नवरात्रि के शुभ अवसर पर महाराष्ट्र पुणे के AWHO विजय विहार सोसाइटी में गरबा का कार्यक्रम बड़ी धूम धाम से किया गया।

रिपोर्ट – शिखा पाठक

नवरात्रि के शुभ अवसर पर महाराष्ट्र पुणे के AWHO विजय विहार सोसाइटी में गरबा का कार्यक्रम बड़ी धूम धाम से किया गया।
“शहर में धूमधाम से मनाया गया नवरात्रि का गरबा महोत्सव”

“रंग-बिरंगे परिधानों में सजे लोग गरबा की धुनों पर झूमते नजर आए। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।”

शहर में नवरात्रि के अवसर पर गरबा महोत्सव का आयोजन बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए, जहां पारंपरिक गीतों पर गरबा करते हुए नवरात्रि की पूजा-अर्चना की गई। विभिन्न उम्र के लोग पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे नजर आए और गरबा की ताल पर झूमते दिखे।

आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष का गरबा महोत्सव पिछले सालों की तुलना में अधिक भव्य था और इसमें रिकॉर्ड तोड़ भीड़ देखी गई। गरबा के बाद डांडिया रास का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम का समापन माँ दुर्गा की आरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। आयोजकों ने बताया कि आने वाले वर्षों में इस महोत्सव को और भी व्यापक और भव्य बनाने की योजना है।
यह गरबा महोत्सव सभी के लिए एक यादगार अनुभव बनकर सामने आया, जिसने शहर में नवरात्रि के उल्लास को और भी बढ़ा दिया।
मानवाधिकार न्यूज़ की महाराष्ट्र महासचिव शिखा पाठक जी का कहना है की हमारी संस्कृति हमेशा लोगों के सामने रहनी चाहिए और बच्चो को भी संस्कार के साथ साथ संस्कृति के बारे में भी पता होने चाहिए।

न्याय को लेकर दर-दर भटक रहे फरियादीमुलसराय चन्दौली। मुगलसराय तहसील क्षेत्र के कैथा उर्फ टड़िया निवासी रामभरोस यादव रास्ते को लेकर दर-दर भटक रहा है। जबकि गांव के ही दबंगों द्वारा जबरी चकरोड को कब्ज कर लिए उसके लिए पिड़ित जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, तहसीदार, थाना दिवस, तहसील दिवस, सम्पूर्ण समाधान दिवस जैसे अति महत्वपूर्ण जगहां पर फरियाद लगाई लेकिन अफसोस तो इस बात का है कि आज तक कोई भी अधिकारी मौके पर जाकर सच्चाई जानने का प्रयास नही किया। जबकि पिड़ित माननीय उचच न्यायालय में भी गुहार लगाया जहा से अविलम्ब रास्तो खली कराये जाने का आदेश पारित हुआ लेकिन जनपदस्तरीय अधिकारी माननीय न्याय उच्च न्यायालय के आदेश को धता कर चुप्पी साधे हुए है। जिससे आवागमन करने वाले हलकान हो रहे है। जहॉ एक तरफ सराकर फरियादियों की फरियाद के लिए तरह-तरह के हत्कण्ड़े अपना रही है लेकिन मातहत कानो में तेल डालकर अनजान बने हुए है। वही पिड़ित ने शुक्रवार को जिलाधिकरी महोदय के यह एक फिर प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाया अब देखना यह है कि आगे क्या होता है।