जनसभाओं के माध्यम से जनता की समस्याएं सुन रहे हैं सौरभ श्रीवास्तव

जनसभाओं के माध्यम से जनता की समस्याएं सुन रहे हैं सौरभ श्रीवास्तव

 

वाराणसी। मानवाधिकार न्यूज टीम ने आज सुसुवाही, बीएचयू क्षेत्र में आयोजित जनसभा के दौरान समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि सौरभ श्रीवास्तव से मुलाकात की। इस दौरान टीम के सदस्य सौरभ मिश्रा ने जनसभा की गतिविधियों की जानकारी ली और उनसे जनता से जुड़ने की उनकी कार्यशैली के बारे में पूछा।

 

सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि वे प्रतिदिन लगभग 250 परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनते हैं तथा उनके समाधान का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सप्ताह के अलग-अलग दिनों में विभिन्न स्थानों पर जनसभाएं एवं जनसुनवाई आयोजित की जाती हैं, जिनमें पीएमओ (PMO), नेवादा, उनके आवास सहित अन्य निर्धारित स्थानों पर लोगों से मुलाकात कर उनकी शिकायतें और सुझाव लिए जाते हैं।

 

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को समझना और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान कराने का प्रयास करना है।

 

मानवाधिकार न्यूज टीम ने जनता से सीधे संवाद स्थापित करने और नियमित जनसुनवाई की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक सकारात्मक प्रयास बताया।

 

जय हिंद, जय भारत।

प्राचीन हनुमान मंदिर के पास चल रही मांस की दुकान बंद

पंडित दीनदयाल नगर के ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर में स्थित प्राचीन हनुमान जी के मंदिर के ठीक बगल में पिछले ढाई महीने से बूचड़खाना एवं मांस की दुकान संचालित हो रही थी। इस मामले की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय ग्रामवासियों के साथ मिलकर प्रकरण को गंभीरता से उठाया और दुल्हीपुर चौकी को सूचना दी।

सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी अपने एक कांस्टेबल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के बाद पुलिस ने दुकान मालिक को तुरंत दुकान बंद करने का आदेश दिया।

स्थानीय ग्रामीणों एवं विश्व हिंदू परिषद–बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा का ध्यान रखा जाना आवश्यक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए स्थायी कदम उठाए जाएं।

मिर्जापुर के कछवां थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव निवासी चंद्र प्रकाश पटेल, जो भारतीय सेना के जवान थे, युद्धाभ्यास के दौरान तोप पर शहीद हो गए। सेना के सूबेदार नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह तोप पर कैजुएल्टी का मामला है। शहीद जवान का पार्थिव शरीर सेना द्वारा आज दोपहर में कछवां लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार गंगा तट पर किया जाएगा।
चंद्र प्रकाश पटेल का 2010 में भारतीय सेना में पहले प्रयास में चयन हुआ था। वह सेना की 99वीं बटालियन में तैनात थे और इन दिनों राजस्थान के सूरतगढ़ में तैनात थे। 22 अक्टूबर को वह घर आए थे, और एक सप्ताह के बाद सेना की ड्यूटी के लिए वापस लौट गए थे।
शहीद के परिवार में मातम, गांव में उमड़ी भीड़ चंद्र प्रकाश के निधन की सूचना मिलते ही गांव में गम का माहौल छा गया। शहीद जवान की पत्नी स्नेहा पटेल और ढाई साल के बेटे अयांश के साथ उनका परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है। परिवार के अन्य सदस्य, विशेष रूप से उनके माता-पिता राजपति और राजनाथ पटेल, जो शहादत की खबर सुनकर विलाप कर रहे थे, इस दुःखद घटना से बुरी तरह प्रभावित हैं।