जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल में धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस: भव्य तिरंगा यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल में धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस: भव्य तिरंगा यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल (चंबा) में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर दो दिवसीय भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। देशभक्ति के उत्साह से भरे इन आयोजनों में विद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

उत्साहपूर्वक निकाली गई तिरंगा यात्रा (14 अगस्त)

कार्यक्रम की शुरुआत 14 अगस्त को एक भव्य ‘तिरंगा यात्रा’ के साथ हुई। इस यात्रा का विधिवत शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य विक्रम सचदेवा द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। तिरंगा यात्रा में कक्षा 6वीं, 7वीं और 8वीं के विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा थामे देशभक्ति के गगनभेदी नारों के साथ अनुशासनबद्ध होकर भाग लिया। इस अवसर पर परामर्शदाता राहुल कुमार गुप्ता, शारीरिक शिक्षक रोहित कुमार, विज्ञान अध्यापिका मिस कामना ठाकुर सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक व कर्मचारी भी मौजूद रहे।

ध्वजारोहण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम (15 अगस्त)

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह का शुभारंभ एनसीसी (NCC) कैडेट्स के शानदार और अनुशासित मार्च पास्ट से हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के प्राचार्य विक्रम सचदेवा ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। तत्पश्चात विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं।

प्राचार्य का प्रेरक संबोधन

समारोह के दौरान प्राचार्य विक्रम सचदेवा जी ने एक उत्कृष्ट और प्रेरणादायक भाषण दिया। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों व सभी उपस्थित जनों से विद्यालय परिसर के साथ-साथ राष्ट्र स्तर पर भी अनुशासन बनाए रखने का पुरजोर आग्रह किया। उन्होंने कहा कि अनुशासन ही किसी भी व्यक्ति और राष्ट्र की वास्तविक प्रगति की आधारशिला है।

ऐतिहासिक चंबा चौगान में एनसीसी कैडेट्स का उत्कृष्ट प्रदर्शन

विद्यालय के एनसीसी कैडेट्स ने न केवल विद्यालय परिसर में बल्कि ऐतिहासिक चंबा चौगान में आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी भाग लिया। चौगान में कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत किए गए अनुशासित और उत्कृष्ट मार्च पास्ट ने सभी का मन मोह लिया।

समारोह के अंत में विद्यालय के उपप्राचार्य श्री अमित कुमार जी द्वारा सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का औपचारिक रूप से धन्यवाद ज्ञापन किया गया, जिसके साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।

पांच द्विवसीय रामकथा का हुआ समापन -मिर्जापुर शेरवा खखड़ा गांव में आयोजितपांच दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया था ।कथा अंतिम दिन कथावाचक परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य, उमापती पाठक पूर्व प्रधान, मंगल मिश्रा, सुजीत मोदनवाल, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, अवधेश मिश्रा, मनोहर, प्रसिद्ध तबला वादक अनिल द्विवेदी, बबलू तिवारी, सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित थे।