मानवाधिकार न्यूज़ -: काली जी का सरोवर तट 21 हजार दीपों की रोशनी से रविवार की सायं जगमगा उठा

संवाददाता -: प्रदीप कुमार शर्मा

“चकिया, चंदौली। नगर स्थित ऐतिहासिक काली जी का सरोवर तट 21 हजार दीपों की रोशनी से रविवार की सायं जगमगा उठा। वहीं देव दिपावली के पावन पर्व पर नगर के पूर्वी बाजार स्थित दुर्गा मंदिर परिसर को मिट्टी के बने हजारों दीपों से सजाया गया। हजारों लोगों ने भब्य जलते दीपों को कैमरे में कैद किया। काली जी पोखरे को ओम सेवा समिति की ओर से सजाया गया। जिसका शुभारंभ नगर पंचायत के चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया।”
बता दें कि देव दिपावली के पावन पर्व पर हर साल की भांति इस बार भी ओम सेवा समिति की ओर से देव दीपावली का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष ऐतिहासिक मां काली जी सरोवर परिसर को 21 हजार दीपकों से सजाया गया। इस ऐतिहासिक क्षण को लोगों ने अपने आंखों व मोबाइल के कैमरों में कैद किया।

समिति के पदाधिकारी व सदस्यों की टोली कार्यक्रम स्थल को सजाकर आकर्षण का केंद्र बना दिया। सरोवर के चारों दिशाओं में सजाए गये मिट्टी के दीयों को युवाओं की टोली ने जगमग कर दिया। सरोवर घाट पर जगह, जगह ऊँ, स्वास्तिक के जगमग दिए लोगों को बरबस ही आकर्षित करने लगे। आसमान में रंगबिरंगे आतिशबाजी ने लोगों का मन मोह लिया।

प्राचीन हनुमान मंदिर के पास चल रही मांस की दुकान बंद

पंडित दीनदयाल नगर के ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर में स्थित प्राचीन हनुमान जी के मंदिर के ठीक बगल में पिछले ढाई महीने से बूचड़खाना एवं मांस की दुकान संचालित हो रही थी। इस मामले की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय ग्रामवासियों के साथ मिलकर प्रकरण को गंभीरता से उठाया और दुल्हीपुर चौकी को सूचना दी।

सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी अपने एक कांस्टेबल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के बाद पुलिस ने दुकान मालिक को तुरंत दुकान बंद करने का आदेश दिया।

स्थानीय ग्रामीणों एवं विश्व हिंदू परिषद–बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा का ध्यान रखा जाना आवश्यक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए स्थायी कदम उठाए जाएं।

धनतेरस पर झाडुओं की हुयी जमकर ब्रिकीआर्थिक मंदी का दिखा नजाराचहनियॉ चंदौली।धनतेरस के पावन पर्व पर स्थानीय कस्बा व बाजारों में काफी चहल-पहल देखी गयी तथा आर्थिक मंदी के चलते लोगों ने झाड़ूओं की जमकर खरीददारी की तथा जिधर देखे उधर ही दुकानां पर लोग झाड़ूआें की खरीद फरोख्त करते देखे गयें।भगवान धनवन्तरी महाराज की लोगों ने पूजन अर्चन किया तथा अपने सामर्थ्य के अनुसार लोगो ने वर्तन वगैरह तथा लक्ष्मी गणेश की मिट्टियों की खरीददारी कर आस्था की पूर्ति की।इस प्रकार बाजारों तथा कस्बों में देर रात्री तक काफी चहल-पहल देखी गयी मिंदरां में लोगों ने पूजन अर्चन कर मत्था टेका तथा मंगलमय होने की कामना व्यक्त किया। इस प्रकार बलुआ, पपौरा, मोहरगंज, रमौली, मारूफपुर, टाण्डाकला, रामगढ़, कस्बों व बाजारों में धनतेरस पर कफी चहल पहल देखी गयी।