अली नगर मुगलचक के प्रमुख लिंक रोड पर 5 दिनों से भरा कमर तक पानी, स्कूली बच्चे परेशानअली नगर मुगलचक, जिला चंदौली, 7 अक्टूबर 2025 – जिले में जहाँ एक ओर नेतागण बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं, वहीं अली नगर मुगलचक के वार्ड नंबर 3 और 9 को जोड़ने वाली एक प्रमुख सड़क पर विगत 5 दिनों से कमर तक पानी भरा हुआ है। चकिया रोड (आर आर मेमोरियल हॉस्पिटल के सामने) से मुगलचक पानी टंकी होते हुए जीटी रोड तक जाने वाली इस सड़क पर जलभराव से आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।इस मार्ग पर 2 सरकारी स्कूल, 2 प्राइवेट स्कूल, 2 गौशाला, नगर पालिका का स्टोर रूम और एक पानी टंकी स्थित है। स्कूली बच्चों को जूते-मोजे उतारकर पानी में चलकर रोड पार करना पड़ रहा है।स्थानीय निवासियों ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वे नगर के वासी नहीं हैं? क्या उन्होंने वोट नहीं दिया? क्या नगर चेयरमैन और अन्य जनप्रतिनिधियों को इस समस्या की जानकारी नहीं है?आक्रोशित निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि क्या हर समस्या का समाधान केवल जन आंदोलन ही है? क्या चक्का जाम करने पर ही प्रशासन सुनवाई करेगा?स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था करने और स्थायी समाधान की मांग की है।

रिपोर्ट सुशील सेठ

भगवान भास्कर के जयकारे से गूजायमान हुई अध्यात्मिक नगरीरामनगर वाराणसीविन्ध्य पर्वत के तलहटी में भगवान भोले नाथ की त्रिशूल पर वसी नगरी वाराणसी में चार द्विवसीय डाला छठ बड़े ही धूॅमधाम के साथ मनाया गया। मॉ भगवती गंगा के दोनां तटां अध्यात्मिक नगरी तो दुसरी तरफ रामनगर के राजा का किला स्थित है। अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक व रामनगर से लेकर पड़ाव डोमरी तक हजारां नर नारी भगवान भास्कर के महापर्व को पूर्ण करने में लगे रहे। जिसके क्रम में मंगलवार की अल सुबह ही व्रतियो ने मॉं गंगा के तट पर पहुच कर उदयाचल भगवान भास्कर को अर्ध्य दिया। जैसे भगवान भास्कर की किरणे मां गंगा के स्पर्श की कि चारों तरफ भगवान भास्कर व छठी मइया के गगन भेदी जयकारे से पूरा क्षेत्र गूजायमान हो गया और इसी अर्ध्य के साथ भगवान भास्कर महापर्व समाप्त हो गया।

पितृविसर्जन पर लोगो ने अपने पूर्वजों का किया, तर्पण व पिण्डदान
चहनिया चन्दौली।
पितृपक्ष के अंतिम दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने मॉ भागीरथी गंगा तट पर बलुआ घाट पर अपने-अपने पितरों को तर्पण कर पिंडदान किया और पितृविर्सजन पर विभिन्न अनुष्ठान व पूजन-अर्चन कर घाटो पर व्यंजन चढ़ाकर तर्पण किया।
रविवार की अल सुबह ही श्रद्धालुओं द्वारा पैदल, वाहनों से लोटा, कुश, परास की पत्ती कर हाथो में लिए गंगा तट पर पहुचने लगे और बाजारां में जौ के आटे, दीया, माचिस, अगरबत्ती, मालफूल की खरीददारी करते घाटों पर पहुच कर अपने- अपने पूर्वजां को श्राद्ध तर्पण और पिंडदान में जुटे रहे जो अरान्ह तक चलता रहा।
इस दौरान गंगा के पानी में तेजी से घटाव के कारण चारो तरफ कीचड़ व मिट्टियों का ढ़ेर से लोग हलकान नजर आये। इस दौरान पुलिस चाक चौकस व्यवस्था करने में जुटी रही। इस दौरान चहनियां वाया बलुआ मार्ग पर मेले का दृश्य हो गया और बाल्मिकी इण्टर कालेज के प्रांगण में वहनो का जमघट लगा रहा पिंडदान व तर्पण का कार्य देर अपरान्ह तक चलता रहा।
इसी क्रम में भूपौली, महुअरकला, टॉण्डा सैफपुर, सहित गंगा तटों पर पिंडदान का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों, सरोवरों पर भी श्रद्धालुओं में पिंडदान कर अपने पूर्वजों का तर्पण किया और सुख समृद्धि की कामना व्यक्त किया।
इस दौरान नाई अपनी-अपनी दुकाने रविवार की अल सुबह लगभग 3बजे से खोलकर लोगों का मुण्डन इत्यादी का कार्य करने में जुटे रहे। जिससे नाई की दुकानों पर लोगो की भीड़े जुटी रही। वही माली भी रविवार की अल सुबह माला फूल लेकर घाटो पर जमें रहे।