मुगलसराय वार्ड नंबर 1 विजयनगर कॉलोनी की रोड का बुरा हाल, महिलाओं द्वारा सभासद जी का घेराव

मुगलसराय वार्ड नंबर 1 विजयनगर कॉलोनी की रोड का बुरा हाल, महिलाओं द्वारा सभासद जी का घेराव।

वार्ड नंबर एक ही सबसे पुरानी कॉलोनी विजयनगर के नाम से जानी जाती है जिसकी रोड रास्ते की बुरी स्थिति है, समय-समय पर नगर पालिका को घर का टैक्स भी जमा किया जाता है तभी कोई सुनवाई नहीं हो रही है, महिलाओं और बच्चों का रोड पर चलना दुश्वार हो गया है, बरसात आने पर रोड पर चलना और बाइक चलाना साइकिल चलाना दुश्वार हो गया है, नगर में आए दिन कोई का कोई घटना होती रहती है,

बरसात का जल रोड पर जमने से सांपों का आगमन रोड पर होता है जिससे बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाते हैं, इसकी सूचना नगर के लोगों द्वारा नगर पालिका को चेयरमैन साहब को समय-समय पर दी जाती रही, मगर बजट नहीं है यह कहकर बात को टाल दिया जा रहा था, आखिर नहीं रहा गया तो महिलाओं ने मिलकर एक दरखास्त लिखी और तत्काल सभासद जी को देने का काम किया गया।

सभासद पारस यादव जी द्वारा सांत्वना दी गई कि जल्द से जल्द रोड बनाने का कार्य किया जाएगा और तत्काल रोड पर कुछ गिट्टी डालकर रोड को समतल किया जाएगा जिससे बच्चे और महिलाओं का घर से निकलना हो सके।

विजयनगर वार्ड नंबर 1 के सभासद पारस यादव जी द्वारा सांत्वना दी गई कि जल्द से जल्द रोड का कार्य शुरू किया जाएगा।

संवाददाता – राहुल मेहानी

रिपोर्ट- राहुल मेहानी

 

मिर्जापुर के कछवां थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव निवासी चंद्र प्रकाश पटेल, जो भारतीय सेना के जवान थे, युद्धाभ्यास के दौरान तोप पर शहीद हो गए। सेना के सूबेदार नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह तोप पर कैजुएल्टी का मामला है। शहीद जवान का पार्थिव शरीर सेना द्वारा आज दोपहर में कछवां लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार गंगा तट पर किया जाएगा।
चंद्र प्रकाश पटेल का 2010 में भारतीय सेना में पहले प्रयास में चयन हुआ था। वह सेना की 99वीं बटालियन में तैनात थे और इन दिनों राजस्थान के सूरतगढ़ में तैनात थे। 22 अक्टूबर को वह घर आए थे, और एक सप्ताह के बाद सेना की ड्यूटी के लिए वापस लौट गए थे।
शहीद के परिवार में मातम, गांव में उमड़ी भीड़ चंद्र प्रकाश के निधन की सूचना मिलते ही गांव में गम का माहौल छा गया। शहीद जवान की पत्नी स्नेहा पटेल और ढाई साल के बेटे अयांश के साथ उनका परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है। परिवार के अन्य सदस्य, विशेष रूप से उनके माता-पिता राजपति और राजनाथ पटेल, जो शहादत की खबर सुनकर विलाप कर रहे थे, इस दुःखद घटना से बुरी तरह प्रभावित हैं।