चंदौली/दिनांक 28 जनवरी 2026 सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अनुश्रवण कक्ष में संपन्न

चंदौली/दिनांक 28 जनवरी 2026 सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अनुश्रवण कक्ष में संपन्न

दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ब्लैक स्पाट चिन्हित कर, सुधारात्मक कार्य तत्काल शुरू करें जिलाधिकारी

जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी अनुश्रवण कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा उपायों और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने सड़क सुरक्षा अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया और कहा कि जितने अवैध कट हो उनको बंद करतें हुवे ऐसी जगहों का चिन्हांकन करे जहां अधिक पैदल चल कर रोड क्रास किया जाता हो वहां पर फुट ब्रिज बनाए जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न होने पाए।जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं के हॉट स्पॉट चिह्नित किए जाएं। इन स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय जैसे स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड, स्ट्रीट लाइट आदि लगाए जाएं। हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग एवं यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभाग मिलकर मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दें। रिंग रोड पर स्ट्रीट लाइट की जानकारी प्राप्त की गई जिसपर कार्यदाई संस्था द्वारा अवगत कराया गया कि रिंग रोड पर पर्याप्त मात्रा में रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करा दी गई है।उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन करें और सड़क सुरक्षा अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करें।

बैठक के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर अधिशाषी अभियंता (pwd) राजेश कुमार, ट्रैफिक पुलिस एवं यातायात तथा एन एच आई के अधिकारी सहित अन्य सभी संबंधित विभाग के अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

पांच द्विवसीय रामकथा का हुआ समापन -मिर्जापुर शेरवा खखड़ा गांव में आयोजितपांच दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया था ।कथा अंतिम दिन कथावाचक परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य, उमापती पाठक पूर्व प्रधान, मंगल मिश्रा, सुजीत मोदनवाल, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, अवधेश मिश्रा, मनोहर, प्रसिद्ध तबला वादक अनिल द्विवेदी, बबलू तिवारी, सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित थे।