मानवाधिकार न्यूज़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जी ने अपने पुत्र ऋषि के जन्मदिन पर किया सेवा कार्य, लोगों को दिया प्रेरणादायक संदेश

रिपोर्ट हर्षिता मेहानी

हमारे मानवाधिकार न्यूज़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जी ने अपने पुत्र ऋषि के जन्मदिन पर किया सेवा कार्य, लोगों को दिया प्रेरणादायक संदेश

मानवाधिकार न्यूज़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वैश्य समाज के राष्ट्रीय महासचिव संजय रस्तोगी ने अपने पुत्र ऋषि के जन्मदिन के अवसर पर समाज सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने इस शुभ अवसर पर ज़रूरतमंद लोगों के बीच भोजन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया। इस सेवा कार्य में संजय जी के परिवार के साथ-साथ मानवाधिकार संगठन के सभी सदस्य भी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

संजय जी ने बताया कि इस तरह के कार्य न केवल ज़रूरतमंदों की मदद करते हैं, बल्कि बच्चों के मन में दया, परोपकार और सेवा भावना को भी विकसित करते हैं। उन्होंने अपने पुत्र ऋषि को इस आयोजन का हिस्सा बनाया, ताकि उसे यह सिखाया जा सके कि जन्मदिन का सही अर्थ केवल स्वयं खुशियां मनाना नहीं है, बल्कि दूसरों के जीवन में भी खुशी लाना है।

अपने संदेश में संजय जी ने सभी माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों के जन्मदिन पर अनावश्यक दिखावे से बचें और उनके साथ मिलकर सामाजिक कार्य करें। उन्होंने कहा, “जन्मदिन पर भोजन और प्रसाद वितरण करना एक सच्ची सेवा है, जो बच्चों के मन में संवेदनशीलता और कृतज्ञता का भाव पैदा करती है।”

इस आयोजन में मानवाधिकार संगठन के सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए। सभी ने संजय जी के इस कदम की सराहना की और इसे अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

यह आयोजन सामाजिक और आध्यात्मिक प्रेरणा का केंद्र बन गया, जहां उपस्थित लोगों ने संजय जी के इस विचार को अन्य परिवारों तक पहुंचाने का वादा किया। संजय जी का यह प्रयास समाज में एक नई सोच को बढ़ावा देने का प्रतीक बन गया है, जिसमें खुशी को दूसरों के साथ बांटने का महत्व बताया गया है।

छुट्टा पशुओं से हो रही आयेदिन दुर्घटनाएंचहनियां चंदौलीक्षेत्र में इस समय छुट्टा पशुओं का आतंक इतना बढ़ गया है कि यह छुट्टा पशु कस्बा तथा बाजारों में दिन-रात घूमते रहते हैं और नतीजा तब बिगड़ता है जब वह सड़क पर टहलते रहते हैं और दो पहिया व चार पहिया वाहनों से टकरा जाते हैं जिससे छुट्टा पशु और वाहन चालक दोनों घायल हो जाते हैं। इस प्रकार विगत एक माह में अब तक आधा दर्जन लोग छुट्टा पशुओं से टकराकर घायल हो गये और अस्पताल में भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं। आधा दर्जन पशु मौत के मुंह में समा गये। इसी प्रकार शनिवार को प्रातः कस्बा में एक छुट्टा गाय पिकअप से टकराकर मर गयी और चालक बचते-बचाते भाग खड़ा हुआ। इस प्रकार इनके आतंक से किसान भी त्रस्त हो चले हैं। जिनकी फसलों को नष्ट कर रहे हैं परंतु इन्हें गौशाला नहीं भेजा जा रहा है। जबकि सरकार द्वारा लाखों रूपये खर्च गौशालाआें का निर्माण करवाया है लेकिन जिम्मेदरान अपने दायित्यों से मुॅह मोड़ भारी दुर्घटना की बाट जोह रहे है। वही लोगों ने इस ओर जिलाधिकारी महोदय का ध्यान आकृष्ट करवाते हुए अविलम्ब छुट्टा पशुओं को पकड़कर गौशाला में भेजवाये जाने की गुहार लगाया है। ताकि फसल व जनहानि दोनो से लोगो को राहत दिलाई जा सके।

पांच द्विवसीय रामकथा का हुआ समापन -मिर्जापुर शेरवा खखड़ा गांव में आयोजितपांच दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया था ।कथा अंतिम दिन कथावाचक परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य, उमापती पाठक पूर्व प्रधान, मंगल मिश्रा, सुजीत मोदनवाल, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, अवधेश मिश्रा, मनोहर, प्रसिद्ध तबला वादक अनिल द्विवेदी, बबलू तिवारी, सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित थे।