घने कुहरे व बर्फीली हवाओं से ठंड में इजाफा चहनिया चंदौली 

घने कुहरे व बर्फीली हवाओं से ठंड में इजाफा चहनिया चंदौली

क्षेत्र में शनिवार की सुबह से घना कोहरा छाए रहने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बर्फीली हवाएं चलने से ठंड के बाद अब कोहरे की बढ़ती तीव्रता ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होने के कारण आवाजाही प्रभावित हो रहा है।

घने कोहरे का सबसे अधिक असर स्कूल जाने वाले छात्रों और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। सुबह के समय सड़कों पर कुछ ही दूरी पर दिखाई देना मुश्किल हो जा रहा है, जिससे बच्चों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो गई है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है।

कोहरे और ठंड की वजह से लोग देर सुबह तक अपने घरों में ही रहने को मजबूर हैं। दैनिक कार्यों और व्यापार पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वांचल के कई जनपदों में ठंड के साथ-साथ घना कोहरा छाया हुआ है। वाराणसी मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों में आगामी तीन से चार दिनों तक घने कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना है। इस दौरान ठंड और गलन में और बढ़ोतरी हो सकती है। बढ़ती ठंड और गलन को देखते हुए क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से चट्टी-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाने की मांग की है, ताकि जरूरतमंदों और राहगीरों को राहत मिल सके।

विद्यालय में जर्जर पीपल का पड़ टूटी चहारदिवारी से खतराजागरण संवादाता चहनिया चन्दौली।क्षेत्र स्थित कम्पेजिट विद्यालय लक्षमनगढ़ में विद्यालय की चहार दिवारी गुणवत्ता विहीन बनने के कारण जगह-जगह टूट कर क्षतिग्रस्त हे गयी। साथ विद्यालय प्रागण से सअे विशालकाय जर्जर पीपल का पेड़ भारी दुर्घटना को दावत दे रहा है। इतनी बड़ी गम्भीर समस्या से विद्यालय सबंधित अध्किारी, ग्राम प्रधान जिले के अधिकारी मौन साधे हुए है।गौरतलब तो यह है कि प्रायः बच्चे विद्यालय के प्रागण में ख्ेलते नजर आते है और चहारदिवारी अूटी होने के कारण वह कब विद्यालय से बाहर हो जायेगे इसका किसी को अंदाजा नही रहता। इतना ही बलिक बच्चे खेलते-खेते उसी विशालकाय जर्जर पीपल के बृक्ष के नीचे आकर बैठ जाते है और वह पेड़ कब गिर जायेगा इसे कोई नही बता सकता। जबकि इस वर्ष पेड़ काफी पुराना होने के कारण भयंकर वारिष व तेज हवा के कारण वह 75अंश के कोण पर आकर टिका हुआ वह कब जमीदोज हो जायेगा यह भगवान भरोसे ही है। जबकि गौर करे तो विद्यालय प्रांगण में अगर बारिश हो जाय तो जलजमाव का होना तय है। वही ग्रामीणां सहित गाव के सम्भ्रान्तां का कहना है कि शिक्षा के विभाग के आलाधिकारी तत्काल मामले को गम्भीरता से लेते हुए जर्जर पीपल को कटवाते हुए टूटी हुई चहारदिवारी को अविलम्ब बनवाये जाने की मांग की है। ताकि समय रहते भारी घटना को रोका जा सके। इस संदर्भ में एबीएस सुरेन्द्र सहाय ने बताया मामला संज्ञान में नही जाचं कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।