पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के ओम नगर वार्ड नंबर 9 में छठ पूजा बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इलाके के सैकड़ों श्रद्धालु घाट पर एकत्रित हुए और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया।

रिपोर्ट हर्षिता मेहानी

ओम नगर वार्ड नंबर 9 में छठ पूजा का भव्य आयोजन

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के ओम नगर वार्ड नंबर 9 में छठ पूजा बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इलाके के सैकड़ों श्रद्धालु घाट पर एकत्रित हुए और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया।

पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर सूर्य देव और छठी मइया की आराधना की। सुबह और शाम के अर्घ्य में भक्तों ने पारंपरिक गीत गाए और माहौल को भक्तिमय बना दिया। पूजा स्थल को आकर्षक तरीके से सजाया गया था, और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया।

इस अवसर पर मानवाधिकार न्यूज़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय रस्तोगी जी और जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। उन्होंने आयोजन की व्यवस्था और श्रद्धालुओं के उत्साह की सराहना की। पूजा समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मानवाधिकार न्यूज़ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जी का कहना है “छठ पूजा हमारे भारतीय संस्कृति का अनमोल हिस्सा है, जो न केवल हमारी आस्था को दर्शाता है बल्कि प्रकृति के प्रति हमारे गहरे सम्मान को भी उजागर करता है। इस पर्व में सूर्य देव और माँ गंगा की आराधना कर हम सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

मानवाधिकार के दृष्टिकोण से, यह पर्व हमें एकता, समानता और समर्पण का संदेश देता है, जहाँ जाति, वर्ग, धर्म से ऊपर उठकर हर व्यक्ति इसमें सम्मिलित होता है। आइए, हम सब मिलकर इस पर्व के महत्व को समझें और अपने समाज में हर व्यक्ति के अधिकारों का सम्मान करें। छठ पूजा के इस पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।”

छठ पूजा, जो प्रकृति और परिवार के प्रति आस्था का प्रतीक है, इस वर्ष भी पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाई गई। आयोजकों और श्रद्धालुओं ने मिलकर इसे यादगार बना दिया।

आरएसएस शताब्दी वर्ष पर हुआ पथ संचलनचहनिया चंदौलीक्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी 100वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा पूर्ण कर शताब्दी वर्ष का शुभारंभ कस्बे के एक कॉन्वेंट स्कूल में उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों सहित समाज के प्रमुख जनसमुदाय ने सहभागिता की। आयोजन की शुरुआत ध्वजारोहण, शस्त्र पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शिवपूजन जी ने भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। सह कार्यवाह रविन्द्र ने संबोधन में कहा कि राम मंदिर का निर्माण संघ के वर्षों के अथक प्रयासों का परिणाम है। संघ वैदिक और सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जो ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के मार्ग पर चलता है। संघ चालक रविन्द्र ने उद्बोधन में कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है। संघ ने बीते 100 वर्षों में समाज को संगठित कर एक ध्येय पथ पर अग्रसर किया है। आज देश के कोने-कोने में संघ की शाखाएं कार्यरत हैं। हिंदुत्व समन्वय का विचार है, जिसमें बौद्ध, जैन, सिख सभी धर्मों को स्थान प्राप्त है। “रामराज्य और हिंदू राष्ट्र दो नहीं, एक ही उद्देश्य के रूप हैं,” ऐसा कहते हुए उन्होंने राष्ट्रभक्ति, सेवा और अनुशासन के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वही संघ संचालक ने कहा कि स्वदेशी अपना कर अपने देश को मजबूत किया जा सकता आप सभी से लोग स्वदेशी सामानों का उपयोग व उपभेग करे हमारा देश तरक्की कर सके। कार्यक्रम के उपरांत पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों का पथ बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल से चहनिया बाजार मार्ग से होते हुए बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल पर आकर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सह खंड कार्यवाहक सुमन, संचालक शिवपूजन तिवारी, विभाग संघ दीपक, संघ चालक रविन्द्र, मुकेश, आशीष, अमरीश, अमरीश सिंह भोला, सूर्यमुनि तिवारी, अमित, चन्दन, इंद्रसेन सहित अनेक स्वयंसेवक संघ के सदस्य उपस्थित रहे।

प्रभु श्रीराम की बारात का मंचन देख दर्शक हुए गदगद चहनिया चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के चौथे दिन बृहस्पतिवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ शुभारम्भ किया गया। धनुष टूटते ही राजा जनक के राजपुरोहित शतानंद जी क आदेशानुसार अयोध्या में खबर भेजवाया गया और वहा से बारात सज-धजकर मिथिला के रवाना हो गई। बारात में दर्जनों घोड़ा, हाथी, ऊट, कई जोड़ बैण्ड बाजा के साथ हजारों बाराती बारात की शोभ बढ़ा रहे थे। जो आक्रषण का केन्द्र बना रहा।गांव वासियों ने जगह-जगह पुष्प की वर्षा व आरती करते नजर आये। बारात में कई झांकियां आक्रषण का केन्द्र बनी रही। भगवान शिव और उनकी गणों की झांकी विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। बारात पूरे गांव का भ्रमण कर रामलीला स्थल पर पहुचा जहा चारो ओर रीराम के जयकारे व हर-हर महादेव गगनभेदी नारे से गुजांयमान रहा। तत्पश्चात लोगों में महाप्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ो कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।