जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में सदर तहसील सभागार में हुआ सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन – चंदौली/दिनांक 05 जनवरी, 2026

जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में सदर तहसील सभागार में हुआ सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन – चंदौली/दिनांक 05 जनवरी, 2026

आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए सोमवार को जिलाधिकारी चन्द्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे की अध्यक्षता में जिलास्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस सदर तहसील सभागार में आयोजित हुई।
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 68 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ जिसमें 06का मौके पर निस्तारण किया गया। दो पर टिम भेजी गई तथा शेष को संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी- पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों ने आये हुए फरियादियों के समस्याओं की गम्भीरता पूर्वक सुनवाई करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को समयबद्धता के साथ गुणवत्तापरक निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों निर्देश दिया कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन कर ग्रामीणों को लाभ दिलाए। इसके अलावा सरकारी विभागों से संबंधित चल रही निर्माण कार्य का सम्बन्धित विभाग समय-समय पर गुणवत्ता जांचते रहे।
जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसमस्याओं का निस्तारण करते हुए गरीब व पीड़ित व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर न्याय दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का निस्तारण शासन की प्राथमिकताओं में है, इसलिए सभी अधिकारी रूचि लेकर गुणवत्तायुक्त ढंग से निस्तारण सुनिश्चित करे। उन्होंने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी लेखपाल द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही प्राप्त होने पर उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वाई के राय, उप जिलाधिकारी दिव्या ओझा,पी डी डी आरडीए बी बी सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर देवेन्द्र मौर्य,जिला पंचायती राज अधिकारी, डिप्टी आरएमओ, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थानाध्यक्ष, खंड विकास अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर वार्ड नंबर 7 महमूदपुर कैलाशपुरी जोड़ने वाला रोड जर्जर हालत में, जिम्मेदार बेपरवाह

मानवाधिकार न्यूज़, चंदौली:
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के वार्ड नंबर 7 में महमूदपुर से कैलाशपुरी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुका है। यह सड़क करीब 5 वर्ष पूर्व बनाई गई थी, लेकिन अब इसमें बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दिनों में इस सड़क पर चलना बेहद खतरनाक हो जाता है। आए दिन दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह सड़क अब जानलेवा बन चुकी है।

सबसे गंभीर बात यह है कि इस सड़क की दुर्दशा की जानकारी कई बार सभासद और नगर निगम अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों में नगर प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है और वे सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक वे बदहाल सड़कों पर चलने को मजबूर रहेंगे?

स्थानीय नागरिकों ने मानवाधिकार न्यूज़ के माध्यम से नगर निगम से अपील की है कि इस सड़क की मरम्मत शीघ्र कराई जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके और भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।