प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई की अध्यक्षता में सकलडीहा तहसील सभागार में हुआ सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन – चंदौली/दिनांक 06 दिसम्बर, 2025

प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई की अध्यक्षता में सकलडीहा तहसील सभागार में हुआ सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन – चंदौली/दिनांक 06 दिसम्बर, 2025

आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए शनिवार को प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साई और अपर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में जिलास्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस सकलडीहा तहसील सभागार में आयोजित हुई।

इस अवसर पर प्रभारी जिलाधिकारी- अपर पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों ने आये हुए फरियादियों के समस्याओं की गम्भीरता पूर्वक सुनवाई करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को समयबद्धता के साथ गुणवत्तापरक निस्तारण के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों निर्देश दिया कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन कर ग्रामीणों को लाभ दिलाए। इसके अलावा सरकारी विभागों से संबंधित चल रही निर्माण कार्य का सम्बन्धित विभाग समय-समय पर गुणवत्ता जांचते रहे।

जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसमस्याओं का निस्तारण करते हुए गरीब व पीड़ित व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर न्याय दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का निस्तारण शासन की प्राथमिकताओं में है, इसलिए सभी अधिकारी रूचि लेकर गुणवत्तायुक्त ढंग से निस्तारण सुनिश्चित करे।

इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वाई के राय, उप जिलाधिकारी सकलडीहा,पी डी डी आरडीए, जिला पंचायती राज अधिकारी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थानाध्यक्ष, खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

विशाल भंडारे के साथ सात द्विवसीय रामकथा का हुआ समापनमुगलसराय चन्दौली।अलीनगर थाना क्षेत्र स्थित सहरोई गांव में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्री हनुमान जयंती के पावन शुभ अवसर पर नवयुवक मंगल दल सहरोई के तत्वाधान में सात दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया है। कथा अंतिम दिन पंडित शक्ति तिवारी ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। शक्ति तिवारी ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन विशाल भंडारे का आयोजन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान राहुल मिश्रा समाजसेवी, अमित मिश्रा, रोहित, पवन, शिशु, विराट, उमेश, महानंद, दिनेश, शुभम, गोलू, तबला वादक अनिल तिवारी निक्कीरशिक, प्रद्युम्न, सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे।