भारतीय मानवाधिकार एसेसिएशन की बैठक सम्पन्न
चहनियां चन्दौली

भारतीय मानवाधिकार एसेसिएशन की बैठक सम्पन्न
चहनियां चन्दौली
भारतीय मानवाधिकारी एसोसिएसन की बैठक नेशनल पब्लिक स्कूल बबुरी में सम्पन्न हुई। जिसमें तमाम विन्दुओं पर व्यापक चर्चा कर विचार विमर्श किया गया कि समाज के गरीब तबके के लेगों कैसे समाज के मुख्य धारा में जोड़ा जाय। व्यापक चर्चा करते रविप्रकाश ने कहा कि जैसे शिक्षा आप के द्वार कार्यक्रम का आयेजन कर समाज में दबे कुचले, गरीब, असहाय, अनाथ बच्चों को शिक्षित कर समाज के मुख्य धारा से जोड़े का प्रयास किया जाय। जिसपर सबकी एकमत सहमती हुई। दुसरी तरफ राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर रविप्रकाश द्वारा चर्चा कर पदाधिकारियों को जागरूक किया। बैठक में मुख्य रूप से आयुष पाठक, अरूण पाठक, मनोज कुमार मिश्र, विनोद मिश्र, प्रेम गिरी, नागा बाबा, अशोक, हसमुद्दीन, प्रदीप भारती सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में लोगों में कार्ड का वितरण किया गया।

संवाददाता – राहुल मेहानी

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कथा प्रसंग सुनकर भक्त हुए निहाल चहनियां चन्दौली क्षेत्र के पक्खोपुर गांव में श्री त्रिदण्डी स्वामी के शिष्य सुन्दरदास यति जी महराज ने अपने मुखार विन्दु से भगवान विष्णु के अवतारों, विशेष रूप से भगवान कृष्ण की लीलाओं और भक्ति योग का वर्णन किया। स्वामी जी ने बताया कि जब-जब धरा पर पाप का बोझ बढ़ जाता है तब-तब भगवान को किसी न किसी रूप में अवतार लेकर पापियो का ाश कर आमजन को मुक्ति दिलाना है। जब कंस का पाप चरमोकर्ष पर पहुच गया तब नाथ नारायण ने श्रीकृष्ण रूप में जन्म लेकर कंस का अंत करके मथुरा का उद्धार किया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कथा का प्रसंग सुनकर भक्त निहाल हो गये। इस दौरान जिउत बन्धन यदव, राजेश सिंह, प्रभाकर सिंह, निरज पाण्डेय, पंकज पाण्डेय, दीपक सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अशोक, सारनाथ, प्रेमकुमार सिंह सहित सैकड़ो ग्रामवासी मौजूद रहे – चाहनिया चंदौली

प्रबोधिनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने़ लगाई आस्था की डुबकीचहनिया चन्दौली।क्षेत्र के मां भागीरथी के पश्चिमी वाहिनी बलुआ घाट पर प्रबोधिनी एकादशी के पावन पर्व पर हजारां श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाते हुए मन्दिर पूजा पाठ कर याचक ओर भिक्षुओं का दानपुन्य कर यश के भागी बने। इसी क्रम में क्षेत्र के महुआरी, कांवर, महुअरकलां, पूरा विजयी, तिरगावां, टाण्डाकलां, सैफपुर, नादी-निधौरा समस्त गंगा तटीय गावों के घाटो पर भारी भीड़ उमड़ी रही।शनिवार की अलसुबह ही हजरो श्रद्धालुओं की भीड़ बलुआ घाट पर पहुचने लगी और देखते ही देखते मेले जैसे रूवरूप लेते हुए भारी भीड़ के रूप में तब्दील हो गयी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु अपने योग चर्तुमासा निद्रा से जागते हैं इसी कारण इसे देव उठान या देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी के दिन मॉ तुलसी का विवाह भी श्री हरि नारायण से सम्पन्न कराया जाता है। उसी मान्यता के अनुसार समस्त जगत में मांगलिक कार्यक्रम प्रारम्भ हो जाते है। वही सुरक्षा की दृष्टि से उपनिरीक्षक विनोद सिंह, महिला कांस्टेबल कौशल्या देवी, चिंता देवी, राजेश कुमार, सरोज देवेंद्र प्रताप यादव के साथ गोताखोरों की टीम भी नाव से गंगा में निगरानी करती रही।