ॐ नगर में सरस्वती पूजा का भव्य आयोजन

विश्व हिंदू परिषद, माँ हंसवाहिनी मंडल, ॐ नगर के तत्वावधान में ॐ नगर, जनपद चंदौली में विद्यारंभ संस्कार एवं प्रतिभा

सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की वंदना से की गई। इसके पश्चात छोटे बच्चों के लिए विद्यारंभ संस्कार का आयोजन किया गया। इस दौरान 4 से 5 वर्ष आयु वर्ग के उन बच्चों, जो अभी विद्यालय नहीं गए हैं, को पट्टी, पेंसिल, कॉपी एवं कलम प्रदान कराकर उनसे अक्षर “ॐ” के साथ शिक्षा का पहला अक्षर लिखवाया गया।
यह संस्कार बच्चों के शैक्षिक जीवन की शुभ शुरुआत के रूप में अत्यंत दिव्य एवं प्रेरणादायक रहा। जैसे अन्नप्राशन संस्कार शिशु के जीवन में एक महत्वपूर्ण चरण होता है, उसी प्रकार विद्यारंभ संस्कार बच्चे के बौद्धिक एवं संस्कारयुक्त विकास की नींव रखता है।
इसके उपरांत 5 वर्ष से लेकर 14–15 वर्ष की आयु तक के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मंच से सम्मानित किया गया, जो विभिन्न कलाओं में निरंतर अभ्यास, अनुशासन एवं साधना के माध्यम से निपुणता प्राप्त कर रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि माता-पिता द्वारा दिए गए अच्छे संस्कार और सकारात्मक वातावरण ही बच्चों की सफलता का आधार हैं। बच्चे उन्हीं मूल्यों पर चलते हुए मेहनत और लगन से आगे बढ़ रहे हैं।
कार्यक्रम में माँ हंसवाहिनी मंडल के पदाधिकारियों में संजय रस्तोगी, विच्की रस्तोगी, संतोष गौड़, मनीष निगम, मनीष गुप्ता, संतोष सेठ, प्रकाश यादव एवं दीपक रस्तोगी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
विशेष अतिथि के रूप में विश्व हिंदू परिषद की जिला व नगर इकाई की टीम उपस्थित रही। साथ ही पल्लवी चौहान जी, नेहा उपाध्याय जी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर यह भी अपील की गई कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल उत्सव नहीं, बल्कि संस्कारों का संवर्धन होना चाहिए। बच्चों एवं युवाओं को नशा-मुक्त एवं संस्कारयुक्त जीवन की ओर प्रेरित किया जाए।
समारोह के अंत में सभी सम्मानित विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की गई कि वे आगे चलकर अपने परिवार, समाज एवं राष्ट्र का नाम रोशन करें।
स्थान: ॐ नगर
जनपद: चंदौली
आयोजक: विश्व हिंदू परिषद, माँ हंसवाहिनी मंडल

भगवान भास्कर के जयकारे से गूजायमान हुई अध्यात्मिक नगरीरामनगर वाराणसीविन्ध्य पर्वत के तलहटी में भगवान भोले नाथ की त्रिशूल पर वसी नगरी वाराणसी में चार द्विवसीय डाला छठ बड़े ही धूॅमधाम के साथ मनाया गया। मॉ भगवती गंगा के दोनां तटां अध्यात्मिक नगरी तो दुसरी तरफ रामनगर के राजा का किला स्थित है। अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक व रामनगर से लेकर पड़ाव डोमरी तक हजारां नर नारी भगवान भास्कर के महापर्व को पूर्ण करने में लगे रहे। जिसके क्रम में मंगलवार की अल सुबह ही व्रतियो ने मॉं गंगा के तट पर पहुच कर उदयाचल भगवान भास्कर को अर्ध्य दिया। जैसे भगवान भास्कर की किरणे मां गंगा के स्पर्श की कि चारों तरफ भगवान भास्कर व छठी मइया के गगन भेदी जयकारे से पूरा क्षेत्र गूजायमान हो गया और इसी अर्ध्य के साथ भगवान भास्कर महापर्व समाप्त हो गया।

विद्यालय में जर्जर पीपल का पड़ टूटी चहारदिवारी से खतराजागरण संवादाता चहनिया चन्दौली।क्षेत्र स्थित कम्पेजिट विद्यालय लक्षमनगढ़ में विद्यालय की चहार दिवारी गुणवत्ता विहीन बनने के कारण जगह-जगह टूट कर क्षतिग्रस्त हे गयी। साथ विद्यालय प्रागण से सअे विशालकाय जर्जर पीपल का पेड़ भारी दुर्घटना को दावत दे रहा है। इतनी बड़ी गम्भीर समस्या से विद्यालय सबंधित अध्किारी, ग्राम प्रधान जिले के अधिकारी मौन साधे हुए है।गौरतलब तो यह है कि प्रायः बच्चे विद्यालय के प्रागण में ख्ेलते नजर आते है और चहारदिवारी अूटी होने के कारण वह कब विद्यालय से बाहर हो जायेगे इसका किसी को अंदाजा नही रहता। इतना ही बलिक बच्चे खेलते-खेते उसी विशालकाय जर्जर पीपल के बृक्ष के नीचे आकर बैठ जाते है और वह पेड़ कब गिर जायेगा इसे कोई नही बता सकता। जबकि इस वर्ष पेड़ काफी पुराना होने के कारण भयंकर वारिष व तेज हवा के कारण वह 75अंश के कोण पर आकर टिका हुआ वह कब जमीदोज हो जायेगा यह भगवान भरोसे ही है। जबकि गौर करे तो विद्यालय प्रांगण में अगर बारिश हो जाय तो जलजमाव का होना तय है। वही ग्रामीणां सहित गाव के सम्भ्रान्तां का कहना है कि शिक्षा के विभाग के आलाधिकारी तत्काल मामले को गम्भीरता से लेते हुए जर्जर पीपल को कटवाते हुए टूटी हुई चहारदिवारी को अविलम्ब बनवाये जाने की मांग की है। ताकि समय रहते भारी घटना को रोका जा सके। इस संदर्भ में एबीएस सुरेन्द्र सहाय ने बताया मामला संज्ञान में नही जाचं कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।