बिगत तीन माह से हाईटेंशन तार लटका, विभाग अनजान चाहनिया चंदौली

बिगत तीन माह से हाईटेंशन तार लटका, विभाग अनजान

चहनियॉ चन्दौली।

क्षेत्र के चहनिया और रमौली गांव के सिवान में 11000वोल्ट का हाई टेंशन तार कई महीनों से लटके खंभे के सहारे चल रहा है। मुन्नर यादव के खेत से गुजरने वाले इस तार को लेकर किसानों में हादसे का डर बना हुआ है। किसानों का कहना है कि बिजली विभाग की यह लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। इस क्षेत्र में कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर से जुताई और पंपिंग सेट से सिंचाई होती है, जिससे हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती है। लटके खंभे के कारण खेत के कुछ हिस्से की जुताई-बुवाई भी नहीं हो पाती है। स्थानीय किसान बनारसी यादव, जितेंद्र मौर्य ने बताया कि इस लटके खंभे के गिरने से बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने कई बार चहनिया विद्युत उपकेंद्र पर शिकायत की, लेकिन कर्मचारी निरीक्षण के बाद इसे ठीक करने दोबारा नहीं आते। ठीक ऐसी ही स्थिति महुआरी खास गांव के पास मुख्य मार्ग पर भी है, जहां कई महीनों से लटके खंभे से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। किसानों ने बताया कि इस समय धान की कटाई हो गयी है अगर बिजली विभाग तत्परता दिखाये तो उसे कराया जा सकता है लेकिन जेई द्वारा किसानों की समस्या पर ध्यान नही दिया जा रहा है। वही इस संबंध में जेई सुभाष यादव का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में नही अगर ऐसा है तो जांच करवाकर उसे सही करवाया जायेगा। किसानो का कहना है कि हम लोग कई बार इसकी शिकायत चहनिया विद्युत सबस्टेशन पर की गयी लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई वही किसानों ने इस ओर जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट करवाते हुए उसे अविलम्ब सही करवाएं जाने की मांग की है।

आरएसएस शताब्दी वर्ष पर हुआ पथ संचलनचहनिया चंदौलीक्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी 100वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा पूर्ण कर शताब्दी वर्ष का शुभारंभ कस्बे के एक कॉन्वेंट स्कूल में उत्सव के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवकों सहित समाज के प्रमुख जनसमुदाय ने सहभागिता की। आयोजन की शुरुआत ध्वजारोहण, शस्त्र पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शिवपूजन जी ने भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। सह कार्यवाह रविन्द्र ने संबोधन में कहा कि राम मंदिर का निर्माण संघ के वर्षों के अथक प्रयासों का परिणाम है। संघ वैदिक और सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जो ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के मार्ग पर चलता है। संघ चालक रविन्द्र ने उद्बोधन में कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है। संघ ने बीते 100 वर्षों में समाज को संगठित कर एक ध्येय पथ पर अग्रसर किया है। आज देश के कोने-कोने में संघ की शाखाएं कार्यरत हैं। हिंदुत्व समन्वय का विचार है, जिसमें बौद्ध, जैन, सिख सभी धर्मों को स्थान प्राप्त है। “रामराज्य और हिंदू राष्ट्र दो नहीं, एक ही उद्देश्य के रूप हैं,” ऐसा कहते हुए उन्होंने राष्ट्रभक्ति, सेवा और अनुशासन के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। वही संघ संचालक ने कहा कि स्वदेशी अपना कर अपने देश को मजबूत किया जा सकता आप सभी से लोग स्वदेशी सामानों का उपयोग व उपभेग करे हमारा देश तरक्की कर सके। कार्यक्रम के उपरांत पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों का पथ बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल से चहनिया बाजार मार्ग से होते हुए बृजनंदनी कॉन्वेंट स्कूल पर आकर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में सह खंड कार्यवाहक सुमन, संचालक शिवपूजन तिवारी, विभाग संघ दीपक, संघ चालक रविन्द्र, मुकेश, आशीष, अमरीश, अमरीश सिंह भोला, सूर्यमुनि तिवारी, अमित, चन्दन, इंद्रसेन सहित अनेक स्वयंसेवक संघ के सदस्य उपस्थित रहे।

प्रभु श्रीराम की बारात का मंचन देख दर्शक हुए गदगद चहनिया चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के चौथे दिन बृहस्पतिवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ शुभारम्भ किया गया। धनुष टूटते ही राजा जनक के राजपुरोहित शतानंद जी क आदेशानुसार अयोध्या में खबर भेजवाया गया और वहा से बारात सज-धजकर मिथिला के रवाना हो गई। बारात में दर्जनों घोड़ा, हाथी, ऊट, कई जोड़ बैण्ड बाजा के साथ हजारों बाराती बारात की शोभ बढ़ा रहे थे। जो आक्रषण का केन्द्र बना रहा।गांव वासियों ने जगह-जगह पुष्प की वर्षा व आरती करते नजर आये। बारात में कई झांकियां आक्रषण का केन्द्र बनी रही। भगवान शिव और उनकी गणों की झांकी विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। बारात पूरे गांव का भ्रमण कर रामलीला स्थल पर पहुचा जहा चारो ओर रीराम के जयकारे व हर-हर महादेव गगनभेदी नारे से गुजांयमान रहा। तत्पश्चात लोगों में महाप्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ो कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।