गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञापुराण प्रवचन के पूर्व हुआ भूमिपूजन मुगलसराय चन्दौली 

गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञापुराण प्रवचन के पूर्व हुआ भूमिपूजन
मुगलसराय चन्दौली
गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण प्रवचन का शुभारंभ 26दिसंबर से पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर के सुभाष नगर स्थित कोट माता मंदिर प्रांगण में किया जाएगा। यह धार्मिक आयोजन 30दिसंबर को संपन्न होगा। इसी कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को भूमि पूजन का आयोजन भी किया गया। विधि-विधान के साथ भूमि पूजन का कार्यक्रम गायत्री महाजप के साथ संपन्न हुआ। इसके बाद हुए भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। गायत्री शक्ति पीठ के मुख्य ट्रस्टी उदय नारायण उपाध्याय ने बताया कि आने वाले 26तारीख से गायत्री महायज्ञ व प्रज्ञा पुराण कथा होगी। पहले ही दिन गायत्री शक्तिपीठ पराहुपुर से कलश यात्रा निकलेगी जो नगर भ्रमण के बाद सुभाष नगर स्थित कोट माता मंदिर के प्रांगण में यज्ञ स्थल पर समाप्त होगी। 30दिसंबर को महायज्ञ का आयोजन होगा जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है।

प्रभु श्रीराम की बारात का मंचन देख दर्शक हुए गदगद चहनिया चन्दौली। क्षेत्र स्थित कल्यानपुर सेवा समिति के तत्वाधान में चल रहे रामलीला मंचन के चौथे दिन बृहस्पतिवार रात में शुरुआत में प्रभु श्रीराम की आरती के साथ शुभारम्भ किया गया। धनुष टूटते ही राजा जनक के राजपुरोहित शतानंद जी क आदेशानुसार अयोध्या में खबर भेजवाया गया और वहा से बारात सज-धजकर मिथिला के रवाना हो गई। बारात में दर्जनों घोड़ा, हाथी, ऊट, कई जोड़ बैण्ड बाजा के साथ हजारों बाराती बारात की शोभ बढ़ा रहे थे। जो आक्रषण का केन्द्र बना रहा।गांव वासियों ने जगह-जगह पुष्प की वर्षा व आरती करते नजर आये। बारात में कई झांकियां आक्रषण का केन्द्र बनी रही। भगवान शिव और उनकी गणों की झांकी विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। बारात पूरे गांव का भ्रमण कर रामलीला स्थल पर पहुचा जहा चारो ओर रीराम के जयकारे व हर-हर महादेव गगनभेदी नारे से गुजांयमान रहा। तत्पश्चात लोगों में महाप्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान अवधेश चौबे व्यास, अरुण कुमार, जयप्रकाश चौबे, मारकंडे पांडे, अशोक कुमार, घनश्याम सिंह, शमशेर सिंह, अजय चौबे, मनोज चौबे, प्रमोद चौबे, राकेश चौबे, केसर यादव, बबलू यादव, अनुज चौबे, त्रिलोक, टुनटुन, हिमांशु, इत्यादि सैकड़ो कार्यकर्ता व भक्त उपस्थित थे।

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कथा प्रसंग सुनकर भक्त हुए निहाल चहनियां चन्दौली क्षेत्र के पक्खोपुर गांव में श्री त्रिदण्डी स्वामी के शिष्य सुन्दरदास यति जी महराज ने अपने मुखार विन्दु से भगवान विष्णु के अवतारों, विशेष रूप से भगवान कृष्ण की लीलाओं और भक्ति योग का वर्णन किया। स्वामी जी ने बताया कि जब-जब धरा पर पाप का बोझ बढ़ जाता है तब-तब भगवान को किसी न किसी रूप में अवतार लेकर पापियो का ाश कर आमजन को मुक्ति दिलाना है। जब कंस का पाप चरमोकर्ष पर पहुच गया तब नाथ नारायण ने श्रीकृष्ण रूप में जन्म लेकर कंस का अंत करके मथुरा का उद्धार किया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव कथा का प्रसंग सुनकर भक्त निहाल हो गये। इस दौरान जिउत बन्धन यदव, राजेश सिंह, प्रभाकर सिंह, निरज पाण्डेय, पंकज पाण्डेय, दीपक सिंह, ओमप्रकाश सिंह, अशोक, सारनाथ, प्रेमकुमार सिंह सहित सैकड़ो ग्रामवासी मौजूद रहे – चाहनिया चंदौली