चंदौली प्रेस क्लब के तत्वावधान में आयोजित हुई एक दिवसीय पत्रकारिता कार्यशाला

चंदौली प्रेस क्लब के तत्वावधान में आयोजित हुई एक दिवसीय पत्रकारिता कार्यशाला

 

चंदौली/पीडीडीयू नगर। नगर पालिका सभासद सभागार प्रांगण में रविवार को चंदौली प्रेस क्लब के तत्वावधान में एक दिवसीय पत्रकारिता कार्यशाला “पत्रकारिता की पाठशाला” का आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यशाला में जिले के नवोदित एवं वरिष्ठ पत्रकारों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों, समाचार लेखन, रिपोर्टिंग कौशल तथा पत्रकारिता की नैतिक जिम्मेदारियों से प्रतिभागियों को अवगत कराना रहा।

 

कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में वरिष्ठ पत्रकार संजय मिश्र उपस्थित रहे। उन्होंने “खबर की समझ, रिपोर्टिंग के गुण, नैतिकता और जिम्मेदारी, डिजिटल मीडिया, जनहित और पत्रकारिता” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

 

अपने संबोधन में श्री संजय मिश्र ने कहा कि आज के दौर की पत्रकारिता में खबर लिखते समय विशेषणों के प्रयोग से बचना चाहिए। पत्रकार का कार्य निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित समाचार प्रस्तुत करना है, न कि किसी व्यक्ति या घटना का अनावश्यक महिमामंडन करना। उन्होंने पत्रकारों को खबरों के कवरेज के दौरान तकनीकी जानकारी रखने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि डिजिटल युग में मोबाइल पत्रकारिता, वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑडियो क्वालिटी, फोटो फ्रेमिंग, लाइव अपडेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की समझ बेहद आवश्यक हो गई है।

 

उन्होंने कहा कि किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करना, भाषा की शुद्धता बनाए रखना तथा समाजहित को प्राथमिकता देना एक जिम्मेदार पत्रकार की पहचान है। साथ ही पत्रकारों को समय के साथ नई तकनीकों को सीखते रहना चाहिए, ताकि पत्रकारिता की विश्वसनीयता और गुणवत्ता बनी रहे।

 

इस कार्यशाला में लगभग 50 से अधिक पत्रकारों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान नवोदित पत्रकारों एवं वरिष्ठ पत्रकारों के बीच मॉक टेस्ट का आयोजन भी कराया गया, जिसमें 25 नवोदित पत्रकारों ने भाग लिया। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को आगामी 30 मई हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

 

अमरेंद्र पाण्डेय ने कहा कि चंदौली प्रेस क्लब पिछले एक वर्ष से लगातार पत्रकारों के हितों में कार्य कर रहा है। पत्रकारों का सहयोग और प्रेम ही क्लब की सबसे बड़ी ताकत है। भविष्य में भी ख्यातिलब्ध संपादकों और वरिष्ठ पत्रकारों को आमंत्रित कर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

 

वरिष्ठ पत्रकार पवन तिवारी ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं पत्रकारिता के क्षेत्र में नए लोगों को दिशा देने का कार्य करती हैं तथा अनुभवी पत्रकारों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करती हैं।

 

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा पत्रकारिता को समाजहित में मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राजीव जायसवाल, महेंद्र सिंह,करुणापति तिवारी, बृजेश कुमार, आशाराम यादव, कमलेश तिवारी, आनन्द सिंह, सुभाष विश्वकर्मा, दीपक कुमार, सूर्य प्रकाश सिंह, मनोज उपाध्याय, राजन कुमार गुप्ता, कृष्ण मुरारी मिश्र, पी. धनंजय उर्फ बंटी, सत्यनारायण प्रसाद, पुष्कर कुमार, शिवम विश्वकर्मा, भागवत नारायण चौरसिया, सरदार महेंद्र सिंह, राजेंद्र प्रसाद, अजय राय, कृष्ण कांत गुप्ता, संदीप कुमार निगम, कृष्ण मोहन गुप्ता, आफताब आलम, संजीव पाठक, धनंजय ओझा फैयाज अंसारी सहित अनेक पत्रकारगण उपस्थित रहे।

धनुष टूटने का दृश्य देख दर्शक हुए गदगद -शेरवां खखडा गांव में आयोजित श्री राम कथा केतिसरे दिन शुक्रवार की कथा वाचक पंडित मंगलम दीप महाराज कथा में बतलाया कि शिव धनुष टूटते ही चारों तरफ हर-हर महादेव व जय श्रीराम के नारे से पूरा पांडाल सहित गांव गुजायमान हो गया। इस दौरान राजा जनक के सीता स्वयंवर के लिये रखे गये शर्त को जब कोई राजा, देव-दानव-मानव पूरा नही कर पाए तब महाराज जनक निराश हो गये और उन्होने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मैं यह समझता कि यहां कोई भी वीर पुरूष नही सभी का-पुरूष ही का-पुरूष है। तो मैं अपनी बेटी के लिए एेंसा शर्त नही रखता। स्वयंर देखने के उद्देश्य से पहुचे लक्षमण तुरन्त ही उनको बातों से कुद्ध होकर कहे महाराज जनक रघुवंशियो के समक्ष इस तरह के शब्द बोलने का किसी को कोई अधिकार नही यह धनुष क्या चीज है अगर बड़े भैया का आदेश हो तो मैं पूरी पृथ्वी को गेद तरह उठाकर पटक कई टुकड़े कर दूं। जिस पर गुरू विश्वामित्र व प्रभुराम ने लक्षमण को समझाते हुए शान्त करवाया और महाराज जनक की निराशा को आशा में तब्दील करते हुए शुभ-मुहुर्त में विश्वामित्र के आदेशानुसार प्रभु श्रीराम ने धुनष पर तमंचा चढ़ाने गये और तमंचा चढ़ाते ही वह टूट गया। धनुष के टूटते ही चारो तरफ हर-हर महादेव, व जय श्रीराम के नारे से पूरा गांव सहित पंडाल गुजायमान हो गया। इस दौरान कथा में उपस्थित मंगल मिश्रा, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी,बिशाल,मनोहर, अशोक मिश्रा, सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

मनुष्य के हृदय में होता है भगवान का वास-पंडित शक्ति मुगलसराय चन्दौली तारा जीनपुर क्षेत्र स्थित सहरोई गांव में विगत पांच वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्री हनुमान जयंती के पावन अवसर नवयुवक मंगल दल सहरोई के तत्वाधान में सप्त दिवसीय संगीमय श्रीराम कथा का आयोजन किया गया है। कथा के दूसरे दिन पंडित शक्ति तिवारी ने नारायण के दिव्य अवतार को समझाते हुए कहा की भगवान का अवतार प्रत्येक मनुष्य के हृदय वेश में होता है। अवतार को समझाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान अपनी भावना को छोड़कर के धेनु, सुर, संत, हित में लिन्ह, मनुज अवतार भगवान ब्राह्मणों के गाय माता, के और संतों के हितों के लिये धरती पर मनुष्य का शरीर धारण करके आते हैं। इसी को समझाते हुए भगवान के बाललीला का भी वर्णन किया और उन्होंने बतलाया की चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ एक पुत्र के लिए रो रहे थे और गुरु वशिष्ट के द्वारा श्रृंगी ऋषि के पुत्र प्राप्ति यज्ञ करने से तुमको चार-चार पुत्रों की प्राप्त हुयी। इसी के बाद चारों पुत्रों का नामांकरण गुरु वशिष्ट के द्वारा करवाते हुए इन्होंने बतलाया की विश्वामित्र जो की महान ऋषि थे। असुरों का समूह जब उन्हें सताया तो उन्हें भी भगवान को मांगने की जरूरत पड़ी और विश्वामित्र सनाथ हुये और भगवान वन में तारकासुर का एक ही बाण में बध कर दिये। मारीच व सुबाहु को अग्निबाण से यज्ञ की रक्षा की। इस दौरान सैकड़ां लोगो का जन सैलाब उमड़ा रहा। कार्यकर्ता राहुल मिश्रा, अमित मिश्रा, रोहित, पवन, शिशु मिश्रा, विराट, उमेश, महानंद, दिनेश, शुभम, गोलू, तबला वादक अनिल तिवारी, सैकड़ां श्रद्धालु उपस्थित रहे।