धर्मांतरण देश की सुरक्षा को खतरा, राष्ट्रव्यापी कठोर कानून जरूरी: विहिप

धर्मांतरण देश की सुरक्षा को खतरा, राष्ट्रव्यापी कठोर कानून जरूरी: विहिप

 

नई दिल्ली। अप्रैल 15, 2026। पढ़े लिखे मुस्लिम युवक युवतियों के माध्यम से टीसीएस जैसी अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों तक फैले धर्मांतरण व लव जिहाद की अनवरत आती खबरों पर चिंता व्यक्त करते हुए विश्व हिंदू परिषद ने आज अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी रोक हेतु एक राष्ट्रव्यापी कठोर कानून की मांग की है।

विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने आज कहा कि टीसीएस नासिक में षड्यंत्र के उजागर होने के बाद पूरी दुनिया अचंभित है। उच्च पद पर एक मुसलमान के बैठते ही किस प्रकार वह अधिक से अधिक संख्या में अपने मुस्लिम सहयोगियों को भर्ती कर लेता है और उसके बाद बीसियों हिंदू लड़के और लड़कियों को अपने षड्यंत्र का शिकार बनाता है, यह अत्यंत गंभीर व आश्चर्यजनक है। उनको मुस्लिम तौर तरीका सिखाना, नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करना, गौ मांस खिलाना और जबरन धर्मांतरण करना घोर आपत्तिजनक है।

विश्व हिंदू परिषद बधाई देता है उन सात महिला पुलिसकर्मियों को जिन्होंने टीसीएस में ज्वाइन करके इस षड्यंत्र का पता लगाया और अधिक युवाओं को इस षड्यंत्र का शिकार होने से रोका।

डॉ जैन ने कहा कि जैसे ही यह षड्यंत्र उजागर होता है, ध्यान में आता है कि यह षड्यंत्र टीसीएस तक सीमित नहीं है अपितु, टेक महिंद्रा गोरेगांव जैसी दर्जनों अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी जिहादी षड्यंत्र का एक व्यापक जाल फैला हुआ है।

अभी तक जिम जिहाद, थूक जिहाद, सैलून जिहाद कोरियोग्राफर जिहाद आदि ही सामने आते थे और लगता था कम पढ़े लिखे लोग ही इस षड्यंत्र में शामिल हैं, लेकिन अलफलाह व केजीएमयू विश्वविद्यालय और उसके बाद इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अंदर काम करने वाले लोगों की इस धर्मांतरण के षड्यंत्र में संलिप्तता बताती है कि जिहादी षड्यंत्र केवल कम पढ़े लिखे लोगों के दिमाग की ही विकृति नहीं है अपितु, ज्यादा पढ़े लिखे लोगों के दिमाग में भी जिहादी कीड़ा उतना ही काम करता है और वे भी सभ्यता के सभी दायरे को तोड़कर जबरन धर्मांतरण करते हैं।

 

व्यापारिक जगत का एक और षड्यंत्र सामने आया। मलेशिया स्थित एक कंपनी के मालिक संपूर्ण विश्व के व्यापारिक जगत में इस्लामी आधिपत्य स्थापित करना चाहते हैं।

आज संपूर्ण विश्व त्रस्त है और इससे मुक्ति का उपाय चाहता है। पत्रकार जगत में भी इस प्रकार के षड्यंत्र सामने आ रहे हैं ।

 

विहिप ने चेतावनी दी है कि अगर कोई इन विषयों को रोक लगाना चाहता है और जिहादियों से कोई संबंध नहीं रखना चाहता तो अब उसे इस्लामिक फोबिया से त्रस्त नहीं कहा जा सकता। संपूर्ण विश्व का सभ्य समाज इस जिहादी षड्यंत्र से बचने के लिए छटपटा रहा है और इसके लिए उपाय भी कर रहा है। भारत में भी जिन राज्यों में सख्त कानून बने हैं और प्रभावी रूप से लागू हो रहे हैं, वहां इन षड्यंत्रों पर रोक लगी है।

 

इसलिए विश्व हिंदू परिषद की मांग है भारत के सभी राज्यों में अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए सख्त कानून बने। सभी राजनीतिक दल अपने राजनीतिक दायरे से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हितों की चिंता करें । टीसीएस षड्यंत्र की जांच एनआईए कर रहा है, इससे स्पष्ट है कि अब यह एक राज्य का विषय नहीं है अपितु, एक राष्ट्रव्यापी षड्यंत्र बन चुका है। इसको रोकने के लिए अब केंद्र सरकार को भी आगे आकर सख्त से सख्त कदम बढ़ाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अवैध धर्मांतरण विरोधी राष्ट्रव्यापी कानून बनाना चाहिए और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा देश के समक्ष उपस्थिति इस चुनौती का प्रभावी मुकाबला करना चाहिए।

जारी कर्ता:

विनोद बंसल

राष्ट्रीय प्रवक्ता

विश्व हिंदू परिषद

एकल विद्यालय फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया (RSS) एकल विद्यालय के द्वारा आरोग्य शिविर का आयोजन आज दिनांक 7 सितंबर 2025 को स्थान : ग्राम सभा रमदतपुर के मिनी सचिवालय में आयोजित किया गया जिसमें- सर सुंदरलाल हॉस्पिटल के (BHU), डॉ सच्चिदानंद जी (राष्ट्रीय सहमंत्री), डा0 सुनील कुमार, डा0 रत्ना गुप्ता, डा0 गजेंद्र प्रताप सिंह, डा0 अंकित कुमार,डा0 अंजलि डॉ0 रोमन आदि सहयोगी उपस्थित थे,शिवर का उद्घाटन ग्राम प्रधान श्री रामचंद्र गुप्ता रामदत्तपुर के द्वारा किया गया संच प्रमुख- शिवकुमारसंच अध्यक्ष- संतोष जीएकल विद्यालय आचार्य – आरती देवी, नीरज देवी, ज्योति राय, इंदु कुमारी,आयोजन कर्ता- प्रिंस पाठक (जिला संयोजक बजरंग दल चंदौली)ग्राम समिति से – दयाशंकर भारती, अंकित कुमार, देवनाथ पांडे, मृत्युंजय बालमुकुंद ओमप्रकाश आदि जन उपस्थित थे,कार्यक्रम का उद्देश्य – एकल विद्यालय फाउंडेशन ऑफ इंडिया के मेडिकल कैंप जोकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वारा संचालित किया जाता है, मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सा शिविरों के माध्यम से उन तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना है, जिसमें सामान्य रोगों के उपचार, जैसे कि बुखार, खांसी, डेंगू, मलेरिया, डायरिया, आदि से संबंधित एवं मातृ व शिशु देखभाल और स्वच्छता पर जोर दिया जा सके इसके साथ ही, यह फाउंडेशन निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान करता है और ग्रामीण समुदायों को समग्र स्वास्थ्य और विकास के अवसर उपलब्ध कराता है।मेडिकल कैंप के विशिष्ट उद्देश्य:स्वास्थ्य शिक्षा:लोगों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षित करना।चिकित्सा सेवाएं:विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना, जिसमें मातृ एवं शिशु देखभाल शामिल है।सामान्य बीमारियों का उपचार:सामान्य रोगों के उपचार के लिए दवाइयाँ वितरित करना।पहुँच में सुधार:ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच में सुधार करना, जहाँ पहले इन सेवाओं का अभाव होता था।निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य:निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और उपचारात्मक चिकित्सा दोनों पर ध्यान केंद्रित करना।