कमीशन का अड्डा बन चुका है गोपाल बुक डिपो – अभिभावक परेशान

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में स्थित गोपाल बुक डिपो की दर्दनाक कहानी

10 स्कूल का ठेका लेकर नहीं दे पा रहे हैं किताबें –
घंटों लाइन में मुस्क्कत के बाद कैसे-कैसे करके किताबें दे रहे हैं वह भी आधी अधूरी इनके पास पूरी किताब है ही नहीं।
दुकान पर अत्यंत भीड़ और दूर-दूर से अभिभावक आए हुए परेशान।
इतनी भीड़ यह संभाल नहीं पा रहे हैं और बिना गिने किताबें भी दे रहे हैं, दुकान पर दोबारा जाने पर और पूछने पर पता लगता है की चार किताबें हैं ही नहीं जो की एक हफ्ते बाद मिलेगी जबकि स्कूल में पढ़ाई निरंतर चालू है, आधी किताबें ई रिक्शा पर लोड हो कर आ रही हैं और आधी दुकान के बाहर जमीनों पर पड़ी है जिन किताबों को दुकानों द्वारा नहीं संभाला जा रहा है। तीसरी बार जाने पर किताबें मिली वह भी आधी अधूरी।
दुकानों पर ज्यादा भीड़ होने के कारण महिलाएं दुकान के काउंटर तक पहुंची नहीं पा रही हैं पता नहीं इसमें किसकी कमी है शिक्षा विभाग की या स्कूल की व्यवस्था की या दुकानों की कमीशन की –
शर्मनाक
सो रही व्यवस्था – सो रहा शिक्षा विभाग

विवाहिता ने की खुदकुशी परिजन हुए बेहालचहनिया चंदौली बलुआ थाना क्षेत्र के सोनहुला गांव निवासी सरोज विश्वकर्मा 28वर्ष शुक्रवार की दिन में लगभग 11बजे फासी के फंदे पर झूल अपनी इहलीला समाप्त कर ली।रतनेश विश्वकर्मा की पत्नी सरोज देवी शुक्रवार को दोपहर में आत्म हत्या कर ली जेसे ही इसकी खबर परिजनो के लगी की उनके हाथ पाव फूल गये और तत्काल घटना की जानकरी पुलिस को दी। सूचना पर पहुची पुलिस अग्रिम कार्यवही में जुट गयी। रतनेश की शादी सुर्खापुर जिला मिर्जापुर 8वर्ष पूर्व शादी हुआ था। सरोज के दो बच्चे थे। बड़ी लड़की का नाम रिद्धि लगभग 4वर्ष लड़के का नाम डिग्गू 2वर्ष है। बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। वही स्वजन पत्नी के मायके पिता गिरधारी विश्वकर्मा को सूचित किया। पिता ने आकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पारिवारीक कलह से उबकर सरोज ने अपनी इहलीला समाप्त कर ली। पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।