चढ़दीकला कार सेवा संस्थान ने 1000 से अधिक जरूरतमंदों में बांटे कंबल व बच्चों के वस्त्र पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर।

चढ़दीकला कार सेवा संस्थान ने 1000 से अधिक जरूरतमंदों में बांटे कंबल व बच्चों के वस्त्र
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर।
ठंड के मौसम में जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से चढ़दीकला कार सेवा संस्थान द्वारा सोमवार 22 तारीख को जी.टी. रोड स्थित गुरुद्वारा परिसर के बाहर निशुल्क कंबल एवं बच्चों के वस्त्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चला।
इस दौरान कंबल, बच्चों के स्वेटर, जैकेट व जूते वितरित किए गए, जिससे 1000 से अधिक गरीब व असहाय लोगों को लाभ मिला। सेवा कार्य से क्षेत्र में ठंड से जूझ रहे जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिली।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि समाज सेवा ही संस्थान का मुख्य उद्देश्य है और आगे भी इस तरह के जनकल्याणकारी कार्यक्रम निरंतर किए जाएंगे। स्थानीय लोगों ने संस्था के इस प्रयास की सराहना की।
रिपोर्ट : मनीष गुप्ता
मानवाधिकार न्यूज़

सीता हरण के दौरान जटायु व रावण का भंयकर युद्ध लीला का हुआ मंचनचहनियां चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के यह सातवें दिन रविवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ के साथ प्रारम्भ किया गया। रामलीला के सातवें दिन रावण ने माता सीता का हरण कर लिया और पुष्पक विमान से वह लंका ले जाने लगा। जिसपर माता सीता की करूण विलाप सुनकर गिद्धराज जटायु ने अपने मित्र की पुत्र बधु सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करने लगा बड़ी भयंकर युद्ध हुआ रावण जटायु की मार को सहन न कर सका और क्रुद्ध होकर भगवान शिव द्वारा प्राप्त चन्द्रहासं खड्ग से जटायु पर वार कर दिया जिसमें जटायु का एक पंख कट गया लेकिन उसके बावजूद भी युद्ध नही थमा तब तक रावण ने दूसरा वार कर दिया। जिसमें जटायू का दूसरा पंख भी काट दिया जिससे आकाश से गिरकर जटायू गंभीर रूप से घायल हो गये। जब प्रभु श्रीराम व लक्षमण अपनी भार्या सीता को जंगल-वन-पहाड़ां से घुमते-घुमते रास्ते में गिरे जटायू से होती है तो जटायू ने पूरा वृतान्त प्रभु श्रीराम को सुनाया और अपना प्राण दिया। जिस पर प्रभु श्रीराम ने अपने पिता के मित्र की पुत्र बनकर अन्त्येष्टि कर सीता माता की खोज करने लगे। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ों कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।