प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा XII का भव्य विदाई समारोह आयोजित

प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा XII का भव्य विदाई समारोह आयोजित

प्रयाग इंटरनेशनल स्कूल में आज कक्षा XII (सत्र 2025–26) के विद्यार्थियों के लिए एक भव्य, गरिमामय एवं भावनात्मक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह उल्लास, संगीत, नृत्य, खेलों और यादगार पलों से भरपूर रहा। कार्यक्रम का आयोजन कक्षा XI के विद्यार्थियों द्वारा अत्यंत अनुशासन, उत्साह एवं रचनात्मकता के साथ किया गया, जिसकी सभी अतिथियों एवं शिक्षकों ने सराहना की।

समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियां, मधुर संगीत और मनोरंजक खेलों ने सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों की प्रतिभा और आत्मविश्वास मंच पर स्पष्ट रूप से झलका। कार्यक्रम में कक्षा XII के विद्यार्थियों को उपहार एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

समारोह का मुख्य आकर्षण मिस्टर फेयरवेल एवं मिस फेयरवेल का चयन रहा, जिसमें गौरव को मिस्टर फेयरवेल तथा अनुराधा को मिस फेयरवेल घोषित किया गया। दोनों विद्यार्थियों ने अपने व्यक्तित्व, आत्मविश्वास एवं व्यवहार से सभी का दिल जीत लिया।

विद्यालय के शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता ने समारोह को और अधिक गरिमामय बना दिया। शिक्षकों की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन ने यह संदेश दिया कि शिक्षक और विद्यार्थी का रिश्ता सदैव स्नेह एवं विश्वास पर आधारित रहता है।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुनील कुमार द्विवेदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए अनुशासन, परिश्रम, नैतिक मूल्यों एवं आत्मविश्वास का होना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे भविष्य की चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करें और विद्यालय का नाम सदैव गौरवान्वित करें।

विद्यालय के निदेशक श्री दिवाकर यादव ने कक्षा XII के विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य हेतु हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं और उनके जीवन में सफलता, सुख एवं प्रगति की कामना की।

समारोह में अध्यक्ष श्री सूर्यहन यादव द्वारा विभिन्न श्रेणियों में विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे विद्यार्थियों में उत्साह एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ।

समापन अवसर पर भावुक क्षण देखने को मिले, जब विद्यार्थियों ने अपने विद्यालय जीवन की स्मृतियों को साझा किया। यह विदाई समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन के एक महत्वपूर्ण अध्याय का सुंदर समापन और नए सफर की प्रेरणादायक शुरुआत साबित हुआ।

पितृविसर्जन पर लोगो ने अपने पूर्वजों का किया, तर्पण व पिण्डदान
चहनिया चन्दौली।
पितृपक्ष के अंतिम दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने मॉ भागीरथी गंगा तट पर बलुआ घाट पर अपने-अपने पितरों को तर्पण कर पिंडदान किया और पितृविर्सजन पर विभिन्न अनुष्ठान व पूजन-अर्चन कर घाटो पर व्यंजन चढ़ाकर तर्पण किया।
रविवार की अल सुबह ही श्रद्धालुओं द्वारा पैदल, वाहनों से लोटा, कुश, परास की पत्ती कर हाथो में लिए गंगा तट पर पहुचने लगे और बाजारां में जौ के आटे, दीया, माचिस, अगरबत्ती, मालफूल की खरीददारी करते घाटों पर पहुच कर अपने- अपने पूर्वजां को श्राद्ध तर्पण और पिंडदान में जुटे रहे जो अरान्ह तक चलता रहा।
इस दौरान गंगा के पानी में तेजी से घटाव के कारण चारो तरफ कीचड़ व मिट्टियों का ढ़ेर से लोग हलकान नजर आये। इस दौरान पुलिस चाक चौकस व्यवस्था करने में जुटी रही। इस दौरान चहनियां वाया बलुआ मार्ग पर मेले का दृश्य हो गया और बाल्मिकी इण्टर कालेज के प्रांगण में वहनो का जमघट लगा रहा पिंडदान व तर्पण का कार्य देर अपरान्ह तक चलता रहा।
इसी क्रम में भूपौली, महुअरकला, टॉण्डा सैफपुर, सहित गंगा तटों पर पिंडदान का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों, सरोवरों पर भी श्रद्धालुओं में पिंडदान कर अपने पूर्वजों का तर्पण किया और सुख समृद्धि की कामना व्यक्त किया।
इस दौरान नाई अपनी-अपनी दुकाने रविवार की अल सुबह लगभग 3बजे से खोलकर लोगों का मुण्डन इत्यादी का कार्य करने में जुटे रहे। जिससे नाई की दुकानों पर लोगो की भीड़े जुटी रही। वही माली भी रविवार की अल सुबह माला फूल लेकर घाटो पर जमें रहे।