तमन्चे व नकदी संग चोर गिरफ्तारचहनिया चन्दौलीबलुआ पुलिस ने चंकिग के दौरान शनिवार को नाथूपुर तिराहा से अन्तर जनपदीय शातिर चोर रोहन निषाद पुत्र दिनेश निवासी पूरा गनेश, थाना बलुआ को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से एक देशी तमंचा 315 बोर, एक जिंदा व एक फायरशुदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा चोरी के माल की बिक्री से प्राप्त 11,400रूपये नकद बरामद हुए हैं। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसने अपने साथियों भोला निषाद, आकाश निषाद, महेश निषाद व ईश्वरचंद्र निषाद के साथ मिलकर बलुआ क्षेत्र सहित जनपद के कई हिस्सों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते है। गांव के अजय केवट व लोरिक गुप्ता के घरों में चोरी की थी और चोरी का सामान राहगीरों व कबाड़ियों को औने-पौने दामों में बेच दिया। इसके अलावा जुलाई माह में उसने थाना धीना क्षेत्र के बैरिक कला गांव में एक घर से गहने और 5000रूपये नकद चुराए थे। अगस्त माह में अपने साथी आकाश निषाद के साथ थाना अलीनगर क्षेत्र के बसनी गांव स्थित शिवमंदिर से चांदी के आभूषण व घंटे चोरी किए थे। उसने मसौनी गांव के काली माता मंदिर में हुई चोरी की वारदात को भी स्वीकार किया। रोहन ने बताया कि चोरी की घटनाओं के दौरान वह आत्मरक्षा हेतु तमंचा अपने पास रखता था। पुलिस ने बरामद असलहे के आधार पर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है और अन्य मामलों में जांच तेज कर दी है।

रिपोर्ट मनोज मिश्रा

मिर्जापुर के कछवां थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव निवासी चंद्र प्रकाश पटेल, जो भारतीय सेना के जवान थे, युद्धाभ्यास के दौरान तोप पर शहीद हो गए। सेना के सूबेदार नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह तोप पर कैजुएल्टी का मामला है। शहीद जवान का पार्थिव शरीर सेना द्वारा आज दोपहर में कछवां लाया जाएगा, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार गंगा तट पर किया जाएगा।
चंद्र प्रकाश पटेल का 2010 में भारतीय सेना में पहले प्रयास में चयन हुआ था। वह सेना की 99वीं बटालियन में तैनात थे और इन दिनों राजस्थान के सूरतगढ़ में तैनात थे। 22 अक्टूबर को वह घर आए थे, और एक सप्ताह के बाद सेना की ड्यूटी के लिए वापस लौट गए थे।
शहीद के परिवार में मातम, गांव में उमड़ी भीड़ चंद्र प्रकाश के निधन की सूचना मिलते ही गांव में गम का माहौल छा गया। शहीद जवान की पत्नी स्नेहा पटेल और ढाई साल के बेटे अयांश के साथ उनका परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है। परिवार के अन्य सदस्य, विशेष रूप से उनके माता-पिता राजपति और राजनाथ पटेल, जो शहादत की खबर सुनकर विलाप कर रहे थे, इस दुःखद घटना से बुरी तरह प्रभावित हैं।