पंचायत भवन हुआ जर्जर ग्रामीण हलकान
चहनियां चन्दौली

रिपोर्ट मनोज मिश्रा

पंचायत भवन हुआ जर्जर ग्रामीण हलकान
चहनियां चन्दौली
सथानीय विकास क्षेत्र के प्रभुपुर गांव में प्रधान की निष्क्रियता व अधिकारियों के उदासीनता के कारण पंचायत भवन जर्जर हो चुका है। जिससे विकास कार्यो का संचालन नही हो पा रहा है। वही ग्रामीण ग्राम प्रधान के घर जाकर उनके आगे-पीछे चक्कर लगाने को विवश हो गये है। वही ग्रामीणों का कहना है कि हम लोग जब आय, जाति या किसी अन्य कार्य के लिए पंचायत भवन पर जाते है। तो वहा कोई नही मिलता और ग्राम पंचायत सचिव का तो कही अता पता नही लगता है। जिससे लोग हलकान हो जाते है। वही ग्रामसभा में पंचायत भवन को लेकर लोगो में आक्रोस पनप रहा है कारण यह कि किसी भी कार्य के लिए पंचायत भवन जाकर लोग अपना कार्य आसानी से करा लेते लेकिन ग्राम प्रधान की निष्क्रियता के कारण अज्ञात लोगां द्वारा दरवाजा खिड़की इत्यादि सामान उखाड़ कर गायब कर दिये और सारा कार्य ग्राम प्रधान के निवास स्थान से संचालित किया जाता है। वही ग्रामीणां ने यहा तक कहा कि ग्राम प्रधान एक अड़ियल स्वभाव का व्यक्ति है और कहता है कि जो हम चाहेगे वही होगा आप लोगो के मन से कोई भी कार्य नही होगा। वही ग्राम पंचायत सचिव ज्ञानेन्द्र कुमार उनके आगे बौने साबित हो रहे है। इस संबंध में विकास अधिकारी राजेश नायक का कहना है कि मामला संज्ञान में नही नही है। अगर ऐसा है तो जांच कर कार्रवाई की जायेगी।

???? मानवाधिकार न्यूज़ विशेष रिपोर्ट
???? पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, उत्तर प्रदेश
????️ दिनांक: 27 जून 2025

कांशी राम आवास ओडवार में युवक पर जानलेवा हमला — तीन आरोपी गिरफ्तार

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के कांशी राम आवास ओडवार में रहने वाले भगत कुमार, पुत्र राजेंद्र प्रसाद, पर तीन लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया।

घटना उस समय की है जब भगत कुमार अपने कार्य से लौट रहे थे। प्रमोद कुमार (पुत्र मेवा लाल), शिवम सैनी (पुत्र स्व. शंभू माली), और बाबू सोनकर (पुत्र विनोद सोनकर) — इन तीनों ने शराब के नशे में पहले बहस की और फिर मिलकर भगत कुमार की बेरहमी से पिटाई की। साथ ही उनके पास रखे पैसे भी छीन लिए।

घटना की सूचना पर पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और तीनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है।

भगत कुमार को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

मानवाधिकार न्यूज़ प्रशासन से अपेक्षा करता है कि इस गंभीर मामले में कानूनी कार्रवाई शीघ्रता से पूरी की जाए और पीड़ित को न्याय दिलाया जाए।

दीनदयाल नगर: संघ की नगर इकाई द्वारा वन विहार कार्यक्रम सम्पन्न

???? स्थान: श्री महालक्ष्मी महरौड़ी देवी मंदिर, भुपौली
दिनांक: [6.7.2025]

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नगर इकाई दीनदयाल नगर द्वारा आज श्री महालक्ष्मी महरौड़ी देवी मंदिर, भुपौली के पावन प्रांगण में वन विहार कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शाखा का आयोजन, सामूहिक बौद्धिक, देशभक्ति गीत और सामूहिक भोजन की सुंदर व्यवस्था की गई थी।

कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयंसेवकों में प्रकृति से जुड़ाव, संगठनात्मक समरसता तथा सनातन परंपराओं की प्रेरणा को सजीव करना रहा।
इस पावन अवसर पर मुख्य अतिथि काशी विभाग सामाजिक सद्भाव प्रमुख अनिल जी ने अपने उद्बोधन में कहा:

> “इस दिव्य प्रांगण में कभी त्रिदंडी बाबा और अवधूत बाबा को ज्ञान प्राप्त हुआ था। आज संघ का वन विहार कार्यक्रम यहां आयोजित होना अपने आप में एक सौभाग्य की बात है। यह स्थान आध्यात्मिक चेतना और संघ की विचारधारा को जोड़ने का सशक्त माध्यम है।”



???? कार्यक्रम का समापन सह नगर कार्यवाह रोहित जी द्वारा किया गया।
???? कार्यक्रम संचालन एवं व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों में:

नगर संघचालक संजय जी

नगर प्रचारक अंकित जी

प्रचार विभाग से घनश्याम जी, रोहित जी, सुमित जी, मलय जी, बलराम जी

वरिष्ठ कार्यकर्ता रामधार चौहान जी एवं संजय रस्तोगी जी
आदि की विशेष उपस्थिति रही।


कार्यक्रम के माध्यम से स्वयंसेवकों ने न केवल राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत किया, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भी संकल्प दोहराया।

मनुष्य के हृदय में होता है भगवान का वास-पंडित शक्ति मुगलसराय चन्दौली तारा जीनपुर क्षेत्र स्थित सहरोई गांव में विगत पांच वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्री हनुमान जयंती के पावन अवसर नवयुवक मंगल दल सहरोई के तत्वाधान में सप्त दिवसीय संगीमय श्रीराम कथा का आयोजन किया गया है। कथा के दूसरे दिन पंडित शक्ति तिवारी ने नारायण के दिव्य अवतार को समझाते हुए कहा की भगवान का अवतार प्रत्येक मनुष्य के हृदय वेश में होता है। अवतार को समझाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान अपनी भावना को छोड़कर के धेनु, सुर, संत, हित में लिन्ह, मनुज अवतार भगवान ब्राह्मणों के गाय माता, के और संतों के हितों के लिये धरती पर मनुष्य का शरीर धारण करके आते हैं। इसी को समझाते हुए भगवान के बाललीला का भी वर्णन किया और उन्होंने बतलाया की चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ एक पुत्र के लिए रो रहे थे और गुरु वशिष्ट के द्वारा श्रृंगी ऋषि के पुत्र प्राप्ति यज्ञ करने से तुमको चार-चार पुत्रों की प्राप्त हुयी। इसी के बाद चारों पुत्रों का नामांकरण गुरु वशिष्ट के द्वारा करवाते हुए इन्होंने बतलाया की विश्वामित्र जो की महान ऋषि थे। असुरों का समूह जब उन्हें सताया तो उन्हें भी भगवान को मांगने की जरूरत पड़ी और विश्वामित्र सनाथ हुये और भगवान वन में तारकासुर का एक ही बाण में बध कर दिये। मारीच व सुबाहु को अग्निबाण से यज्ञ की रक्षा की। इस दौरान सैकड़ां लोगो का जन सैलाब उमड़ा रहा। कार्यकर्ता राहुल मिश्रा, अमित मिश्रा, रोहित, पवन, शिशु मिश्रा, विराट, उमेश, महानंद, दिनेश, शुभम, गोलू, तबला वादक अनिल तिवारी, सैकड़ां श्रद्धालु उपस्थित रहे।