खाना बैंक ट्रस्ट के 6 वर्ष पूर्ण होने पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन

खाना बैंक ट्रस्ट के 6 वर्ष पूर्ण होने पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन

जरूरतमंदो को भोजन कराने वाली नगर की प्रतिष्ठित संस्था खाना बैंक ट्रस्ट ने अपने वार्षिक उत्सव के अवसर पर स्कूली और सरकारी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए संगोष्ठी एवं छात्र परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुवात मुख्य अतिथि क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर आशुतोष तिवारी जी,विशिष्ठ अतिथि डॉ•अनिल यादव जी, नवागत सीओ नामेंद्र कुमार जी,फायर स्टेशन प्रभारी अमित राय जी एंव दीपक ओझा जी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में करीब 70 से 80 बच्चों ने अपने पढ़ाई और भविष्य से जुड़े सवालों को रखा और अतिथियों ने अपने अपने जवाब के माध्यम से बच्चों का  मार्गदर्शन किया।

बच्चों ने सवालों में पढ़ाई और जीवन पर सोशल मीडिया का प्रभाव, नीट, जेईई और पुलिस भर्ती, यूपीएससी जैसे महावपूर्ण परीक्षाओं से संबंधित सवाल पूछे।

मुख्य अतिथि अशुतोष तिवारी जी ने खाना बैंक ट्रस्ट द्वारा समाज में किए जा रहे अनवरत कार्यों की प्रशंसा करते हुए संगठन के सभी सदस्यों का हौसला बढ़ाया। और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आयोजित किए गए कार्यक्रम की सराहना की।
कार्यकम में जिले के युवा समाज सेवी भाइयों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन अरविन्द चतुर्वेदी जी ने किया, आखिर में संस्था के संरक्षक कैरियर काउंसलर रविन्द्र सहाय ने सभी बच्चों को इंटरव्यू की तैयारी से संबंधित अपनी किताब वितरित किया।
धन्यवाद ज्ञापन दीपक जी एंव संस्था के अध्यक्ष अंकित त्रिपाठी ने किया। इस दौरान खाना बैंक टीम से अंकित त्रिपाठी,प्रवीण अग्रहरी,अमित, सूरज,रवि,अंकेश,शुभम, अशुतोष , सिंगारिका, श्रेयश मौजूद रहे।

रिपोर्ट – राहुल मेहानी

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से मज़दूरों को समर्पित एक अपील
“फिर से चाहिए 8 घंटे का अधिकार –
मज़दूर न किसी का ग़ुलाम है, न कोई व्यापार!”

आज 1 मई – अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस है। यह वह दिन है जब पूरी दुनिया उन मेहनतकश हाथों को सलाम करती है, जिन्होंने अपने खून-पसीने से दुनिया का निर्माण किया है।
लेकिन आज एक बार फिर वही सवाल खड़ा है –
क्या हमारे मज़दूरों को वह सम्मान, वह अधिकार मिल पा रहे हैं जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी थी?

1886 में अमेरिका के शिकागो में जब मज़दूरों ने 8 घंटे की शिफ्ट के लिए अपनी जानें दीं, तब जाकर यह अधिकार मिला।
मगर आज फिर वही मज़दूर 12 से 18 घंटे काम करने को विवश है –
कम मज़दूरी, ज़्यादा काम, और सम्मान शून्य।

मानवाधिकार न्यूज़ की ओर से हम यह स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं:

8 घंटे का काम मज़दूर का हक़ है, एहसान नहीं।

हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, और काम का सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए।

मज़दूर को कोई ठेके का सामान न समझें – वह भी एक इंसान है, जिसके सपने हैं, परिवार है, और जीने का हक़ है।


आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है –
मज़दूरों की आवाज़ को फिर से बुलंद करना।
उनके हक़ के लिए एकजुट होना।

हमारा संकल्प:
“रोटी भी चाहिए, इज़्ज़त भी चाहिए,
इंसान हैं हम – गुलाम नहीं!”

आपका
संजय रस्तोगी
राष्ट्रीय अध्यक्ष – मानवाधिकार न्यूज़

तमन्चे व नकदी संग चोर गिरफ्तारचहनिया चन्दौलीबलुआ पुलिस ने चंकिग के दौरान शनिवार को नाथूपुर तिराहा से अन्तर जनपदीय शातिर चोर रोहन निषाद पुत्र दिनेश निवासी पूरा गनेश, थाना बलुआ को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से एक देशी तमंचा 315 बोर, एक जिंदा व एक फायरशुदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा चोरी के माल की बिक्री से प्राप्त 11,400रूपये नकद बरामद हुए हैं। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसने अपने साथियों भोला निषाद, आकाश निषाद, महेश निषाद व ईश्वरचंद्र निषाद के साथ मिलकर बलुआ क्षेत्र सहित जनपद के कई हिस्सों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते है। गांव के अजय केवट व लोरिक गुप्ता के घरों में चोरी की थी और चोरी का सामान राहगीरों व कबाड़ियों को औने-पौने दामों में बेच दिया। इसके अलावा जुलाई माह में उसने थाना धीना क्षेत्र के बैरिक कला गांव में एक घर से गहने और 5000रूपये नकद चुराए थे। अगस्त माह में अपने साथी आकाश निषाद के साथ थाना अलीनगर क्षेत्र के बसनी गांव स्थित शिवमंदिर से चांदी के आभूषण व घंटे चोरी किए थे। उसने मसौनी गांव के काली माता मंदिर में हुई चोरी की वारदात को भी स्वीकार किया। रोहन ने बताया कि चोरी की घटनाओं के दौरान वह आत्मरक्षा हेतु तमंचा अपने पास रखता था। पुलिस ने बरामद असलहे के आधार पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है और अन्य मामलों में जांच तेज कर दी है।