संत निरंकारी मिशन के प्रोजेक्ट अमृत के चौथे चरण का हुआ शुभारंभ+ चहनिया चन्दौली।

संत निरंकारी मिशन के प्रोजेक्ट अमृत के चौथे चरण का हुआ शुभारंभ+ चहनिया चन्दौली।
स्थानीय क्षेत्र के बलुआ गंगा घाट पर संत निरंकारी मिशन ने ’प्रोजेक्ट अमृत’ के चौथे चरण का शुभारंभ किया। रविवार सुबह 8बजे ’स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान देशभर में 1500 से अधिक स्थानों पर एक साथ चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य जल संरक्षण और स्वच्छता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज को यह समझाना है कि जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। संत निरंकारी मिशन ने बाबा हरदेव सिंह की शिक्षाओं से प्रेरित होकर वर्ष 2023में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से ’प्रोजेक्ट अमृत’ की शुरुआत की थी। यह पहल जल संरक्षण को किसी एक दिन या अभियान तक सीमित न रखकर उसे जीवनशैली, संस्कार और सेवा-भाव के रूप में अपनाने की प्रेरणा देती है। इसका लक्ष्य स्वच्छ जल के माध्यम से स्वच्छ मन और स्वच्छ समाज का निर्माण करना है। नदियों, झीलों, तालाबों, कुओं और झरनों जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित इस जन आंदोलन ने अपने पहले तीन चरणों में सेवा और सहभागिता है। इस मौके पर नीलम, पप्पू गीरी, राजीद, जय सिंह, राकेश नीराला, हरिशचन्द्र, सुजीत महात्मा मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन पप्पू गीरी शाखा रामगढ़ ने किया।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कथा प्रसंग सुनकर भक्त हुए निहाल चहनियां चन्दौली क्षेत्र के पक्खोपुर गांव में श्री त्रिदण्डी स्वामी के शिष्य सुन्दरदास यति जी महराज ने अपने मुखार विन्दु से भगवान विष्णु के अवतारों, विशेष रूप से भगवान कृष्ण की लीलाओं और भक्ति योग का वर्णन किया। स्वामी जी ने बताया कि जब-जब धरा पर पाप का बोझ बढ़ जाता है तब-तब भगवान को किसी न किसी रूप में अवतार लेकर पापियो का ाश कर आमजन को मुक्ति दिलाना है। जब कंस का पाप चरमोकर्ष पर पहुच गया तब नाथ नारायण ने श्रीकृष्ण रूप में जन्म लेकर कंस का अंत करके मथुरा का उद्धार किया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कथा का प्रसंग सुनकर भक्त निहाल हो गये। इस दौरान जिउत बन्धन यदव, राजेश सिंह, प्रभाकर सिंह, निरज पाण्डेय, पंकज पाण्डेय, दीपक सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अशोक, सारनाथ, प्रेमकुमार सिंह सहित सैकड़ो ग्रामवासी मौजूद रहे – चाहनिया चंदौली

आरएसएस शताब्दी वर्ष पर हुआ पथ संचलनचहनिया चंदौलीक्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी 100वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा पूर्ण कर शताब्दी वर्ष का शुभारंभ कस्बे के एक कॉन्वेंट स्कूल में उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों सहित समाज के प्रमुख जनसमुदाय ने सहभागिता की। आयोजन की शुरुआत ध्वजारोहण, शस्त्र पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शिवपूजन जी ने भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। सह कार्यवाह रविन्द्र ने संबोधन में कहा कि राम मंदिर का निर्माण संघ के वर्षों के अथक प्रयासों का परिणाम है। संघ वैदिक और सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जो ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के मार्ग पर चलता है। संघ चालक रविन्द्र ने उद्बोधन में कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है। संघ ने बीते 100 वर्षों में समाज को संगठित कर एक ध्येय पथ पर अग्रसर किया है। आज देश के कोने-कोने में संघ की शाखाएं कार्यरत हैं। हिंदुत्व समन्वय का विचार है, जिसमें बौद्ध, जैन, सिख सभी धर्मों को स्थान प्राप्त है। “रामराज्य और हिंदू राष्ट्र दो नहीं, एक ही उद्देश्य के रूप हैं,” ऐसा कहते हुए उन्होंने राष्ट्रभक्ति, सेवा और अनुशासन के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वही संघ संचालक ने कहा कि स्वदेशी अपना कर अपने देश को मजबूत किया जा सकता आप सभी से लोग स्वदेशी सामानों का उपयोग व उपभेग करे हमारा देश तरक्की कर सके। कार्यक्रम के उपरांत पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों का पथ बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल से चहनिया बाजार मार्ग से होते हुए बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल पर आकर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सह खंड कार्यवाहक सुमन, संचालक शिवपूजन तिवारी, विभाग संघ दीपक, संघ चालक रविन्द्र, मुकेश, आशीष, अमरीश, अमरीश सिंह भोला, सूर्यमुनि तिवारी, अमित, चन्दन, इंद्रसेन सहित अनेक स्वयंसेवक संघ के सदस्य उपस्थित रहे।