विरोध यात्रा  एवं जन आक्रोश यात्रा

विरोध यात्रा एवं जन आक्रोश यात्रा

आज दिनांक 22 8 2024 को एक विशाल जुलूस केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएसन जनपद चंदौली के तत्वाधान में माननीय विधायक रमेश जायसवाल जी के नेतृत्व में
बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं के ऊपर अत्याचार एवं शोषण के विरोध में एवं कोलकाता रेप पीड़ित के इंसाफ के लिए मांग करते हुए ।
एक विशाल जुलूस संस्था के कैंप कार्यालय से निकाल करके बारिश में भीगते हुए सुभाष पार्क तक जाकर के समाप्त हुआ। जिसमें मुख्य रूप से पंकज शर्मा,रोहिताश पाल ,शिवकुमार जायसवाल, डीके जायसवाल ,अमित जायसवाल मनोज यादव मनोज केसरी आशुतोष जायसवाल पिंटू जायसवाल लोगों सम्मिलित थे जिसकी अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष श्री दिनेश चंद्र जायसवाल ने किया।

संवाददाता राहुल मेहानी

डीडीयू नगर चंदौली। आज बुधवार को गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी व सिख्ख समाज द्वारा  दशो पातशाहियो की अलौकिक जागृत ज्योत धन-धन श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी महाराज  का पावन पवित्र पहला प्रकाश पर्व दिन बुधवार को गुरूद्वारा साहिब जी.टी. रोड पर रात  तक मनाया गया।

धनुष टूटने का दृश्य देख दर्शक हुए गदगद -शेरवां खखडा गांव में आयोजित श्री राम कथा केतिसरे दिन शुक्रवार की कथा वाचक पंडित मंगलम दीप महाराज कथा में बतलाया कि शिव धनुष टूटते ही चारों तरफ हर-हर महादेव व जय श्रीराम के नारे से पूरा पांडाल सहित गांव गुजायमान हो गया। इस दौरान राजा जनक के सीता स्वयंवर के लिये रखे गये शर्त को जब कोई राजा, देव-दानव-मानव पूरा नही कर पाए तब महाराज जनक निराश हो गये और उन्होने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मैं यह समझता कि यहां कोई भी वीर पुरूष नही सभी का-पुरूष ही का-पुरूष है। तो मैं अपनी बेटी के लिए एेंसा शर्त नही रखता। स्वयंर देखने के उद्देश्य से पहुचे लक्षमण तुरन्त ही उनको बातों से कुद्ध होकर कहे महाराज जनक रघुवंशियो के समक्ष इस तरह के शब्द बोलने का किसी को कोई अधिकार नही यह धनुष क्या चीज है अगर बड़े भैया का आदेश हो तो मैं पूरी पृथ्वी को गेद तरह उठाकर पटक कई टुकड़े कर दूं। जिस पर गुरू विश्वामित्र व प्रभुराम ने लक्षमण को समझाते हुए शान्त करवाया और महाराज जनक की निराशा को आशा में तब्दील करते हुए शुभ-मुहुर्त में विश्वामित्र के आदेशानुसार प्रभु श्रीराम ने धुनष पर तमंचा चढ़ाने गये और तमंचा चढ़ाते ही वह टूट गया। धनुष के टूटते ही चारो तरफ हर-हर महादेव, व जय श्रीराम के नारे से पूरा गांव सहित पंडाल गुजायमान हो गया। इस दौरान कथा में उपस्थित मंगल मिश्रा, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी,बिशाल,मनोहर, अशोक मिश्रा, सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।