चहनियां चंदौली शुक्रवार को मुहर्रम की 10वीं तारीख पर गम और अकीदत का माहौल रहा

अकीदत के साथ ताजिया सुपुर्द-ए-खाक –

चहनियां चंदौली शुक्रवार को मुहर्रम की 10वीं तारीख पर गम और अकीदत का माहौल रहा  दोपहर बाद विभिन्न मोहल्लों से ताजिया जुलूस निकले जो शाम को स्थानीय कर्बला में पहुंचे, जहां सभी ताजिया को पूरे एहतराम के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जुलूस का मंजर देखने को मिला क्षेत्र के

कांवर,पखोपुर,रमौली,नौदर,दरियापुर,सढ़ान,नैढ़ी, रामगढ़, नादी , ताराजीवनपुर, सकलडीहा,इलाकों से दर्जनों ताजिया एक साथ कर्बला के लिए रवाना हुए। “या हुसैन-या हुसैन” की पुरदर्द सदाओं के बीच अजादारों ने नौहा-मातम कर कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद किया। बच्चे, बुजुर्ग और नौजवान सभी काले लिबास में जुलूस में शामिल थे। कई जगह जंजीर और कमा का मातम भी किया गया। मगरिब की नमाज के बाद कर्बला में दुआ-ख्वानी के साथ सभी ताजिया को दफन किया गया।

जुलूस के रास्ते में हिंदू समुदाय के लोगों ने जगह-जगह ठंडे पानी, शरबत और सबील का इंतजाम किया। इस क्षेत्र में मुहर्रम में कभी फर्क नहीं दिखा। दुख-सुख सब मिलकर बांटते हैं।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। CO सकलडीहा व थाना प्रभारी अरूण प्रताप सिंह खुद भारी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। सभी ताजिया दफन करने के बाद मुहर्रम का समापन शांतिपूर्ण तरीके से हो गया। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

आरएसएस शताब्दी वर्ष पर हुआ पथ संचलनचहनिया चंदौलीक्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी 100वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा पूर्ण कर शताब्दी वर्ष का शुभारंभ कस्बे के एक कॉन्वेंट स्कूल में उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों सहित समाज के प्रमुख जनसमुदाय ने सहभागिता की। आयोजन की शुरुआत ध्वजारोहण, शस्त्र पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शिवपूजन जी ने भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। सह कार्यवाह रविन्द्र ने संबोधन में कहा कि राम मंदिर का निर्माण संघ के वर्षों के अथक प्रयासों का परिणाम है। संघ वैदिक और सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जो ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के मार्ग पर चलता है। संघ चालक रविन्द्र ने उद्बोधन में कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है। संघ ने बीते 100 वर्षों में समाज को संगठित कर एक ध्येय पथ पर अग्रसर किया है। आज देश के कोने-कोने में संघ की शाखाएं कार्यरत हैं। हिंदुत्व समन्वय का विचार है, जिसमें बौद्ध, जैन, सिख सभी धर्मों को स्थान प्राप्त है। “रामराज्य और हिंदू राष्ट्र दो नहीं, एक ही उद्देश्य के रूप हैं,” ऐसा कहते हुए उन्होंने राष्ट्रभक्ति, सेवा और अनुशासन के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वही संघ संचालक ने कहा कि स्वदेशी अपना कर अपने देश को मजबूत किया जा सकता आप सभी से लोग स्वदेशी सामानों का उपयोग व उपभेग करे हमारा देश तरक्की कर सके। कार्यक्रम के उपरांत पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों का पथ बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल से चहनिया बाजार मार्ग से होते हुए बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल पर आकर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सह खंड कार्यवाहक सुमन, संचालक शिवपूजन तिवारी, विभाग संघ दीपक, संघ चालक रविन्द्र, मुकेश, आशीष, अमरीश, अमरीश सिंह भोला, सूर्यमुनि तिवारी, अमित, चन्दन, इंद्रसेन सहित अनेक स्वयंसेवक संघ के सदस्य उपस्थित रहे।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कथा प्रसंग सुनकर भक्त हुए निहाल चहनियां चन्दौली क्षेत्र के पक्खोपुर गांव में श्री त्रिदण्डी स्वामी के शिष्य सुन्दरदास यति जी महराज ने अपने मुखार विन्दु से भगवान विष्णु के अवतारों, विशेष रूप से भगवान कृष्ण की लीलाओं और भक्ति योग का वर्णन किया। स्वामी जी ने बताया कि जब-जब धरा पर पाप का बोझ बढ़ जाता है तब-तब भगवान को किसी न किसी रूप में अवतार लेकर पापियो का ाश कर आमजन को मुक्ति दिलाना है। जब कंस का पाप चरमोकर्ष पर पहुच गया तब नाथ नारायण ने श्रीकृष्ण रूप में जन्म लेकर कंस का अंत करके मथुरा का उद्धार किया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कथा का प्रसंग सुनकर भक्त निहाल हो गये। इस दौरान जिउत बन्धन यदव, राजेश सिंह, प्रभाकर सिंह, निरज पाण्डेय, पंकज पाण्डेय, दीपक सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अशोक, सारनाथ, प्रेमकुमार सिंह सहित सैकड़ो ग्रामवासी मौजूद रहे – चाहनिया चंदौली

फर्मासिंस्ट न रहने से मरीज रहे हलकानचहनिया चन्दौली।चहनिया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के तहत संचालित होने वाले नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कभी डाक्टर तो कभी फर्मासिस्ट हमेशा गायब रहते है। जिससे मरीजों को दवा व उपचार में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बुद्धवार की दोपहर स्वस्थ्य केन्द्र के आस-पास के जब ग्रामीण इलाज के लिए पहुचे तो डाक्टर ने दवा का लिख दिया लेकिन फार्मसिस्ट के न रहने के कारण घंटां मरीजों को इंतजार करना पड़ा। जब डाक्टर मरीजों को चेक कर लिया उसके उपरान्त उन्ही के द्वारा प्रत्येक मरीजों को दवा आदि का वितरण किया। जिसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोस व्याप्त है। वही अति प्राथमिक स्वास्थ्य दरियापुर केन्द्र प्रभारी आदिति सिंह ने बताया कि फार्मसिस्ट द्वारा मुझे कोई जानकारी नही दी गयी है कि किन कारणे से लापता है। वही बनारसी सिंह, रामदयाल सिंह, भोला राय, मुन्ना सोनकर, रमानन्द यादव सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि फर्मासिस्ट हमेशा गायब रहता है।