काशी के मंदिरों से हटाई जा रही साईं बाबा की मूर्ति, सनातन रक्षक दल ने हटाई 14 मूर्तियां, 100 मंदिरों की लिस्ट तैयार

वाराणसी।  काशी के मंदिरों से साईं बाबा की मूर्तियों को हटाने का अभियान चल रहा है। सनातन रक्षक दल और केंद्रीय ब्राह्मण महासभा ने अभियान चलाकर तीन दिनों में 14 मंदिरों से साईं बाबा की मूर्तियों को ससम्मान हटवाया है. इस अभियान की अगुवाई सनातन रक्षक दल और केंद्रीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पं. अजय शर्मा कर रहे हैं। उनका कहना है कि काशी के मंदिरों में केवल सनातन देवी-देवताओं की मूर्तियां होनी चाहिए, और साईं बाबा को पूजा जाने की कोई आवश्यकता नहीं है।


कुछ दिनों पहले लोहटिया स्थित बड़ा गणेश मंदिर में साईं बाबा की विशाल प्रतिमा को रातोंरात हटा दिया गया। इस दौरान न तो मंदिर के प्रबंधन ने और न ही अन्य भक्तों ने इसका विरोध किया। हालांकि, इसके अगले दिन इस घटना को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। पं. अजय शर्मा ने इस मुद्दे पर कहा, “धर्म एवं ज्ञान की नगरी काशीपुरी में जब 33 करोड़ देवी-देवता विद्यमान हैं, तो साईं बाबा की पूजा करने की आवश्यकता क्या है?” उन्होंने यह भी कहा कि जो हिंदू अपनी परंपराओं को भूलकर पौराणिक देवस्थानों पर साईं बाबा को पूजित कर रहे हैं, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

विशाल भंडारे के साथ सात द्विवसीय रामकथा का हुआ समापनमुगलसराय चन्दौली।अलीनगर थाना क्षेत्र स्थित सहरोई गांव में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्री हनुमान जयंती के पावन शुभ अवसर पर नवयुवक मंगल दल सहरोई के तत्वाधान में सात दिवसीय संगीतमय रामकथा का आयोजन किया गया है। कथा अंतिम दिन पंडित शक्ति तिवारी ने कथा में बताया कि नारायण की कृपा कब किसपर बरस जायेगी उसको कोई नहीं जान पाता जिस प्रकार प्रभु श्रीराम की कृपा हनुमान जी पर हुई, सुग्रीव जी व विभिषण जी पर हुई। निच्छल भाव से युक्त जीवन यापन करने वालो पर कब प्रभु की कृपा हो जायेगी उसको तो वही जान सकते है। चंचल चित जीव सुग्रीव जिस पर रघुनाथ जी की कृपा हुई और विभिषण जी के पूरा राजपाठ ही दे दिया और अपने परम शिष्य हनुमान जी पर अपनी कृपा बरसा कर उन्हे अमरता का वरदान दिया और अष्ट सिद्धियां प्रदान कर दी। शक्ति तिवारी ने बतलाया की जीवन में यदि जीना सीखना है तो रामचरितमानस का चरण, शरण ,ग्रहण करना चाहिए रामचरितमानस हमको जीना सिखाती है भाई भाई के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, माता-पिता के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, पिता और पुत्र के प्रति प्रेम कैसा होना चाहिए, यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के जीवन से सीखा जा सकता हैऔर उन्होंने बतलाया की मनुष्य का शरीर साधन का धाम है मोक्ष का दरवाजा है और इस सांसारिक भव कुप से बाहर निकालने के लिए केवल और केवल एक नाम ओम, राम, शिव इन्हीं तीन नाम में से एक का जाप करें इसी में हम सब का कल्याण है और उन्होंने बतलाया की भगवान ज्ञान से मिले या ना मिले वैराग्य से मिले या ना मिले लेकिन प्रभु प्रेम से जरूर मिल जाते है।वही कथा के अतिम दिन विशाल भंडारे का आयोजन प्रसाद वितरण किया जिसमें हजारो नर-नारी बूढ़े-जवान बच्चे शामील रहे। इस दौरान राहुल मिश्रा समाजसेवी, अमित मिश्रा, रोहित, पवन, शिशु, विराट, उमेश, महानंद, दिनेश, शुभम, गोलू, तबला वादक अनिल तिवारी निक्कीरशिक, प्रद्युम्न, सैकड़ो श्रद्धालु उपस्थित रहे।

नासूर बनती जा रही चहनियां में जाम की समस्याचहनिया चन्दौलींशासन के लाख प्रयास के बावजूद भी चहनियॉ बाजार में अतिक्रमण व सड़कां पर ठेला, खोमचा व टेम्पों चालकां की मनमानी तथा सड़कों पर आड़े-तिरछे खड़े वाहनों से प्रायः जाम व झाम की समस्या का दंश झेलना पड़ रहा है। पुलिस के लाख प्रयासों के बावजूद भी चहनियॉ वाया बलुआ मार्ग शिवमन्दिर के पास अबैध टेम्पों स्टैण्ड में लगी टेम्पुओ की लम्बी कतार तथा कस्बा से सैदपुर मार्ग पर टेम्पों व वाहनों को आड़े तिरछे खड़ा कर देने से जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। कभी-कभी तो सवारियों के बैठाने को लेकर बाद-विवाद व लड़ाई झगड़ा की नौबत आ जाती है। बावजूद भी स्थानीय पुलिस पिकेट पर न रहकर चाय-पान की दुकानों पर आराम फरमाते दिखे जाते है। वही लोगों ने दबी जुबान बताया कि अबैध टेम्पों स्टैण्ड के कारण आयेदिन जाम लगता जो स्टैण्ड पुलिस प्रशसन के संरक्षण फलता-फूलता रहता है। वही लोगों ने शासन प्रशासन से यथाशीघ्र बाजार में अतिक्रमण व जाम की समस्या से निजात दिलाये जाने की मांग किया है।