मौनी अमावस्या पर खिचड़ी की गयी विशाल भंडारे का आयोजन- चहनियां चंदौली

मौनी अमावस्या पर खिचड़ी की गयी विशाल भंडारे का आयोजन- चहनियां चंदौली क्षेत्र स्थित सोनहुला गांव में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी तिवारी परिवार व कार्यकर्ता के नेतृत्व में कि गयी खिचड़ी का विशाल भंडारे का आयोजन की गयी। रविवार दिन खिचड़ी का महाप्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारो श्रद्धालुओं ने भंडारा में प्रसाद ग्रहण किया। मौनी अमावस्या पर अल सुबह से ही श्रद्धालु बलुआ घाट पश्चिम वाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर जो भी श्रद्धालु वापस मां गंगा जी के गीत गाते हुए वापस अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। रास्ते में सुनहुला गांव के सामने मेन रोड पर खिचड़ी महाप्रसाद लेकर श्रद्धालु अपने गांव की ओर जा रहे थे। और महाप्रसाद ग्रहण करते हुए सोनहुला गांव व कार्यकर्ताओं को धन्यवाद व आशीर्वाद देते हुए अपने- अपने गंतव्य की ओर लौट रहे थे। वहीं उपस्थित संजीव त्रिपाठी, मोनू तिपाठी, महेंद्र त्रिपाठी, नीलमणि उर्फ भोलू , सूर्यमनी तिवारी, चंदन तिवारी, समाज सेवक राहुल मिश्रा, सवरू यादव, संतोष कुमार मिश्रा, सोनू यादव,प्रभाक तिवारी प्रभाकर तिवारी, शिव कुमार मिश्रा, शशिकांत तिवारी, सैकड़ो कार्यकर्ता मौजूद रहे

प्रबोधिनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने़ लगाई आस्था की डुबकीचहनिया चन्दौली।क्षेत्र के मां भागीरथी के पश्चिमी वाहिनी बलुआ घाट पर प्रबोधिनी एकादशी के पावन पर्व पर हजारां श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाते हुए मन्दिर पूजा पाठ कर याचक ओर भिक्षुओं का दानपुन्य कर यश के भागी बने। इसी क्रम में क्षेत्र के महुआरी, कांवर, महुअरकलां, पूरा विजयी, तिरगावां, टाण्डाकलां, सैफपुर, नादी-निधौरा समस्त गंगा तटीय गावों के घाटो पर भारी भीड़ उमड़ी रही।शनिवार की अलसुबह ही हजरो श्रद्धालुओं की भीड़ बलुआ घाट पर पहुचने लगी और देखते ही देखते मेले जैसे रूवरूप लेते हुए भारी भीड़ के रूप में तब्दील हो गयी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु अपने योग चर्तुमासा निद्रा से जागते हैं इसी कारण इसे देव उठान या देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन मॉ तुलसी का विवाह भी श्री हरि नारायण से सम्पन्न कराया जाता है। उसी मान्यता के अनुसार समस्त जगत में मांगलिक कार्यक्रम प्रारम्भ हो जाते है। वही सुरक्षा की दृष्टि से उपनिरीक्षक विनोद सिंह, महिला कांस्टेबल कौशल्या देवी, चिंता देवी, राजेश कुमार, सरोज देवेंद्र प्रताप यादव के साथ गोताखोरों की टीम भी नाव से गंगा में निगरानी करती रही।

पितृविसर्जन पर लोगो ने अपने पूर्वजों का किया, तर्पण व पिण्डदान
चहनिया चन्दौली।
पितृपक्ष के अंतिम दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने मॉ भागीरथी गंगा तट पर बलुआ घाट पर अपने-अपने पितरों को तर्पण कर पिंडदान किया और पितृविर्सजन पर विभिन्न अनुष्ठान व पूजन-अर्चन कर घाटो पर व्यंजन चढ़ाकर तर्पण किया।
रविवार की अल सुबह ही श्रद्धालुओं द्वारा पैदल, वाहनों से लोटा, कुश, परास की पत्ती कर हाथो में लिए गंगा तट पर पहुचने लगे और बाजारां में जौ के आटे, दीया, माचिस, अगरबत्ती, मालफूल की खरीददारी करते घाटों पर पहुच कर अपने- अपने पूर्वजां को श्राद्ध तर्पण और पिंडदान में जुटे रहे जो अरान्ह तक चलता रहा।
इस दौरान गंगा के पानी में तेजी से घटाव के कारण चारो तरफ कीचड़ व मिट्टियों का ढ़ेर से लोग हलकान नजर आये। इस दौरान पुलिस चाक चौकस व्यवस्था करने में जुटी रही। इस दौरान चहनियां वाया बलुआ मार्ग पर मेले का दृश्य हो गया और बाल्मिकी इण्टर कालेज के प्रांगण में वहनो का जमघट लगा रहा पिंडदान व तर्पण का कार्य देर अपरान्ह तक चलता रहा।
इसी क्रम में भूपौली, महुअरकला, टॉण्डा सैफपुर, सहित गंगा तटों पर पिंडदान का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों, सरोवरों पर भी श्रद्धालुओं में पिंडदान कर अपने पूर्वजों का तर्पण किया और सुख समृद्धि की कामना व्यक्त किया।
इस दौरान नाई अपनी-अपनी दुकाने रविवार की अल सुबह लगभग 3बजे से खोलकर लोगों का मुण्डन इत्यादी का कार्य करने में जुटे रहे। जिससे नाई की दुकानों पर लोगो की भीड़े जुटी रही। वही माली भी रविवार की अल सुबह माला फूल लेकर घाटो पर जमें रहे।