वाराणसी के स्नेहल राजवंश का सीडीएस में हुआ चयन

रिपोर्ट राहुल मेहानी

वाराणसी के स्नेहल राजवंश का सीडीएस में हुआ चयन                                                                            वाराणसी के श्यामपुरी कॉलोनी मीरापुर बसहीं  निवासी स्नेहल राजवंश ने प्रथम प्रयास में  CDS EXAM 2024 में सफ़लता प्राप्त की है, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से जारी CDS EXAM 2024 के परिणाम के अनुसार स्नेहल राजवंश ने भारतीय नौसेना  अकादमी की योग्यता सूची में पूरे देश में 7वां , भारतीय वायु सेना अकादमी की योग्यता सूची में 12वां और भारतीय सैन्य अकादमी की योग्यता सूची में 37वां स्थान  प्राप्त किया है , स्नेहल स्वयं की पसंद से भारतीय वायुसेना अकादमी में फ्लाइंग ऑफिसर का पद  प्राप्त करेंगे ,
स्नेहल ने दसवीं की परीक्षा सेंट जॉन्स स्कूल वाराणसी  और 12वीं की परीक्षा सनबीम स्कूल वरुणा से प्राप्त की है, स्नेहल ने ने  B. Tech की परीक्षा गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज मैनपुरी से और M.Tech की परीक्षा GATE क्वालिफाई करने के बाद भोपाल से प्राप्त की है,
स्नेहल ने अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों, माता-पिता परिवार और शुभचिंतकों को दिया है  , स्नेहल ने कहा कि सही दिशा में, सही समय से व सही मार्गदर्शन में किए गए निरंतर प्रयास से लक्ष्य की प्राप्ति अवश्य होती है,  स्नेहल मूल रूप से मऊ जनपद के ग्राम – बरबोझी, पोस्ट – देवलास, तहसील – मोहम्मदाबाद के निवासी हैं,  स्नेहल के दादा स्वर्गीय एल.आर.यादव जी उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन में वरिष्ठ सहायक अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए थे दादी स्व. प्रभावती यादव जी स्नेहमयी गृहिणी थी,पिता राजेश कुमार यादव भारतीय रेल में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के  पद पर वाराणसी में कार्यरत हैं ,इनकी माता एडवोकेट नीलम यादव जी  योग प्रशिक्षिका  हैं, अनुज श्रेयश राजवंश रूस से Medical (M.B.B.S.)कोर्स कर रहें हैं , 
स्नेहल की इस सफलता पर गांव – कुढ़े खुर्द, दीनदयाल नगर, जिला-चंदौली निवासी स्नेहल की बुआ गिरिजा यादव पत्नी स्व. शिव कुमार चंद यादव ,भाई रोहित, भाभी ममता और बहन मनीषा, स्वाति के घर तथा क्षेत्र  में ख़ुशी की लहर है, सभी लोग स्नेहल और परिवार को बधाई दे रहे हैं,

???? धपरी (धरमपुर) में प्रकट हुआ शिवलिंग – इतिहास सुधार का अवसर ???? दिनांक 31 जुलाई 2025

चंदौली।
नियामताबाद ब्लॉक के धपरी गांव, जिसका प्राचीन नाम धरमपुर है, में खुदाई के दौरान प्रकट हुए भोलेनाथ जी के शिवलिंग को विश्व हिंदू परिषद ने इतिहास की पूर्व में हुई गलतियों को सुधारने का एक स्वर्णिम अवसर बताया है।

विश्व हिंदू परिषद का मानना है कि यह घटना केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि हमारे गौरवशाली अतीत की पुनर्स्थापना का भी अवसर है। इसी सुधार की प्रक्रिया को गति देने हेतु संगठन के पदाधिकारी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक से मिले और पत्रक सौंपा।

परिषद ने मांग की कि इस स्थान की पुरातत्व विभाग से जांच कराई जाए तथा ग्राम सभा की बंजर भूमि, जो कि परी माता मंदिर एवं ब्रह्म बाबा मंदिर का स्थान है, पर अवैध रूप से निर्मित इमामबाड़ा को तत्काल ध्वस्त कराया जाए। परिषद का कहना है कि यहां प्राप्त प्राचीन मूर्तियां और अवशेष स्पष्ट प्रमाण हैं कि इस स्थल पर पूर्व में एक विशाल मंदिर विद्यमान था।

इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारी—
जिला मंत्री शशि मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष नीना वैश, जिला कोषाध्यक्ष योगेश अभी, जिला संपर्क प्रमुख रामअवतार तिवारी  जिला मातृशक्ति प्रमुख आराधना गुप्ता,  नगर अध्यक्ष संजय सिंह, नगर उपाध्यक्ष शैलेश तिवारी, नगर मंत्री रंजीत योगी, नगर संयोजक बजरंग दल शुभम जायसवाल, सह नगर मंत्री आलोक जायसवाल उपस्थित रहे।

— संजय रस्तोगी
जिला प्रचार प्रसार प्रमुख
विश्व हिंदू परिषद, चंदौली
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर – चंदौली

???? जय श्री राम ????

पांच द्विवसीय रामकथा का हुआ समापन -मिर्जापुर शेरवा खखड़ा गांव में आयोजितपांच दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया था ।कथा अंतिम दिन कथावाचक परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। परम पूज्य मंगलम दीपक महाराज ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान मुख्य अतिथि चकिया विधायक कैलाश आचार्य, उमापती पाठक पूर्व प्रधान, मंगल मिश्रा, सुजीत मोदनवाल, सूर्य बली यादव, चंद्रभूषण त्रिपाठी, वशिष्ठ नरायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, अवधेश मिश्रा, मनोहर, प्रसिद्ध तबला वादक अनिल द्विवेदी, बबलू तिवारी, सहित सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित थे।