मानवाधिकार न्यूज -: प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल में दो दिवसीय वार्षिक खेल प्रतियोगिता सम्पन्न।

प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल में दो दिवसीय वार्षिक खेल प्रतियोगिता सम्पन्न।

प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद दिनांक 15 व 16 दिसंबर 2023 को सम्पन्न हुई। प्रतियोगिता के पहले दिन मुख्य अतिथि श्री उदयभान सिंह का मार्च पास्ट व वेलकम गीत के साथ स्वागत हुआ।उन्होनें दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। ततपश्चात विभिन्न स्पर्धाएं प्रारम्भ हुई। पहले दिन प्राथमिक वर्ग के बच्चों ने विभिन्न खेलों में प्रतिभाग किया। बालिका वर्ग 50 मीटर दौड़ में काव्या एवं बालक वर्ग में सुमित ने पहला स्थान प्राप्त किया। 200 मीटर दौड़ में बालक वर्ग में रोशन ने बाजी मारी। फ्रॉग रेस बालक वर्ग में करण तो बालिका वर्ग में मीनाक्षी ने बाजी मारी। फ्रेंडशिप रेश में बालक वर्ग में लवकुश, अंश आयुष विजेता रहे।
दूसरे दिन के खेल में जूनियर वर्ग ने प्रतिभाग किया, जिसमें रेड हाउस, ब्लू हाउस, पिंक हाउस व ग्रीन हाउस की टीमों के बीच विभिन्न खेलों में कड़ा मुकाबला हुआ। इसमें दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद, डिस्कस थ्रो, बॉलीबाल, कबड्डी व खो-खो में कांटे की टक्कर हुई।
200 मीटर जूनियर बालक वर्ग दौड़ में अभय यादव प्रथम,100 मीटर जूनियर बालक वर्ग दौड़ में गौरव प्रथम, वालीबॉल में ग्रीन हाउस विजेता रही, डिस्कस थ्रो में बालक वर्ग में अमन तो वहीं बालिका वर्ग में आर्या प्रथम रही। खो-खो में रेड हाउस टीम विजेता रही, रिले-रेस में गौरव-अरुण विजेता रहे, जैबलिन थ्रो में बालिका वर्ग में साक्षी व बालक वर्ग में दिव्यांश ने बाजी मारी तथा लॉन्ग जम्प बालक वर्ग में यश व बालिका वर्ग में श्रेया विजेता रही।
कार्यक्रम के अतिथिगण क्रमशः श्री उदयभान सिंह , श्री सूर्यभान सिंह व श्री राम सिंह जी ने विजेताओं को मेडल व प्रमाण-पत्र प्रदान किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
प्रबंधक श्री दिवाकर यादव ने सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की व खेल की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल से शरीर व मस्तिष्क दोनों स्वस्थ रहते हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य आर पी सिंह ने बच्चों को खेल भावना का महत्व बताया साथ ही बताया कि खेल में हार-जीत लगी रहती है, हमें हारने पर निराश नही होना चाहिए व सदैव उत्साह के साथ खेल में प्रतिभाग करना चाहिए। वहीं उप प्रधानाचार्य सुशील शाही ने आए हुए अतिथियों एवं अभिभावकों का आभार प्रकट किया। इस दौरान खेल शिक्षक अनुराग सहित राधे मोहन, सुम्बुल, कहकशाँ, राजेन्द्र, सुनील, अखिलेश, सौरभ, लता, ज्योति, पूजा, शिवानी, दीपमाला, सुनीता, अपर्णा, गोपाल, शाहनवाज, शशांक, सोनी, सोमा, सुनेजा, वंदना, रामबली, राहुल गुप्ता, अखिलेश, अंकित सहित अन्य समस्त शिक्षकजनों ने खेल के निर्णायक मंडल में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय परिवार ने खेलोत्सव को सफल सम्पन्न कराने हेतु समस्त शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारीगण व छात्र कौंसिल के सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कथा प्रसंग सुनकर भक्त हुए निहाल चहनियां चन्दौली क्षेत्र के पक्खोपुर गांव में श्री त्रिदण्डी स्वामी के शिष्य सुन्दरदास यति जी महराज ने अपने मुखार विन्दु से भगवान विष्णु के अवतारों, विशेष रूप से भगवान कृष्ण की लीलाओं और भक्ति योग का वर्णन किया। स्वामी जी ने बताया कि जब-जब धरा पर पाप का बोझ बढ़ जाता है तब-तब भगवान को किसी न किसी रूप में अवतार लेकर पापियो का ाश कर आमजन को मुक्ति दिलाना है। जब कंस का पाप चरमोकर्ष पर पहुच गया तब नाथ नारायण ने श्रीकृष्ण रूप में जन्म लेकर कंस का अंत करके मथुरा का उद्धार किया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कथा का प्रसंग सुनकर भक्त निहाल हो गये। इस दौरान जिउत बन्धन यदव, राजेश सिंह, प्रभाकर सिंह, निरज पाण्डेय, पंकज पाण्डेय, दीपक सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अशोक, सारनाथ, प्रेमकुमार सिंह सहित सैकड़ो ग्रामवासी मौजूद रहे – चाहनिया चंदौली

???? बड़ा फैसला: जलस्तर बढ़ने के कारण राजघाट पुल बंद, प्रशासन सतर्क ????
मानवाधिकार न्यूज़ | बनारस-चंदौली | 05 अगस्त 2025

आज रात लगभग 9:00 बजे प्रशासन ने बनारस और चंदौली को जोड़ने वाले राजघाट पुल को बंद कर दिया। गंगा नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ने के कारण यह एहतियाती कदम उठाया गया।

सूत्रों के अनुसार, मिर्जापुर या इलाहाबाद (प्रयागराज) के आसपास किसी पीपा पुल के टूटने से उसका मलबा गंगा की तेज धारा के साथ राजघाट पुल की ओर बढ़ रहा था, जिससे टकराव और क्षति की आशंका बढ़ गई थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुल को अस्थायी रूप से बंद किया गया, लेकिन प्रशासन द्वारा सोच-विचार के बाद करीब 1 घंटे के लिए पुल को दोबारा खोला गया, ताकि लोग सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें।

इसके बाद, 10:30 बजे से लेकर रात लगभग 10:45 (पोने 11 बजे) तक पुल को फिर से पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया, क्योंकि गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, सुरक्षित रहें और आवश्यक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सूत्रों पर ही भरोसा करें।