लाखों लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी  चहनिया चंदौली 

लाखों लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी  चहनिया चंदौली

पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आये श्रद्धालुओं का हुजूम रविवार को मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर मां भागीरथी के पश्चिम वाहिनी बलुआ तट पर लगभग एक किलोमीटर के दायरे में डुबकी लगाई। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मां गंगा से आर्शीवाद लिया।पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आए श्रद्धालुओं के हुजूम ने रविवार को मौनी अमावस्या के पावन मौके पर मां भागीरथी के पश्चिम वाहिनी बलुआ तट पर आस्था की डुबकी लगाई। स्थानीय कस्बा से लेकर बलुआ घाट तक लगभग पांच किलोमीटर क्षेत्र में ऐसा लग रहा था मानों साक्षात देवता मनुष्य का रूप धारण कर पृथ्वी पर उतर आए हों। पौराणिक मान्यता कि पश्चिम वाहिनी स्नान पर्व की कहानी गंगा अवतरण से जुड़ी है। जनपद सहित जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर सहित बिहार प्रान्त के समीपवर्ती जिले के श्रद्धालुओं ने मां गंगा के जल में आस्था की डुबकी लगा पुण्य लाभ कमाया। शनिवार की रात्रि में दो बजे से ही घाट पर भीड़ का जमावड़ा होने लगा। भोर से पूर्व ही श्रद्धालु गंगा जल में डुबकी लगाने लगे। पूजा पाठ कराने वाले भी भोर से ही घाटों पर चौकियां आदि रखकर जम गए। स्नान के बाद गंगा आरती, पूजा पाठ संकल्प कराया गया। सूरज की किरणों के धरती पर आने तक गंगा तट श्रद्धालुओं की भीड़ से पट गया। चहनियां चौराहे से घाट तक ऐसी भीड़ कि आने-जाने वालों की लड़ी नहीं टूट रही थी।मेले का बच्चों ने उठाया लुत्फ

 

पश्चिम वाहिनी तट पर मेले में आए स्नानार्थियों ने स्नानकर दान पुण्य के उपरान्त मेले का खूब लुत्फ उठाया। बच्चे चरखी, झूला का आनंद लेने में मशगूल रहे। वहीं गुड़हिया जलेबी की भी खूब डिमांड रही। महिलाओं ने घरेलू सामान की भी खूब खरीदारी की। आधुनिक युग में भी ओखली व मुसल आकर्षण का केंद्र रहा। लोग अपने सिर पर रखकर अपने गंतव्य को जाते रहे। जिला प्रशासन रहा मुस्तैद

 

मेले में आये स्नानार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर जिला व पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। पुलिस कर्मी, महिला कांस्टेबल, जल पुलिस बराबर चक्रमण करती रही। सीओ स्नेहा त्रिपाठी , एसडीएम कुन्दन राज ,थानाध्यक्ष अतुल कुमार हमराहियों के साथ मेला क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।

प्रबोधिनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने़ लगाई आस्था की डुबकीचहनिया चन्दौली।क्षेत्र के मां भागीरथी के पश्चिमी वाहिनी बलुआ घाट पर प्रबोधिनी एकादशी के पावन पर्व पर हजारां श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाते हुए मन्दिर पूजा पाठ कर याचक ओर भिक्षुओं का दानपुन्य कर यश के भागी बने। इसी क्रम में क्षेत्र के महुआरी, कांवर, महुअरकलां, पूरा विजयी, तिरगावां, टाण्डाकलां, सैफपुर, नादी-निधौरा समस्त गंगा तटीय गावों के घाटो पर भारी भीड़ उमड़ी रही।शनिवार की अलसुबह ही हजरो श्रद्धालुओं की भीड़ बलुआ घाट पर पहुचने लगी और देखते ही देखते मेले जैसे रूवरूप लेते हुए भारी भीड़ के रूप में तब्दील हो गयी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु अपने योग चर्तुमासा निद्रा से जागते हैं इसी कारण इसे देव उठान या देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन मॉ तुलसी का विवाह भी श्री हरि नारायण से सम्पन्न कराया जाता है। उसी मान्यता के अनुसार समस्त जगत में मांगलिक कार्यक्रम प्रारम्भ हो जाते है। वही सुरक्षा की दृष्टि से उपनिरीक्षक विनोद सिंह, महिला कांस्टेबल कौशल्या देवी, चिंता देवी, राजेश कुमार, सरोज देवेंद्र प्रताप यादव के साथ गोताखोरों की टीम भी नाव से गंगा में निगरानी करती रही।

डीडीयू नगर 6 लेन के लिए धरना मामला….
हाथो में तिरंगा लिए जीटीरोड पर उतरा जनसैलाब।

4 लेन के विरोध में चल रहा धरना प्रदर्शन।

पत्रक देकर अधिकारियों को कराया मांगो से अवगत।

भारी पुलिस बल मौके पर,रोकने के बावजूद नही रुके लोग।