आज दिनांक 16.02.2026 को बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं योजनान्तर्गत तथा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान

आज दिनांक 16.02.2026 को बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं योजनान्तर्गत तथा बाल विवाह मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम के दृष्टिगत प0 कमलापति त्रिपाठी जिला चिकित्सालय चन्दौली के एस0एन0सी0यू0 वार्ड में जन्मी 18 नवजात बालिकाओं को बेटी किट एवं सम्मान पत्र वितरित करते हुए विभिन्न योजनाओ के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करने के साथ ही विभिन्न हेल्पलाइन नम्बरो के बारे में भी जानकारी दी गयी तथा बालिकाओं के अभिभावक को यह भी अवगत कराया गया कि जन्मी बच्चियों को कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत निर्धारित श्रेणी में समस्त वांछित अभिलेखों सहित आवेदन कराकर योजना का लाभ ले सकते है। इसके साथ ही बाल विवाह अभियान के अंतर्गत उपस्थित अभिभावकों को बाल विवाह न किए जाने के संबंध में शपथ दिलाया गया।

 

कार्यक्रम के दौरान महिला कल्याण विभाग की जिला मिशन को-ऑर्डिनेटर श्रीमती रागिनी सिंह, जेण्डर स्पेशलिस्ट श्रीमती पुष्पा कुशवाहा, चिकित्सा अधीक्षक तथा हास्पिटल के अन्य कर्मचारीगण उपस्थित थें।

सीता हरण के दौरान जटायु व रावण का भंयकर युद्ध लीला का हुआ मंचनचहनियां चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के यह सातवें दिन रविवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ के साथ प्रारम्भ किया गया। रामलीला के सातवें दिन रावण ने माता सीता का हरण कर लिया और पुष्पक विमान से वह लंका ले जाने लगा। जिसपर माता सीता की करूण विलाप सुनकर गिद्धराज जटायु ने अपने मित्र की पुत्र बधु सीता को बचाने के लिए रावण से युद्ध करने लगा बड़ी भयंकर युद्ध हुआ रावण जटायु की मार को सहन न कर सका और क्रुद्ध होकर भगवान शिव द्वारा प्राप्त चन्द्रहासं खड्ग से जटायु पर वार कर दिया जिसमें जटायु का एक पंख कट गया लेकिन उसके बावजूद भी युद्ध नही थमा तब तक रावण ने दूसरा वार कर दिया। जिसमें जटायू का दूसरा पंख भी काट दिया जिससे आकाश से गिरकर जटायू गंभीर रूप से घायल हो गये। जब प्रभु श्रीराम व लक्षमण अपनी भार्या सीता को जंगल-वन-पहाड़ां से घुमते-घुमते रास्ते में गिरे जटायू से होती है तो जटायू ने पूरा वृतान्त प्रभु श्रीराम को सुनाया और अपना प्राण दिया। जिस पर प्रभु श्रीराम ने अपने पिता के मित्र की पुत्र बनकर अन्त्येष्टि कर सीता माता की खोज करने लगे। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ों कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।