हर्षोल्लास से मनाई गयी परशुराम जयंती – चहनियां चंदौली

क्षेत्र स्थित लच्छु ब्रम्ह मंदिर लक्ष्मणगढ़ के प्रांगण में रविवार को हर्षोल्लास के साथ भगवान परशुराम जयंती मनायी गयी। तार गांव चकिया बिहारी मिश्र गांव में भी परशुराम जयंती बड़े ही धूमधाम से मनायी गयी। इसके पूर्व युवाओं ने एक विशाल जलुस निकाला जो विभिन्न गांवों व कस्बों का भ्रमण करते हुए लच्छु ब्रह्म् प्रांगण में एक विचार गोष्ठी में तब्दील हो गया। परशुराम जन्मोत्सव में सैकड़ो की संख्या में भक्त उपस्थित थे। गाजे बाजे के साथ एक विशाल जुलूस भी निकली गयी। वही सर्व ब्राह्मण हितकार्य यी समिति के जिला अध्यक्ष राजेंद्र पांडेय परशुराम जयंती पर अपने संबोधित में कहा कि परशुराम भगवान की अवतार थे। इसलिए जब कोई वर्ग अपने अधिकारों का दुरुपयोग करता तब उसे नियंत्रित करना उनके लिए आवश्यक हो जाता है। वही परशुराम ने किया। जैसा कि जैसा कि आज के लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप सत्ता परिवर्तन हम आप करते हैं वही कार्य परशुराम ने किया। वे स्वयं तपस्वी ही बने रहे पूरा सर्वस्व दान कर देते थे। जिसकी सत्ता संतुलन और उत्तरदायित्व सदा बना रहे। परशुराम जी को एक क्रोधी और युद्ध प्रिय ऋषि के रूप में देखा जाता है। उन्होंने न केवल अत्याचारियों का दमन किया बल्कि बाद में तपस्या और ज्ञान के तीनों लोक में उनके समान कोई शस्त्र शास्त्र का विद्वान नहीं था। वही वही भीष्म, द्रोणाचार्य, कर्ण के गुरु बनकर तत्कालीन समाज को दे दिये। वे महाभारत और रामायण दोनों में उल्लेखित है। जो यह दर्शाता है कि उनका प्रभाव विभिन्न यूगो तक बना रहा। परशुराम जी भगवान परशुराम जी यह सीखते हैं कि परिवर्तन केवल संघर्ष से नहीं बल्कि आत्म संयम, ज्ञान और संतुलन, त्याग और असीम तपस्या से ही संभव। धर्म , सत्य सत्य, और न्याय की रक्षा हेतु अन्याय के विभिन्न खड़े होने वाले अद्भुत पराक्रम और वीरता के प्रतिक भगवान श्री परशुराम जी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है। वहीं उपस्थित महामंत्री दिनेश मिश्रा, संरक्षण श्याम नगीना मिश्रा, अवधेश उपाध्याय, चंदन पांडेय, झगड़ू चौबे , संजय पांडेय जिला पंचायत, संजय पांडेय, श्याम प्रकाश पांडेय, मोहन उपाध्याय, कृपाशंकर चौबे, उपेंद्र नाथ तिवारी, सैकड़ो लोग उपस्थित थे।






