आस्था और श्रद्धा का महापर्व छठ पूजा इस वर्ष पुणे स्थित विजय विहार (AWHO) सोसायटी में बड़े ही धूमधाम और भक्तिमय माहौल में मनाया गया।

सोसायटी की महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर भगवान सूर्यदेव और छठ मैया की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। शाम के समय सभी श्रद्धालु सोसाइटी में बनाए गए घाट पर एकत्रित हुए और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।

रिपोर्ट शिखा उपाध्याय

भक्ति गीतों, पारंपरिक संगीत और छठ मइया के जयकारों से पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से गूंज उठा। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने इस पावन पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और त्योहार का आनंद उठाया।

सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर सभी को ठेकुआ महाप्रसाद देकर पूजा का समापन किया गया। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि सामूहिक एकता और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को भी सशक्त बनाता है।
रिपोर्ट शिखा उपाध्याय

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कथा प्रसंग सुनकर भक्त हुए निहाल चहनियां चन्दौली क्षेत्र के पक्खोपुर गांव में श्री त्रिदण्डी स्वामी के शिष्य सुन्दरदास यति जी महराज ने अपने मुखार विन्दु से भगवान विष्णु के अवतारों, विशेष रूप से भगवान कृष्ण की लीलाओं और भक्ति योग का वर्णन किया। स्वामी जी ने बताया कि जब-जब धरा पर पाप का बोझ बढ़ जाता है तब-तब भगवान को किसी न किसी रूप में अवतार लेकर पापियो का ाश कर आमजन को मुक्ति दिलाना है। जब कंस का पाप चरमोकर्ष पर पहुच गया तब नाथ नारायण ने श्रीकृष्ण रूप में जन्म लेकर कंस का अंत करके मथुरा का उद्धार किया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कथा का प्रसंग सुनकर भक्त निहाल हो गये। इस दौरान जिउत बन्धन यदव, राजेश सिंह, प्रभाकर सिंह, निरज पाण्डेय, पंकज पाण्डेय, दीपक सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अशोक, सारनाथ, प्रेमकुमार सिंह सहित सैकड़ो ग्रामवासी मौजूद रहे – चाहनिया चंदौली