को कब्जे में लेकर ग्रामीणो से पूछताछ किया । वही मायके पक्ष के पिता पुनवासी ने बलुआ थाने में शाम को तहरीर दिया कि मेरी पुत्री की हत्या दहेज के लिए किया गया है ।
इस संदर्भ में बलुआ एसओ अतुल कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर मायके पक्ष के परिजनों द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर कार्यवाही की जा रही है ।

रिपोर्ट मनोज मिश्रा

सीता हरण के दौरान जटायु व रावण का भंयकर युद्ध लीला का हुआ मंचनचहनियां चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के यह सातवें दिन रविवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ के साथ प्रारम्भ किया गया। रामलीला के सातवें दिन रावण ने माता सीता का हरण कर लिया और पुष्पक विमान से वह लंका ले जाने लगा। जिसपर माता सीता की करूण विलाप सुनकर गिद्धराज जटायु ने अपने मित्र की पुत्र बधु सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करने लगा बड़ी भयंकर युद्ध हुआ रावण जटायु की मार को सहन न कर सका और क्रुद्ध होकर भगवान शिव द्वारा प्राप्त चन्द्रहासं खड्ग से जटायु पर वार कर दिया जिसमें जटायु का एक पंख कट गया लेकिन उसके बावजूद भी युद्ध नही थमा तब तक रावण ने दूसरा वार कर दिया। जिसमें जटायू का दूसरा पंख भी काट दिया जिससे आकाश से गिरकर जटायू गंभीर रूप से घायल हो गये। जब प्रभु श्रीराम व लक्षमण अपनी भार्या सीता को जंगल-वन-पहाड़ां से घुमते-घुमते रास्ते में गिरे जटायू से होती है तो जटायू ने पूरा वृतान्त प्रभु श्रीराम को सुनाया और अपना प्राण दिया। जिस पर प्रभु श्रीराम ने अपने पिता के मित्र की पुत्र बनकर अन्त्येष्टि कर सीता माता की खोज करने लगे। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ों कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।